खबर का असर: पीएम आवास योजना में भ्रष्टाचार की जांच शुरू, महकमे में हड़कम्प

अमेठी, पीएम आवास योजना में भ्रष्टाचार
खबर का असर: पीएम आवास योजना में भ्रष्टाचार की जांच शुरू, महकमे में हड़कम्प

अमेठी: जहां एक ओर देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एनडीए सरकार के शासन काल में भ्रष्टाचार मुक्त बताने और गरीबों को सीधे योजनाओं का लाभ दिये जाने के बड़े-बड़े दावे कर रहे हैं वहीं दूसरी ओर अमेठी में इसकी जमीनी हकीकत कुछ और ही है, न तो भ्रष्टाचार पर लगाम लग पा रही है और न ही गरीबों को योजनाओं का लाभ बिना सुविधा शुल्क दिये नहीं मिल पा रहा है।

क्या है मामला-

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मामला अमेठी जनपद के विकासखण्ड मुसाफिरखाना के जमुवारी गाँव का है जहां पर पंचायत मित्र व ग्राम प्रधान पर आरोप लगा की जमुवारी ग्राम सभा में प्रधानमंत्री आवास योजना को भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा दिया है दरअसल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आवासहीन गरीबों को आवास उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री आवास योजना का शुभारम्भ किया था।

योजना देने के नाम पर शुरू हो जाती है सौदेबाजी-

ग्रामीणों का आरोप है यह योजना जमुवारी गांव में भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई है। मुसाफिरखाना ब्लाक के कुछ अधिकारियों से मिली भगत कर पंचायत मित्र व ग्राम प्रधान द्वारा इस योजना का लाभ देने के नाम पर जमकर वसूली की जा रही है। पहले से ही ग्रामीणों से योजना का लाभ देने के नाम पर सौदेबाजी शुरू हो जाती हैं।

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हिन्दू युवा वाहिनी अमेठी के जिला प्रभारी अभय सिंह नारे ने मुख्यमंत्री को दिए गये शिकायती पत्र में आरोप लगाया है कि पीएम आवास आवंटन के लिए ग्राम प्रधान ने ग्रामीण सत्यनाम सुत राम पाल व पितंबर पुत्र पल्लर से 15-15 हजार,रामहेत सरोज पुत्र भागीरथी सरोज से 6200,जोगूराम पुत्र गोपी 11000 रुपये व लालजी पुत्र लुटावन से 10000 रुपये की लिए है।

रुपये न देने पर कोई कारण बता रोक देते हैं किस्त-

आरोप है कि जैसे ही इस योजना का पैसा लाभार्थी के खाते में आ जाता है तो ग्राम प्रधान व पंचायत मित्र के माध्यम से प्रति किश्त हजारो रुपये के हिसाब से वसूल किया जाता है और यदि किसी लाभार्थी द्वारा पैसा नहीं दिया जाता तो उसकी अगली किश्त कोई कारण बता रोक दिया जाता है ग्रामीण सत्यनाम(50वर्ष) सुत रामलाल निवासी जमुवारी ने आरोप लगाया कि जमुवारी ग्राम सभा के पंचायत मित्र ने गुमराह कर दूसरी किश्त दिलाने के एवज में 15 हजार रुपए की वसूली की है बताया जा रहा है कि जो लाभार्थी पंचायत मित्र को पैसा नहीं देते है उनकी दूसरी किश्त रोक ली जाती है।

सीडीओ ने निरीक्षण कर दिया कार्यवाही का भरोसा-

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वहीं,कल हमारी खबर प्रकाशित होने के बाद आज महकमे में हड़कम्प मच गया जब जिले के मुख्य विकास अधिकारी अमेठी राहुल सिंह ने जमुवारी ग्राम में जमीनी निरीक्षण कर शिकायतकर्ताओं से रूबरू हुए तथा मामले को गम्भीरता से लेते हुए शिकायतकर्ताओं को उचित कार्यवाही का भरोसा दिया वही दूसरी ओर अब ग्रामीण शिकायतकर्ताओं का कहना की सीडीओ अमेठी से बात करने के बाद हम आशान्वित हो गए है।

रिपोर्ट-राम मिश्रा

अमेठी: जहां एक ओर देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एनडीए सरकार के शासन काल में भ्रष्टाचार मुक्त बताने और गरीबों को सीधे योजनाओं का लाभ दिये जाने के बड़े-बड़े दावे कर रहे हैं वहीं दूसरी ओर अमेठी में इसकी जमीनी हकीकत कुछ और ही है, न तो भ्रष्टाचार पर लगाम लग पा रही है और न ही गरीबों को योजनाओं का लाभ बिना सुविधा शुल्क दिये नहीं मिल पा रहा है। क्या है मामला- मामला अमेठी जनपद के विकासखण्ड मुसाफिरखाना…
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