चारधाम विकास योजना को सुप्रीम कोर्ट की हरी झंडी, अब हर मौसम में यात्रा कर सकेंगे श्रद्धालु

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चारधाम विकास योजना को सुप्रीम कोर्ट की हरी झंडी, अब हर मौसम में यात्रा कर सकेंगे श्रद्धालु

नई दिल्ली। उत्तराखंड के चार पवित्र शहरों को सभी मौसम में जोड़ने वाली सड़कों के निर्माण के लिये चारधाम विकास योजना के तहत विभिन्न परियोजनाओं को शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने अपनी मंजूरी दे दी है। सुप्रीम कोर्ट की ओर से मंजूरी मिलने के बाद चार धाम को जोड़ने वाले हाइवे के निर्माण का मार्ग प्रशस्त हो गया है। इस हाइवे के निर्माण के बाद उत्तराखंड के यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम आपस में जुड़ जाएंगे, जिसके बाद श्रद्धालु हर मौसम में इन चारों धामों की यात्रा कर सकेंगे।

Sc Gives Its Nod To Construction Of Ongoing Projects Under Chardham Development Plan :

न्यायमूर्ति आर एफ नरिमन और न्यायमूर्ति विनीत शरण की पीठ ने केन्द्र से कहा कि राष्ट्रीय हरित अधिकरण के आदेश पर रोक लगाने की याचिका में अपना हलफनामा दाखिल करें। अधिकरण ने अपने आदेश में इन परियोजनाओं को मंजूरी देने के साथ ही इनकी निगरानी के लिये एक समिति गठित की थी।

बता दें कि पीएम नरेंद्र मोदी ने 27 दिसंबर 2016 को चारधाम महामार्ग विकास परियोजना का शिलान्यास किया था। इस परियोजना के तहत करीब 12 हजार करोड़ की लागत से 900 किलोमीटर लंबे सड़क मार्ग का विकास करना है। यह कार्य कई चरणों में होना है जिसके तहत कई नई सड़कों का निर्माण और कुछ पुरानी सड़कों का विकास किया जाना है।

इस योजना को चार धाम मार्ग का पुनरुद्धार भी कहा जा रहा है। केंद्र की इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत चीन सीमा और चार धामों तक पहुंचने वाली सड़कों को विश्व स्तर का बनाया जाना है। इसके तहत करीब 12 हजार करोड़ रुपए की लागत से 880 किलोमीटर से ज्यादा सड़क चौड़ीकरण का काम होना है।

नई दिल्ली। उत्तराखंड के चार पवित्र शहरों को सभी मौसम में जोड़ने वाली सड़कों के निर्माण के लिये चारधाम विकास योजना के तहत विभिन्न परियोजनाओं को शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने अपनी मंजूरी दे दी है। सुप्रीम कोर्ट की ओर से मंजूरी मिलने के बाद चार धाम को जोड़ने वाले हाइवे के निर्माण का मार्ग प्रशस्त हो गया है। इस हाइवे के निर्माण के बाद उत्तराखंड के यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम आपस में जुड़ जाएंगे, जिसके बाद श्रद्धालु हर मौसम में इन चारों धामों की यात्रा कर सकेंगे। न्यायमूर्ति आर एफ नरिमन और न्यायमूर्ति विनीत शरण की पीठ ने केन्द्र से कहा कि राष्ट्रीय हरित अधिकरण के आदेश पर रोक लगाने की याचिका में अपना हलफनामा दाखिल करें। अधिकरण ने अपने आदेश में इन परियोजनाओं को मंजूरी देने के साथ ही इनकी निगरानी के लिये एक समिति गठित की थी। बता दें कि पीएम नरेंद्र मोदी ने 27 दिसंबर 2016 को चारधाम महामार्ग विकास परियोजना का शिलान्यास किया था। इस परियोजना के तहत करीब 12 हजार करोड़ की लागत से 900 किलोमीटर लंबे सड़क मार्ग का विकास करना है। यह कार्य कई चरणों में होना है जिसके तहत कई नई सड़कों का निर्माण और कुछ पुरानी सड़कों का विकास किया जाना है। इस योजना को चार धाम मार्ग का पुनरुद्धार भी कहा जा रहा है। केंद्र की इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत चीन सीमा और चार धामों तक पहुंचने वाली सड़कों को विश्व स्तर का बनाया जाना है। इसके तहत करीब 12 हजार करोड़ रुपए की लागत से 880 किलोमीटर से ज्यादा सड़क चौड़ीकरण का काम होना है।