शिवपाल को मिला BSP चीफ का बंगला, सियासी समीकरण लगने शुरू

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शिवपाल को मिला BSP चीफ का बंगला, सियासी समीकरण लगने शुरू

लखनऊ। बीते दिनों उत्तर प्रदेश में सरकारी बंगलों को लेकर खूब राजनीति हुई। लेकिन एक बार फिर बंगला विवाद ने तूल पकड़ लिया है। दरअसल, राज्य संपत्ति विभाग ने समाजवादी सेक्युलर मोर्चा के अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव को बंगला आवंटित कर दिया है। बता दें कि यह बंगला पूर्व में बसपा प्रमुख मायावाती का दफ्तर हुआ करता था। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद मायावती इसी बंगले से सटे अपने बंगले में शिफ्ट हो गई थीं।

Samajwadi Secular Morcha Chief Shivpal Yadav Alloted Bsp Chief Mayawatis Lucknow Bunglow :

राज्य संपत्ति विभाग के फैसले के बाद अब इस मामले को लेकर को सियासी समीकरण लगने शुरू हो गए हैं। शिवपाल पर प्रशासन की इस मेहरबानी से कई कयास लगाए जा रहे हैं। चर्चा यह भी है कि अखिलेश के खिलाफ शिवपाल को आगे बढ़ाकर भारतीय जनता पार्टी कुछ और मौके ढूंढ रही है।

शिवपाल यादव इटावा जिले के जसवन्तनगर विधान सभा क्षेत्र से विधायक भी हैं। एक विधायक की हैसियत से इतना बड़ा बंगला अलॉट होना सबको अटपटा लग रहा है।

माया के बंगले को लेकर हो चुका है विवाद-

बताते चलें कि मायावती को साल 2011 में आवंटित हुए इस एलबीएस-6 सरकारी बंगले को लेकर विवाद हुआ था। यह बात सामने आई थी कि यह बंगला नंबर-6 का आवंटन उन्हें कथित फर्जी आदेश के जरिए किया गया था। बसपा अध्यक्ष को एक साथ दो बंगले आवंटित होने पर भी सवाल उठे थे।

लखनऊ। बीते दिनों उत्तर प्रदेश में सरकारी बंगलों को लेकर खूब राजनीति हुई। लेकिन एक बार फिर बंगला विवाद ने तूल पकड़ लिया है। दरअसल, राज्य संपत्ति विभाग ने समाजवादी सेक्युलर मोर्चा के अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव को बंगला आवंटित कर दिया है। बता दें कि यह बंगला पूर्व में बसपा प्रमुख मायावाती का दफ्तर हुआ करता था। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद मायावती इसी बंगले से सटे अपने बंगले में शिफ्ट हो गई थीं। राज्य संपत्ति विभाग के फैसले के बाद अब इस मामले को लेकर को सियासी समीकरण लगने शुरू हो गए हैं। शिवपाल पर प्रशासन की इस मेहरबानी से कई कयास लगाए जा रहे हैं। चर्चा यह भी है कि अखिलेश के खिलाफ शिवपाल को आगे बढ़ाकर भारतीय जनता पार्टी कुछ और मौके ढूंढ रही है। शिवपाल यादव इटावा जिले के जसवन्तनगर विधान सभा क्षेत्र से विधायक भी हैं। एक विधायक की हैसियत से इतना बड़ा बंगला अलॉट होना सबको अटपटा लग रहा है।

माया के बंगले को लेकर हो चुका है विवाद-

बताते चलें कि मायावती को साल 2011 में आवंटित हुए इस एलबीएस-6 सरकारी बंगले को लेकर विवाद हुआ था। यह बात सामने आई थी कि यह बंगला नंबर-6 का आवंटन उन्हें कथित फर्जी आदेश के जरिए किया गया था। बसपा अध्यक्ष को एक साथ दो बंगले आवंटित होने पर भी सवाल उठे थे।