भारत बचाओ रैली: सोनिया बोलीं देश की हालत अंधेर नगरी चौपट राजा वाली, महिलाएं सुरक्षित नही

soniya gandhi
भारत बचाओ रैली: सोनिया बोलीं देश की हालत अंधेर नगरी चौपट राजा वाली, महिलाएं सुरक्षित नही

नई दिल्ली। कांग्रेस पार्टी की तरफ से आज दिल्ली के रामलीला मैदान में भारत बचाओं रैली का आयोजन किया गया जिसमें देश के विभिन्न भागों से लाखों कांग्रेसी समर्थक एकत्र हुए। इस रैली का आयोजन देश में चल रही आर्थिक मंदी, किसान विरोधी नीतियों, महिलाओं के खिलाफ हिंसा, बेरोजगारी और संविधान पर हमले को लेकर किया गया है। वहीं कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने रैली के दौरान कहा कि देश की आज जो हालत है वह अंधेर नगरी चौपट राजा वाली है। देश में महिलाओं के खिलाफ अपराध और अत्याचार बढ़ते चले जा रहे हैं।

Save India Rally Sonia Said Condition Of The Country Andher Nagri Chaupat Raja Wali Women Not Safe :


सोनिया गांधी ने कहा कि देश की हालत आज काफी चिंताजनक बनी हुई है। आज पूरा देश पूछ रहा है कि सबका साथ सबका विश्वास कहां है। रोजगार गायब हो गए, अर्थव्यवस्था तबाह हो गई। मोदी सरकार को बताना होगा कि ​जिस काला धन को लाने के लिए नोटबंदी की गयी थी वो काला धन अभी तक क्यों नही आ पाया। बेरोजगारी पर बोलते हुए उन्होने कहा कि युवा आज बेरोजगारी का सामना कर रहे हैं, रोजगार कहां चले गए और अर्थव्यवस्था क्यों तबाह हो गई। उन्होने कहा हमारे देश की हालत काफी गंभीर हो गई है। महिलाओं पर जुल्म हो रहा है, जिसे देखकर हमारा सिर झुक जाता है।

 

सोनिया गांधी ने कहा, मजदूर भाइयों को दो वक्त की रोटी नहीं मिल रही है। छोटे-बड़े कारोबारी, जिन्होंने बैंकों से लोन लिया है, वो परेशान हैंं। हर जगह से छोटे कारोबारियों के आत्महत्या करने की खबरें आ रही हैं। लगातार मंहगाई से जन जीवन पूरी तरह से अस्त व्यस्त है। इस दौरान सोनिया गांधी ने मंच से सभी शीर्ष नेताओं और कार्यकर्ताओं का अभिवादन किया और कहा कि अब समय आ गया है कि हम लोग अपने-अपने घरों से निकले और आंदोलन करें।

मैं जब भी अपने अन्नदाता किसान भाइयों की ओर देखती हूं तो मुझे बहुत दुख होता है। उन्हें खाद नहीं मिलती, पानी-बिजली की सुविधाएं नहीं मिलतीं और न ही फसल के उचित दाम मिलते हैं। जीएसटी के बाद भी मोदी सरकार का खजाना खाली है। हमारी नवरत्न कंपनियां बेची जा रही हैं, जनता का पैसा बैंकों तक में सुरक्षित नहीं। मोदी-शाह कहते हैं यही है अच्छे दिन, आज का माहौल ऐसा हो गया कि जब मन करे कोई धारा लगा दो, हटा दो, प्रदेश का नक्शा बदल दो, बिना बहस कोई विधेयक बदल दो, जहां चाहो राष्ट्रपति शासन लगा दो। रोज संविधान की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।

नई दिल्ली। कांग्रेस पार्टी की तरफ से आज दिल्ली के रामलीला मैदान में भारत बचाओं रैली का आयोजन किया गया जिसमें देश के विभिन्न भागों से लाखों कांग्रेसी समर्थक एकत्र हुए। इस रैली का आयोजन देश में चल रही आर्थिक मंदी, किसान विरोधी नीतियों, महिलाओं के खिलाफ हिंसा, बेरोजगारी और संविधान पर हमले को लेकर किया गया है। वहीं कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने रैली के दौरान कहा कि देश की आज जो हालत है वह अंधेर नगरी चौपट राजा वाली है। देश में महिलाओं के खिलाफ अपराध और अत्याचार बढ़ते चले जा रहे हैं। सोनिया गांधी ने कहा कि देश की हालत आज काफी चिंताजनक बनी हुई है। आज पूरा देश पूछ रहा है कि सबका साथ सबका विश्वास कहां है। रोजगार गायब हो गए, अर्थव्यवस्था तबाह हो गई। मोदी सरकार को बताना होगा कि ​जिस काला धन को लाने के लिए नोटबंदी की गयी थी वो काला धन अभी तक क्यों नही आ पाया। बेरोजगारी पर बोलते हुए उन्होने कहा कि युवा आज बेरोजगारी का सामना कर रहे हैं, रोजगार कहां चले गए और अर्थव्यवस्था क्यों तबाह हो गई। उन्होने कहा हमारे देश की हालत काफी गंभीर हो गई है। महिलाओं पर जुल्म हो रहा है, जिसे देखकर हमारा सिर झुक जाता है।   सोनिया गांधी ने कहा, मजदूर भाइयों को दो वक्त की रोटी नहीं मिल रही है। छोटे-बड़े कारोबारी, जिन्होंने बैंकों से लोन लिया है, वो परेशान हैंं। हर जगह से छोटे कारोबारियों के आत्महत्या करने की खबरें आ रही हैं। लगातार मंहगाई से जन जीवन पूरी तरह से अस्त व्यस्त है। इस दौरान सोनिया गांधी ने मंच से सभी शीर्ष नेताओं और कार्यकर्ताओं का अभिवादन किया और कहा कि अब समय आ गया है कि हम लोग अपने-अपने घरों से निकले और आंदोलन करें। मैं जब भी अपने अन्नदाता किसान भाइयों की ओर देखती हूं तो मुझे बहुत दुख होता है। उन्हें खाद नहीं मिलती, पानी-बिजली की सुविधाएं नहीं मिलतीं और न ही फसल के उचित दाम मिलते हैं। जीएसटी के बाद भी मोदी सरकार का खजाना खाली है। हमारी नवरत्न कंपनियां बेची जा रही हैं, जनता का पैसा बैंकों तक में सुरक्षित नहीं। मोदी-शाह कहते हैं यही है अच्छे दिन, आज का माहौल ऐसा हो गया कि जब मन करे कोई धारा लगा दो, हटा दो, प्रदेश का नक्शा बदल दो, बिना बहस कोई विधेयक बदल दो, जहां चाहो राष्ट्रपति शासन लगा दो। रोज संविधान की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।