SC/ST एक्ट पर सवर्णों में बढ़ रहा गुस्सा, भारत बंद का ऐलान

SC/ST एक्ट पर सवर्णों में बढ़ रहा गुस्सा, भारत बंद का ऐलान
SC/ST एक्ट पर सवर्णों में बढ़ रहा गुस्सा, भारत बंद का ऐलान

Sawarn Called Bharat Bandh Andolan Against Sc St Act In India

नई दिल्ली। केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार की तरफ से एससी-एसटी एक्ट में संसोधन से सवर्ण नाराज़ हो गए हैं। 6 सितंबर को सवर्णों ने भारत बंद का एलान किया है। मंगलवार को जयपुर में सर्व समाज संघर्ष समिति के बैनर तले धर्मसभा का आयोजन किया गया। सभा में इस संशोधित विधेयक के विरोध में 6 सितंबर को भारत बंद का आह्वान किया गया है। वही मध्य प्रदेश में चल रहे विरोध को लेकर पुलिस अलर्ट पर है और शिवपुरी के बाद मुरैना, भिंड, श्योपुर और छतरपुर के जिलाधिकारियों ने धारा 144 लगा दी है।

बीते कल राजधानी दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित हुई इस धर्मसभा में सामान्य व ओबीसी वर्ग के कई नेताओं व धर्म गुरुओं ने शिरकत की। संघर्ष समिति के सदस्य एडवोकेट अनिल चतुर्वेदी ने बताया कि एससी-एसटी एक्ट को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने तीन दिशा निर्देश दिए थे। उसमें एक्ट के तहत किसी भी मामले में तुरंत गिरफ्तारी पर रोक लगाते हुए डिप्टी स्तर के अधिकारी से जांच करने के आदेश दिए गए थे।

वहीं आरोपी को अग्रिम जमानत का अधिकार भी दिया गया था, लेकिन केन्द्र सरकार 28 प्रतिशत वोटों को लुभाने के चक्कर में सुप्रीम कोर्ट के आदेश को निष्प्रभावी करने के लिए संशोधित बिल ले आई। उसके विरोध में अब देश की 70 प्रतिशत जनता उतर आई है।

संसद में SC/ST एक्ट में संशोधन पारित किया

केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट का फैसला पलटते हुए एससी/एसटी एक्ट को वापस मूल स्वरूप में बहाल कर दिया। हाल ही में ये संशोधित एससी/एसटी (एट्रोसिटी एक्ट) फिर से लागू किया है। अब फिर से इस एक्ट के तहत बिना जांच गिरफ्तारी संभव हो गई।

विरोध की वजह

सरकार के संशोधित एससी/एसटी एक्ट का विरोध की बड़ी वजह गिरफ्तारी वाली पहलू माना जा रहा है। गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट भी कह चुका है कि इस गिरफ्तारी वाले प्रावधान की वजह से कई बार इस एक्ट के दुरुपयोग के मामले सामने आए हैं। इसीलिए ऐसा न हो सुप्रीम कोर्ट ने इस प्रावधान में संशोधन कर गिरफ्तारी से पहले जांच की बात कही थी।

6 सितंबर को भारत बंद का ऐलान

सवर्णों ने इस फैसले के विरोध में 6 सितंबर को भारत बंद का ऐलान किया है। बताया जा रहा है कि सवर्णों के 35 संगठन इस बंद का आह्वान कर रहे हैं। गौरतलब है कि इससे पहले जब सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया था तो दलितों ने 2 अप्रैल को भारत बंद किया था। जिसके बाद कई जगह हिंसा हुई और सरकार ने सुप्रीम कोर्ट का फैसला पलट दिया।

नई दिल्ली। केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार की तरफ से एससी-एसटी एक्ट में संसोधन से सवर्ण नाराज़ हो गए हैं। 6 सितंबर को सवर्णों ने भारत बंद का एलान किया है। मंगलवार को जयपुर में सर्व समाज संघर्ष समिति के बैनर तले धर्मसभा का आयोजन किया गया। सभा में इस संशोधित विधेयक के विरोध में 6 सितंबर को भारत बंद का आह्वान किया गया है। वही मध्य प्रदेश में चल रहे विरोध को लेकर पुलिस अलर्ट पर है और शिवपुरी…