सपा के राष्ट्रीय अधिवेशन पर ‘मुलायम-वार’, तीसरी बार रामगोपाल निष्कासित

लखनऊ। जनेश्वर मिश्र पार्क मे रविवार को प्रोफेसर रामगोपाल यादव की अध्यक्षता मे हुए राष्‍ट्रीय अधिवेशन मे सपा नेताओं और कार्यकर्ताओ ने बढचढकर हिस्सा लिया। इस सम्मेलन मे मुख्यमन्त्री अखिलेश यादव को समाजवादी पार्टी का राष्‍ट्रीय अध्यक्ष बना दिया गया। इसके साथ ही शिवपाल यादव को प्रदेश अध्यक्ष पद से हटा दिया गया, वहीं राष्‍ट्रीय महासचिव अमर सिंह को भी पार्टी से बाहर कर दिया गया।

अधिवेशन से नाराज मुलायम सिंह यादव ने पत्र जारी करते हुये कहा कि रामगोपाल द्वारा बुलाए गए पार्टी के अधिवेशन को असंवैधानिक ठहराने के अलावा उन्‍होंने अधिवेशन में जो नियुक्तियां हुई हैं उन्‍हें भी अवैध करार दिया है। साथ ही उन्‍होंने एक बार फिर से रामगोपाल यादव का पार्टी से 6 साल के लिए निष्‍कासित कर दिया है।




रामगोपाल ने सम्‍मेलन को संबोधित करते हुए तीन प्रस्‍ताव रखे। राष्‍ट्रीय सम्‍मेलन में पार्टी के महासचिव रामगोपाल यादव ने मुलायम सिंह की जगह अखिलेश यादव को राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष बनाने का प्रस्‍ताव रखा जिसे सहमति मिल गई। अखिलेश यादव ने सम्मेलन के माध्यम से अपना शक्ति प्रदर्शन भी किया, अखिलेश को पार्टी मे भारी पढ़ता देखकर रामगोपाल यादव ने शिवपाल यादव को सपा प्रदेश अध्‍यक्ष पद से हटा दिया और अमर सिंह यादव को पार्टी से निष्‍कासित कर दिया। इसके साथ ही मुलायम सिंह को पार्टी के संरक्षक के तौर पर ज़िम्मेदारी दी गई। प्रो॰ रामगोपाल यादव ने कहा यह सारे फैसले राष्‍ट्रीय कार्यकारिणी की सर्वसम्मति से ली गई हैं।

सम्‍मेलन को संबोधित करते हुए अखिलेश यादव ने कहा, “हमारे लिए नेताजी का स्‍थान सबसे ऊंचा और महत्‍वपूर्ण है। वो मेरे पिता हैं और इस रिश्‍ते को कोई खत्‍म नहीं कर सकता। अगर कोई नेताजी के खिलाफ साजिश करे तो उनका बेटा होने के नाते मेरी जिम्‍मेदारी है कि मैं उसे सामने लेकर आऊं।” अखिलेश ने आगे कहा कि आने वाले चुनाव में हमारी सरकार फिर से बनने की सबसे ज्‍यादा खुशी नेताजी को ही होगी।




इस सम्‍मेलन में जहां अखिलेश अपना शक्ति प्रदर्शन कर रहे थे वहीं शिवपाल और मुलायम सिंह यादव ने दूरी बनाते हुए इसमें शामिल ना होने के लिए कार्यकर्ताओं को भी निर्देश जारी किए थे। जहां एक तरफ सम्‍मेलन चल रहा था वहीं मुलायम सिंह और शिवपाल के बीच बैठक जारी थी।

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