1. हिन्दी समाचार
  2. दिल्ली
  3. Sanjay Raut की गिरफ़्तारी थी अवैध, विच-हंट का हुए शिकार, Court ने लगाई ईडी को फटकार

Sanjay Raut की गिरफ़्तारी थी अवैध, विच-हंट का हुए शिकार, Court ने लगाई ईडी को फटकार

मनी लॉन्ड्रिंग मामले (Money Laundering Cases) में विशेष अदालत से जमानत मिलने के कुछ घंटे बाद शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के राज्यसभा सदस्य संजय राउत (Sanjay Raut) बुधवार शाम मुंबई की आर्थर रोड जेल से बाहर आए। शाम करीब पांच बजे राउत के वकीलों ने जमानत आदेश आर्थर जेल रोड (Arthur Jail Road) पहुंचाया और करीब छह बजकर 50 मिनट पर राउत जेल से बाहर निकले। वह करीब तीन महीने से जेल में थे।

By संतोष सिंह 
Updated Date

मुंबई। मनी लॉन्ड्रिंग मामले (Money Laundering Cases) में विशेष अदालत से जमानत मिलने के कुछ घंटे बाद शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के राज्यसभा सदस्य संजय राउत (Sanjay Raut) बुधवार शाम मुंबई की आर्थर रोड जेल (Arthur Jail Road) से बाहर आए। शाम करीब पांच बजे राउत के वकीलों ने जमानत आदेश आर्थर जेल रोड (Arthur Jail Road) पहुंचाया और करीब छह बजकर 50 मिनट पर राउत जेल से बाहर निकले। वह करीब तीन महीने से जेल में थे।

पढ़ें :- India and New Zealand: न्यूजीलैंड ने टॉस जीतकर चुनी बल्लेबाजी, टीम इंडिया की प्लेइंग इलेवन में हुआ ये बदलाव

राउत को जमानत देते समय धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) से संबंधित मामलों की सुनवाई के लिए नामित विशेष न्यायाधीश एम.जी. देश पांडेय ने ईडी को खूब फटकार लगाई। अदालत ने संजय राउत (Sanjay Raut)  और प्रवीण राउत को “अवैध रूप से” गिरफ्तार करने के लिए तीखी फटकार लगाई गई।

प्रवर्तन निदेशालय (ED) के खिलाफ तीखी टिप्पणियां करते हुए न्यायाधीश एमजी देशपांडे ने एजेंसी के कार्यों को “विच-हंट” (जानबूझकर निशाना बनाना) करार दिया। उन्होंने कहा कि मेरा मानना ​​है कि दोनों आरोपी एक तरह से अवैध रूप से गिरफ्तार किए गए हैं। अदालत ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) को यह कहते हुए फटकार लगाई कि उसने गिरफ्तारी की असाधारण शक्तियों का इस्तेमाल “बहुत लापरवाही से” किया था।

विशेष न्यायाधीश एम जी देशपांडे (Special Judge MG Deshpande) ने कहा कि राउत और उनके सह-आरोपी प्रवीण राउत को केंद्रीय एजेंसी द्वारा “बिना किसी कारण के” गिरफ्तार किया गया था। कोर्ट ने कहा कि राउत के घर पर 31 जुलाई को छापा मारा गया था और उन्हें दिन भर कहीं भी नहीं जाने दिया गया। फिर उन्हें ईडी (ED) कार्यालय ले जाया गया और दिखाया यह गया कि 1 अगस्त को दोपहर 12.35 बजे गिरफ्तार किया गया।

अदालत ने कहा कि उन्हें आधी रात को गिरफ्तार करने की कोई कानूनी आवश्यकता नहीं थी। न्यायधीश ने आगे कहा कि लेकिन ऐसा लगता है कि ईडी (ED)ने इसे नजरअंदाज कर दिया है। उनकी उपस्थिति समन के जरिए सुनिश्चित की जा सकती थी न कि उस तरीके से जिससे उन्हें देर रात गिरफ्तार किया गया था।

पढ़ें :- राहुल गांधी ने सरकार पर साधा निशाना, कहा-BJP-RSS ने देश को नफरत और अहंकार से भरा विजन दिया

Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक, यूट्यूब और ट्विटर पर फॉलो करे...