सपा कार्यकर्ता और पदाधिकार एकजुट होकर लड़ें निकाय चुनाव: अखिलेश यादव

सपा कार्यकर्ता और पदाधिकार एकजुट होकर लड़ें निकाय चुनाव: अखिलेश यादव

लखनऊ। समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सोमवार को बयान जारी कर समाजवादी पार्टी के समस्त कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों से स्थानीय निकाय चुनावों में एक जुट होकर मुकाबला करने को कहा है।

सपा मुख्यालय की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक अखिलेश यादव ने कहा है कि पार्टी की जीत लोकतंत्र, समाजवादी विचारधारा और समाजवादी सरकार की उपलब्धियों की जीत होगी और फासिस्ट तथा सांप्रदायिक राजनीति की पराजय होगी। इस जीत से देश-प्रदेश में स्वच्छ और नैतिक राजनीति को बल मिलेगा।

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यादव ने कहा कि सपा सरकार ने पांच सालों के अपने कार्यकाल में शहरों और गांवों के विकास की संतुलित योजनाएं बनाई थीं। महानगरों में मूलभूत सुविधाएं बढ़ाने के साथ गांवों में सम्पर्क मार्ग और चारलेन सड़के बनाने का काम भी किया गया था। स्वास्थ्य, शिक्षा, परिवहन और बिजली-पानी -सीवेज की भी व्यवस्थाएं हुई थीं।

आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे, मेट्रो रेल, आईटी हब, मेडिकल कालेज, कैंसर संस्थान, अमूल दुग्ध प्लांट 1090, 108, 102, और यू.पी. 100 नं0 डायल जैसी जनहित की तमाम योजनाएं लागू की गई थी।

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उन्होंने कहा कि समाजवादी सरकार की उपलब्धियों के सामने भाजपा की सात माह की सरकार में एक भी काम ऐसा नहीं हुआ जिसका उल्लेख किया जा सके। समाजवादी सरकार के कामों का ही फिर से उद्घाटन कर वाह वाही लूटी जा रही हैं। इस बीच बदले की भावना से जनहित के समाजवादी सरकार के काम जरूर रोक दिए गए हैं।

आगरा-लखनऊ एक्सपे्रस-वे पर वायुसेना ने अपने लड़ाकू और माल वाहक जहाज उतारकर भाजपा के कुप्रचार का पर्दाफाश जमींदोज कर दिया है। उन्होंने कहा कि जनता की निगाह में समाजवादी सरकार का काम बोलता है। इसलिए स्थानीय निकाय के चुनावों में समाजवादी पार्टी जनता के भरोसे अपनी जीत के लिए आश्वस्त है।

भाजपा की संकुचित, कट्टवादी और रागद्वेष से भरी राजनीति से जनता ऊबी हुई है। मंहगाई, बेकारी, नोटबंदी, जीएसटी से समाज का हर वर्ग तबाही का शिकार है। नगर निकाय चुनावों के परिणाम सन् 2019 में होने वाले लोकसभा चुनावों के लिए संकेत होंगे। इन चुनाव परिणामों से अगले वर्ष में राजनीति की दिशा का निर्धारण भी होगा।

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राज्य के मतदाता भाजपा के दिन प्रतिदिन गिरते ग्राफ के दौर में विकल्प के तौर पर समाजवादी पार्टी को ही अपने अंक देने को तत्पर है।

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