राजस्‍थान में नहीं रिलीज होगी ‘पद्मावती’, डिस्‍ट्रीब्‍यूटरों ने कहा…

नई दिल्‍ली: संजय लीला भंसाली की फिल्‍म अपनी शूटिंग के पहले दिन से ही विवादों से घिरी हुई और अब रिलीज डेट आने के बाद भी फिल्‍म की मुसीबतें अभी तक टली नहीं हैं. फिल्‍म की रिलीज का कई समुदायों की तरफ से विरोध सामने आ रहा है और न्‍यूज एजेंसी भाषा के अनुसार अब राजस्थान के फिल्म डिस्‍ट्रीब्‍यूटों ने ‘पद्मावती’ से जुड़े विवाद के सुलझने तक राज्‍य में फिल्म रिलीज करने से ही मना कर दिया है.

Sanjay Leela Bhansali Film Padmavati Not Allow To Release In Rajasthan :

इससे पहले केंद्रीय मंत्री उमा भारती और गिरिराज सिंह भी इसका विरोध कर चुके हैं. इसके साथ ही तेलंगाना के विधायक टी. राजा सिंह के साथ ही उज्जैन से भाजपा सांसद चिंतामणि मालवीय भी संजय लीला भंसाली के निर्देशन में बनी फिल्म “पद्मावती” के परदे पर उतरने से पहले इसके विरोध में उतर आये हैं.

भाजपा विधायक और जयपुर के पूर्व राजघराने की सदस्य दीया कुमारी ने भी फिल्म में ​इतिहास के साथ किसी भी तरह की छेड़छाड़ का विरोध किया है. दीया कुमारी ने ट्वीट किया कि रानी पद्मावती राजस्थान के बहादुरी और सम्मान की प्रतीक हैं और उनकी एवं महिलाओं के बलिदान को कमतर करने की किसी भी कोशिश को सफल नहीं होने दिया जाएगा.

न्‍यूज एजेंसी पीटीआई भाषा के अनुसार राजस्थान के एक फिल्म वितरक संजय चतर ने कहा कि फिल्म निर्माता और विरोध करने वालों को पहले विवाद खत्म करना चाहिए. उन्होंने कहा कि इतिहास के साथ किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ नहीं होनी चाहिए. राजस्थान में 300 स्क्रीन हैं. फिल्म निर्देशक द्वारा रानी पद्मावती के संबंध में इतिहास के साथ की गई कथित छेड़छाड़ के विरोध में करणी सेना, बजरंगदल और अन्य संगठन फिल्म पर प्रतिबंध लगाने की मांग कर रहे हैं.

वहीं तेलंगाना के गोसामहल से भाजपा विधायक राजा सिंह ने कहा कि फिल्म में अगर राजपूत रानी की छवि को गलत तरीके से पेश किया गया है तो वह उसकी रिलीज को रोकने की कोशिश करेंगे. उन्होंने दावा किया कि भंसाली निर्देशित इस फिल्म में गलत तथ्यों को शामिल किया गया है.

नई दिल्‍ली: संजय लीला भंसाली की फिल्‍म अपनी शूटिंग के पहले दिन से ही विवादों से घिरी हुई और अब रिलीज डेट आने के बाद भी फिल्‍म की मुसीबतें अभी तक टली नहीं हैं. फिल्‍म की रिलीज का कई समुदायों की तरफ से विरोध सामने आ रहा है और न्‍यूज एजेंसी भाषा के अनुसार अब राजस्थान के फिल्म डिस्‍ट्रीब्‍यूटों ने ‘पद्मावती’ से जुड़े विवाद के सुलझने तक राज्‍य में फिल्म रिलीज करने से ही मना कर दिया है. इससे पहले केंद्रीय मंत्री उमा भारती और गिरिराज सिंह भी इसका विरोध कर चुके हैं. इसके साथ ही तेलंगाना के विधायक टी. राजा सिंह के साथ ही उज्जैन से भाजपा सांसद चिंतामणि मालवीय भी संजय लीला भंसाली के निर्देशन में बनी फिल्म "पद्मावती" के परदे पर उतरने से पहले इसके विरोध में उतर आये हैं. भाजपा विधायक और जयपुर के पूर्व राजघराने की सदस्य दीया कुमारी ने भी फिल्म में ​इतिहास के साथ किसी भी तरह की छेड़छाड़ का विरोध किया है. दीया कुमारी ने ट्वीट किया कि रानी पद्मावती राजस्थान के बहादुरी और सम्मान की प्रतीक हैं और उनकी एवं महिलाओं के बलिदान को कमतर करने की किसी भी कोशिश को सफल नहीं होने दिया जाएगा. न्‍यूज एजेंसी पीटीआई भाषा के अनुसार राजस्थान के एक फिल्म वितरक संजय चतर ने कहा कि फिल्म निर्माता और विरोध करने वालों को पहले विवाद खत्म करना चाहिए. उन्होंने कहा कि इतिहास के साथ किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ नहीं होनी चाहिए. राजस्थान में 300 स्क्रीन हैं. फिल्म निर्देशक द्वारा रानी पद्मावती के संबंध में इतिहास के साथ की गई कथित छेड़छाड़ के विरोध में करणी सेना, बजरंगदल और अन्य संगठन फिल्म पर प्रतिबंध लगाने की मांग कर रहे हैं. वहीं तेलंगाना के गोसामहल से भाजपा विधायक राजा सिंह ने कहा कि फिल्म में अगर राजपूत रानी की छवि को गलत तरीके से पेश किया गया है तो वह उसकी रिलीज को रोकने की कोशिश करेंगे. उन्होंने दावा किया कि भंसाली निर्देशित इस फिल्म में गलत तथ्यों को शामिल किया गया है.