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संघमित्रा मौर्य, बोलीं- संस्कार शब्द अच्छा, लेकिन संस्कार है किसके अंदर ? क्या बहन – बेटी की भी जाति और धर्म होता है?

यूपी के चुनावी माहौल में राजनीतिक दलों के बीच तल्ख बयानबाजी और आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। इसी बीच स्वामी प्रसाद मौर्य की सांसद बेटी संघमित्रा मौर्य ने मुलायम की छोटी बहू अपर्णा यादव के बहाने बीजेपी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। बदायूं सांसद संघमित्रा ने बुधवार को बीजेपी ज्वॉइन करने वाली अपर्णा बिष्ट यादव को यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की चचेरी बहन बताया है। इसके साथ ही संघमित्रा मौर्य ने बीजेपी की दल-बदल को लेकर अपनी ही पार्टी की नीतियों पर तमाम सवाल उठाए हैं।

By संतोष सिंह 
Updated Date

नई दिल्ली। यूपी के चुनावी माहौल में राजनीतिक दलों के बीच तल्ख बयानबाजी और आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। इसी बीच स्वामी प्रसाद मौर्य की सांसद बेटी संघमित्रा मौर्य ने मुलायम की छोटी बहू अपर्णा यादव के बहाने बीजेपी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। बदायूं सांसद संघमित्रा ने बुधवार को बीजेपी ज्वॉइन करने वाली अपर्णा बिष्ट यादव को यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की चचेरी बहन बताया है। इसके साथ ही संघमित्रा मौर्य ने बीजेपी की दल-बदल को लेकर अपनी ही पार्टी की नीतियों पर तमाम सवाल उठाए हैं।

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संघमित्रा मौर्य ने बुधवार को अपनी फेसबुक पोस्ट में लिखा कि ”संस्कार शब्द अच्छा है, लेकिन संस्कार है किसके अंदर? उन्होंने लिखा है कि हफ्ते भर पहले एक बेटी का पिता पार्टी बदलता है तो पुत्री पर वार हो रहा था। तो वहीं आज एक बहू अपने चचेरे भाई (योगी जी) के साथ एक पार्टी से दूसरी पार्टी में आती है तो स्वागत। क्या इसको भी वर्ग से जोड़ा जाना चाहिए कि बेटी (मौर्य) पिछड़े वर्ग की है और बहू (विष्ट) अगड़े वर्ग से है। क्या बहन-बेटी की भी जाति और धर्म होता है? अगड़ा भाजपा में आता है तो राष्ट्रवादी और वो वोट भाजपा को करेगा या नहीं, इसपे सवाल खड़ा करना तो दूर सोचा भी नहीं जाता, लेकिन पार्टी में रहने वाला राष्ट्रद्रोही, उसके वोट पे सवाल खड़े हो रहे, ऐसा क्यों?’

संघमित्रा मौर्या अपने पिता स्वामी प्रसाद मौर्या के समाजवादी पार्टी में शामिल होने के बाद से सोशल मीडिया यूजर्स के निशाने पर हैं। उनकी इस पोस्ट पर कुछ लोगों ने उनको पिता की तरह समाजवादी पार्टी ज्वॉइन करने की सलाह दे डाली। इसके जवाब में बीजेपी सांसद ने कहा कि कृपया सलाह न दें कि मैं कहां जाऊं और क्या करूं। मैं जहां हूं, ठीक हूं।

बता दें कि पिछले दिनों भाजपा सरकार में मंत्री रहे स्वामी प्रसाद मौर्य ने मंत्री पद ओर भाजपा से इस्तीफा दे दिया था। स्वामी प्रसाद ने इसके बाद सपा के साथ जाने का ऐलान किया था। इसके बाद से उनकी बेटी बदायूं सांसद संघमित्रा पर लगातार पिता के साथ जाने की बात कही जा रही थी। संघमित्रा पर भी भाजपा छोड़कर पिता के साथ सपा में शामिल होने के कयास लगाए जा चुके हैं, हालांकि संघमित्रा ने पहले ही इस बात को पूरी तरह से खारिज कर दिया था।

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स्वामी प्रसाद मौर्य ने 11 जनवरी को छोड़ी थी भाजपा

बता दें कि योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे स्वामी प्रसाद मौर्य ने बीते 11 जनवरी को मंत्री पद और भाजपा से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद उन्होंने सपा में शामिल होने की घोषणा भी की थी। पिता के भाजपा छोड़ने के बाद बेटी संघमित्रा मौर्य ने फेसबुक पर एक पोस्ट लिखा था, जिसमें उन्होंने पिता स्वामी प्रसाद मौर्य को याद करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी अपना पिता बताया था।

फेसबुक पोस्ट में पिता स्वामी प्रसाद मौर्य के प्रति अपनी भावना को सांसद संघमित्रा मौर्य ने लिखा, ‘मैं कुछ मांगू और पूरा न हो, ऐसे तो हालात नहीं, मैं पुकारुं और पापा न सुनें, इतने भी हम दूर नहीं।’ लिखा कि प्रधानमंत्री जी ने पिताजी को कहा था, ये बेटी अब हमारी बेटी है, ये बेटी हमने ले ली। कहा कि मेरे पिता मेरे अभिमान हैं, मेरे हीरो हैं। पार्टी अलग हो सकती है, लेकिन पिता-पुत्री नहीं। पिता और बेटी का रिश्ता दुनिया का सबसे मजबूत रिश्ता है।

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