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भारत बचाओ रैली: प्रियंका बोलीं-उन्नाव रेप पीड़िता की घटना से याद आया पिता राजीव का छलनी शरीर

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नई दिल्ली। कांग्रेस पार्टी की तरफ से आज दिल्ली के रामलीला मैदान में भारत बचाओं रैली का आयोजन किया गया जिसमें देश के विभिन्न भागों से लाखों कांग्रेसी समर्थक एकत्र हुए। इस रैली का आयोजन देश में चल रही आर्थिक मंदी, किसान विरोधी नीतियों, महिलाओं के खिलाफ हिंसा, बेरोजगारी और संविधान पर हमले को लेकर किया गया है। रैली के दौरान प्रियंका गांधी ने उन्नाव की रेप पीड़िता के साथ हुई घटना का जिक्र करते हुए कहा कि जब उन्होने रेप पीड़िता का मंजर देखा तो उन्हे अपने पिता राजीव की याद आ गयी।

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प्रिंयका गांधी वाड्रा का कहना है कि उन्नाव रेप पीड़िता जलती हुई अवस्था में एक किलोमीटर भागी और अंत में गिर गयी। प्रियंका ने बताया कि पीड़िता की मौत के बाद जब वो उसके घर गयी थी तो लड़की की भाभी पूरी आपबीती सुनाने लगी, यह सुनकर रेप पीड़िता के पिता एक कोने में बैठकर अपना चेहरा छुपाकर रोने लगे तो मुझे पिता और बेटी का प्रेम देखकर अपने पिता की याद आ गयी। उन्होने बताया कि जब मैं 19 साल की उम्र में अपने पिता के छलनी शरीर को लेकर घर आई थी तो मेरा भी यही हाल था।

 

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उन्होंने कहा, हमें इस देश को बचाना है क्योंकि इस पर एक ऐसी सरकार का साया है जिसमें समानता नहीं है। प्रियंका ने कहा, आज भाजपा की सरकार में रोजगार बढ़ने की बजाय घट रहा है और महंगाई लगातार बढ़ती जा रही है। उन्होने नागरिकता संशोधन कानून का हवाला देते हुए कहा, इस सरकार में ऐसे कानून बन रहे हैं जिससे देश का संविधान खतरे में है। उन्होंने कहा, मैं कश्मीर से अरुणाचल तक सबसे कहना चाहती हूं कि आप अपनी आवाज उठाइये। अगर हम चुप रहेंगे तो आम्बेडकर द्वारा लिखा गया संविधान खत्म हो जाएगा और देश का बंटवारा जो जाएगा।

प्रियंका ने बताया कि उन्नाव पीड़िता का पिता लोहार का काम करता है, नोटबंदी की वजह से आर्थिक तंगी आ गयी तो उसे मजबूरन अपना घर छोड़ना पड़ा। इसी बीच बेटी के साथ रेप हो गया और एक बेबश और लाचार बेटी अकेले ही इंसाफ के लिए लड़ाई लड़ती रही। गांव के प्रधान ने उसके पिता को पीटा, खेत जला डाले और एक दिन बदमाशों ने उनकी बेटी को ही बीच सड़क में जला दिया।उन्होने बताया कि पीड़िता के घर का दर्द देखकर उनकी भी आंखो में आंसू आ गये।

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