सैनिटरी नैपकिन्स और टैम्पॉन्स के इस्तेमाल से होता है यह नुकसान

सैनिटरी नैपकिन्स , टैम्पॉन्स के नुकसान
सैनिटरी नैपकिन्स और टैम्पॉन्स के इस्तेमाल से होता है यह नुकसान

लखनऊ। शायद आप यह नहीं जानते होंगे कि सैनिटरी नैपकिन्स और टैम्पॉन्स ना सिर्फ पर्यावरण के लिए हारिकारक होते हैं बल्कि आपकी सेहत के लिए भी काफी हानिकारक हो सकते हैं। बहुत ही कम महिलाओं को इस बात की जानकारी होती है कि उनके पर्सनल हाइजिन से जुड़ी यह चीज़ भी उनके लिए हानिकारक साबित हो सकती है। आज हम आपको बताएँगे कि सैनिटरी नैपकिन्स कैसे आपको नुकसान पहुंचा सकता है।

कई बार सैनिटरी नैपकिन्स के इस्तेमाल से कई महिलाओं में इन्फेक्शन और जलन की शिकायत देखने को मिलती है। पीरियड्स खत्म होने के बाद उन्हें यह परेशानी होती है जिसका मुख्य कारण है लंबे समय तक अपने प्राइवेट पार्ट के पास पैड्स या टैम्पॉन्स का होना, क्योंकि इसकी वजह से एयर सर्कुलेशन बहुत कम हो जाता है और उस जगह पर बैक्टिरिया पनपने लगते हैं। यही बैक्टिरिया बाद में एलर्जी या इन्फेक्शन की वजह बनते हैं।

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इन बातों का रखें ध्यान

जितना हो सके पैड्स और टैम्पॉन को अवॉइड करें और इसके बजाय कॉटन पैड्स या फिर मेंस्ट्रुअल कप्स का इस्तेमाल करें। क्योंकि यह कैमिकल फ्री होने के साथ ही इस्तेमाल करने में भी सुरक्षित हैं। जरुरत के समय में आम पैड्स और टैम्पॉन को इस्तेमाल में लाया जा सकता है लेकिन उसके लिए ध्यान रखें कि हर चार घंटे में इन्हें बदलते रहें।

सैनिटरी नैपकिन्स औप टैम्पॉन से कैमिकल का खतरा

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इस बारे में डॉक्टरों का कहना है कि सैनिटरी नैपकिन्स में डाइऑक्सीन नामक तत्व पाया जाता है जिसे आम भाषा में ह्यूमन कार्सिनोजेन नाम से जाना जाता है। यह टैम्पॉन और पैड्स के क्लोरीन ब्लिचिंग प्रोसेस के दौरान निकलता है। एक बार इस केमिकल के किसी व्यक्ति के संपर्क में आने से यह शरीर में लगभग 20 साल तक रहता है। पैड्स में मौजूद यह डाइऑक्सीन त्वचा के लिए काफी हानिकारक होता है।

सैनिटरी नैपकिन्स और टैम्पॉन्स का इस्तेमाल करने से पहले इन बातों का ध्यान रखें

  • हर 4 घंटे में पैड या टैम्पॉन को बदलें।
  • एक बार इस्तेमाल के बाद पैड या टैम्पॉन को दोबारा यूज ना करें।
  • पैड/टैम्पॉन के इस्तेमाल से पहले और बाद दोनों वक्त हाथों को अच्छे से साफ करें।
  • पीरियड्स के दौरान टाइट पैंट या लोअर ना पहनें। इससे एयर सर्कुलेशन होता रहेगा और इन्फेक्शन का खतरा कम होगा।
  • अपने प्राइवेट पार्ट को हमेशा सूखा रखें।
  • प्राइवेट पार्ट्स को हमेशा साफ रखें।

लखनऊ। शायद आप यह नहीं जानते होंगे कि सैनिटरी नैपकिन्स और टैम्पॉन्स ना सिर्फ पर्यावरण के लिए हारिकारक होते हैं बल्कि आपकी सेहत के लिए भी काफी हानिकारक हो सकते हैं। बहुत ही कम महिलाओं को इस बात की जानकारी होती है कि उनके पर्सनल हाइजिन से जुड़ी यह चीज़ भी उनके लिए हानिकारक साबित हो सकती है। आज हम आपको बताएँगे कि सैनिटरी नैपकिन्स कैसे आपको नुकसान पहुंचा सकता है। कई बार सैनिटरी नैपकिन्स के इस्तेमाल से कई महिलाओं…
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