रत्नागिरी पैट्रोलियम रिफाइनरी में 50 फीसदी हिस्सेदारी खरीदेगा सऊदी अरब

Saudi Aramco
मुंबई। महाराष्ट्र में पश्चिमी तट पर बनने वाली रत्नागिरी रिफाइनरी एंड पैट्रोकेमिकल्स में सऊदी अरब की कंपनी सऊदी अरामको ने 50 फीसदी हिस्सेदारी लेने की घोषणा की है। महाराष्ट्र की रत्नागिरी रिफाइनरी 44 अरब डॉलर की लागत से बन कर तैयार होगी। जिसकी क्षमता 6 करोड़ टन कच्चे तेल को रिफाइंड करने की होगी। जिसमें से 3 करोड़ टन कच्चे तेल की आपूर्ति दुनिया की सबसे बड़ी पैट्रोलियम उत्पादक कंपनी सऊदी अरामको सुनिश्चित करेगी, जबकि शेष आपूर्ति भारत की सार्वजनिक क्षेत्र…

मुंबई। महाराष्ट्र में पश्चिमी तट पर बनने वाली रत्नागिरी रिफाइनरी एंड पैट्रोकेमिकल्स में सऊदी अरब की कंपनी सऊदी अरामको ने 50 फीसदी हिस्सेदारी लेने की घोषणा की है। महाराष्ट्र की रत्नागिरी रिफाइनरी 44 अरब डॉलर की लागत से बन कर तैयार होगी। जिसकी क्षमता 6 करोड़ टन कच्चे तेल को रिफाइंड करने की होगी। जिसमें से 3 करोड़ टन कच्चे तेल की आपूर्ति दुनिया की सबसे बड़ी पैट्रोलियम उत्पादक कंपनी सऊदी अरामको सुनिश्चित करेगी, जबकि शेष आपूर्ति भारत की सार्वजनिक क्षेत्र तीन पैट्रोलियम कंपनियां करेंगी।

मिली जानकारी के मुताबिक सऊदी अरब के पैट्रोलियम मंत्री खलिद ए अल फली की मौजूदगी में सऊदी अरामको के अधिकारी अमीन नसीर और रत्नागिरी रिफाइनरी के बीच समझौते पर हस्ताक्षर भी हो गए है। उम्मीद जताई जा रही है कि सऊदी अरामको एशिया में बढ़ती पैट्रोलियम उत्पादों मांग को देखते हुए भारत और उसके आस पास के देशों में खुदरा बाजार में भी उतर सकती है।

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सऊदी अरब भारत का सबसे बड़ा क्रूड आॅयल आपूर्तिकर्ता देश है। भारत और सऊदी अरब के बीच हुए इस समझौते को विदेशी निवेश की नजरिए से बेहद अहम माना जा रहा है। रत्नागिरि रिफाइनरी 50 प्रतिशत विदेशी निवेश और 50 प्रतिशत भारतीय साझेदारी के तहत आने वाला प्रोजेक्ट होगी।

 

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