सत्ता की हनक में फर्जी दस्तावेजों के सहारे हासिल किए 48 टेंडर, अब खुली पोल

लखनऊ। यूपी पीडब्लूडी विभाग को 22 करोड़ का चूना लगाने वाली यूएस कंस्ट्रक्शन के खिलाफ यूपी सरकार ने कार्रवाई तेज कर दी है। आगरा की यूएस कंस्ट्रक्शन नाम की इस कंपनी के प्रमोटर की पहचान प्रभात सिंह और पंकज यादव के रूप में हुई। फर्जी दस्तावेजों के आधार पर टेंडर हासिल करने वाली इस कंपनी के खिलाफ विभाग द्वारा 6 एफआईआर दर्ज करवाई जा चुकीं हैं।

मिली जानकारी के मुताबिक यूएस कंस्ट्रक्शन के प्रमोटर्स के खिलाफ शिकंजा कसने के लिए शुक्रवार को प्रमुख सचिव लोक निर्माण सदाकांत ने एक उच्च स्तरीय बैठक बुलाई थी, जिसमें प्रमुख सचिव गृह अरविंद कुमार और पीडब्लूडी के विभागाध्यक्ष वीके सिंह समेंत आगरा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली तमाम यूनिटों के इंजीनियरों को भी बुलाया गया है।

बताया जा रहा है कि सपा सरकार के कार्यकाल के दौरान यूएस कंस्ट्रक्शन ने 48 सड़कों के निर्माण के टेंडर हासिल किए थे। टेंडर के बाद की विभागी प्रक्रिया के दौरान कंपनी की ओर से जमा करवाए जाते हैं। कंपनी के प्रमोटर्स ने सत्तारूढ़ दल में अपनी पहुंच के दम पर विभागीय खानापूर्ति के लिए फर्जी दस्तावेज जमा करवा दिए। जिसकी शिकायत मिलने के बाद यूएस कंस्ट्रक्शन्स द्वारा जमा करवाए गए दस्तावेजों की जांच करवाई गई। जिसमें कंपनी के रजिस्ट्रेशन, अनुभव प्रमाण पत्र, सॉल्वेंसी और चरित्र प्रमाणपत्र समेंत कई दस्तावेज फर्जी पाए गए है। इसके अलावा कंपनी के बैंक अकाउंट को लेकर भी अनियमितता सामने आई है। जिसे लेकर विभाग की ओर से पंकज यादव और उनके सहयोगी प्रभात सिंह के खिलाफ 6 अलग—अलग मामले दर्ज किए हैं।