सीमापार से गोलीबारी में संभल का लाल शहीद, पिता को अपने पुत्र की शहादत पर गर्व है

सम्भल: आतंकी हमले में उत्तर प्रदेश के संभल का सपूत शहीद हो गया। देर रात जैसे ही खबर पहुंची मानों पूरा परिवार शोकाकुल हो गया। हर कोई दुखी था। देश की सुरक्षा के लिए मुस्तैदी से बार्डर पर टिके सम्भल के नखासा थाना क्षेत्र के गांव पंसुखा मिलक निवासी सुधीश के गांव के दोस्त भी उसके न होने पर सहसा विश्वास नहीं कर पा रहे हैं। पंसुखा मिलक निवासी ब्रम्हपाल पेशे से किसान हैं। उनके तीन बेटों में सबसे बडा बेटा अनिल कुमार पिता के साथ खेती किसानी का काम करता है, जबकि मझला बेटा सुधीश कुमार भारत पाकिस्तान बार्डर पर राजौरी में तैनात था। चार साल पहले सेना में नौकरी पाने के बाद पिता ने बडी उम्मीदों से उसे सेना में भेजा था।



वर्ष 2013 में अमरोहा जनपद के नगलिया में ब्रम्हपाल ने बेटे सुधीश की शादी धूमधाम से की थी। घर में कविता बहू बनकर आई तो सबकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। सीज फायर का उल्लंघन कर पाकिस्तान की तरफ से दागे गए मोर्टार व गोलियों से शहीद हुए सुधीश की यादें सबके मन में हैं। कोई कुछ माह पहले उनके साथ बिताए पल को याद कर रहा है तो कोई अपनी फोन पर हुई बातों को। सुधीश के बुजुर्ग पिता ब्रह्मपाल सिंह का कहना है कि उन्हें अपने पुत्र की शहादत पर गर्व है। उनके पुत्र नें अपने देश की आन-बान और शान के लिए अपनी कुर्बानी दी है। शहीद के पिता नें कहा कि चाहे देश का बच्चा-बच्चा शहीद हो जाए लेकिन पाकिस्तान को जमीदोंज कर देना चाहिए।

वहीं शहीद के चाचा को भी सुधीश की कुर्बानी पर गर्व है लेकिन उन्हें देश के पीएम मोदी पर नराजगी व्यक्त करते हुये कहा है कि वह सेना को पूरी छूट नहीं दे रहे हैं। इसलिए भारतीय सैनिक लगातार शहीद हो रहे हैं। यदि पीएम मोदी एक बार सेना को खुली छूट दे दें तो सेना कुछ ही घंटों में पाक पर फतह हासिल कर रोज-रोज शहीद हो रहे सैनिकों का सिलसिला खत्म कर देगी।