सरकार बताये, स्लाटर हाउस खोलने की क्या है नीति

इलाहाबाद। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने झांसी में बूचड़खाना न होने के कारण मीट की दुकान का लाइसेंस न देने के खिलाफ याचिका पर नगर निगम झांसी को नोटिस जारी की है और राज्य सरकार व निगम से हलफनामा मांगा है। कोर्ट ने राज्य सरकार से पूछा है कि पशु वधशाला स्थापित करने की राज्य सरकार की नीति क्या है, पशु वधशाला राज्य सरकार या नगर निगम या प्राइवेट व्यक्ति के द्वारा किससे संचालित किया जायेगा।




सरकार मीट खाने वालों को उनके अधिकार से बिना ठोस वजह के वंचित नहीं कर सकती। कोर्ट ने याचिका पर एक माह में जवाब मांगा है। याचिका की अगली सुनवाई पांच जुलाई को होगी। यह आदेश मुख्य न्यायाधीश डीबी भोसले तथा न्यायमूर्ति एमके गुप्ता की खण्डपीठ ने मीट व्यवसायी यूनिस खान की याचिका पर दिया है।




याची अधिवक्ता करन सिंह यादव का कहना है कि वह मीट की दुकान चलाना चाहता है। शहर में बूचड़खाना न होने के कारण लाइसेंस नहीं दिया जा रहा है। याची का कहना है कि उसे बकरा व मुर्गा का वध करने की अनुमति देने का समादेश जारी किया जाए। इस पर कोर्ट ने राज्य सरकार व नगर निगम से जवाब मांगा

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