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प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी ‘आयुष्मान योजना’ में घोटाला, 171 अस्पतालों ने फर्जी बिल से कराया भुगतान

By शिव मौर्या 
Updated Date

Scam In Prime Ministers Ambitious Ayushman Yojana 171 Hospitals Paid Through Fake Bill

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी ‘आयुष्मान योजना’ में घोटालेबाजों ने सेंध लगा दी। तमाम हाईटेक निगरानी के बाद भी घोटालेबाजों ने 171 अस्पतालों में फर्जी बिल से भुगतान करा लिया। आयुष्मान योजना में फर्जीवाड़ा समाने आने के बाद हड़कंप मच गया। अफसरों ने इस मामले में जांच के आदेश ​दे दिए। वहीं, आयुष्मान भारत योजना को लागू और निगरानी करने वाले नेशनल हेल्थ अथारिटी (एनएचए) के डिप्टी सीइओ प्रवीण गेडाम का दावा है कि वह खुद ही इन घोटालेबाजों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई कर रहा है।

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आयुष्मान योजना में घोटालेबाजों ने सेंध लगा दी है। मामला उजागर हुआ तो घोटालेबाजों की करतूत सामने आई। दरअसल, योजना में सेंध लगाने वाले घोटालेबाजों ने गुजरात में एक ही परिवार के नाम से 1700 लोगों का कार्ड बनवा दिया। इसी तरह से छत्तीसगढ़ में एक ही परिवार के नाम पर 109 कार्ड बनाने व उनमें से 57 की आंख की सर्जरी दिखाया गया। इसके साथ ही 171 अस्पतालों द्वारा फर्जी बिल भेज कर भुगतान लेने जैसे मामले भी उजागर हुए हैं। आयुष्मान योजना के तहत अभी तक दो लाख से अधिक फर्जी कार्ड बनवाने का मामला सामने आ चुका है।

आयुष्मान योजना में फर्जीवाड़ा उजागर होने के बाद डिप्टी सीइओ प्रवीण गेडाम का दावा है कि अस्पताल में होने वाले इलाज पर कड़ी नजर रखी जा रही है, जिसके कारण यह मामला उजागर हो रहा है। उन्होंने बताया कि एनएचए के तहत गठित नेशनल एंटी फ्राड यूनिट (एनएएफयू) ने आयुष्मान भारत के तहत संदिग्ध कार्डों की पहचान की है और संबंधित राज्य सरकारों को इन पर कार्रवाई के लिए कहा भी गया है। उनके अनुसार जिन 171 अस्पतालों द्वारा फर्जी बिल भेजने की बात की गई है, उन्हें प्रतिबंधित किया जा चुका है और उनसे जुर्माना सहित चार करोड़ रुपये वसूले भी गए हैं।

बता दें कि, आयुष्मान योजना के तहत देश के 50 करोड़ गरीब लोगों का पांच लाख रुपये तक मुफ्त और कैशलेस इलाज की सुविधा उपलब्ध है। इस योजना के तहत अब तक 70 लाख से अधिक गरीबों का इलाज भी हो चुका है। 11 करोड़ से अधिक लोगों को कार्ड जारी किया गया है। वहीं शुक्रवार की शाम प्रधानमंत्री कार्यालय में स्वास्थ्य मंत्रालय ने अपने कामकाज का प्रजेंटेशन दिया।

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