सत्ता संभालने के दो साल बाद केजरीवाल को याद आई जनता, अब सुनेंगे आमजन का दर्द

नई दिल्ली: दिल्ली में सत्ता संभालने के लगभग दो साल बाद अब आम आदमी पार्टी सरकार दिल्ली के आम आदमी का दर्द सुनेगी। अपने ही विश्वसनीय साथी व पूर्व मंत्री कपिल मिश्रा के आरोपों से घिरे मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सभी मंत्रियों व अधिकारियों को प्रतिदिन एक घंटा आम जनता से मिलने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने इस संबध में मुख्य सचिव एमएम कुटटी को एक नोट भी जारी किया है।




उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने बुधवार को पत्रकारों से वार्ता करते हुए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल द्वारा दिये गये इस निर्देश की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री व मंत्रियों के पास लगातार यह शिकायत पहुंच रही थी कि अधिकारी जनता की पहुंच से दूर हैं, जिसे देखते हुए यह कदम उठाया गया है। उन्होंने कहा कि यह लोगों के नजदीक जाने की योजना का हिस्सा है और लोगों और आप के बीच खाई को पाटने के लिए है।

उन्होंने कहा कि राजधानी में विभिन्न स्थानों का दौरा करने के दौरान लोगों द्वारा इस तरह की शिकायत की जाती है कि जनता व सरकार के बीच में संपर्क नहीं है, इसी को देखते हुए मुख्यमंत्री ने प्रतिदिन एक घंटे की बैठक करने का आदेश दिया है।सिसोदिया ने कहा कि मंत्री और अधिकारी सोमवार से शुक्र वार तक बिना किसी पूर्व निर्धारित समय के सुबह दस बजे से 11 बजे तक लोगों से अपने कार्यालयों में मुलाकात करेंगे। उन्होंने कहा कि चिकित्सक और शिक्षकों जैसे सरकार के फील्ड स्टाफ पर यह निर्णय लागू नहीं होगा।




उन्होंने कहा कि किसी अधिकारी के छुट्टी पर होने पर ही उसे इससे छूट मिल सकती है। मुख्य सचिव को भेजे नोट में केजरीवाल ने कहा कि अगर अधिकारियों को किसी आपात स्थिति में अपनी सीट छोड़नी पड़े तो उन्हें अपने वरिष्ठ अधिकारी से फोन पर अनुमति लेनी चाहिए जो संबंधित मंत्री के कार्यालय को सूचित करेंगे। केजरीवाल ने कहा कि शिकायतों और उन पर की गई कार्रवाइयों का रिकॉर्ड भी रखा जाना चाहिए।

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