छात्रवृत्ति घोटाला : समाज कल्याण के पूर्व निदेशक समेत 6 पर केस, जांच में उजागर हुआ करोड़ों का फर्जीवाड़ा

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छात्रवृत्ति घोटाला : समाज कल्याण के पूर्व निदेशक पर केस, SIT की जांच में उजागर हुआ करोड़ों का फर्जीवाड़ा

लखनऊ। उत्तराखंड में रह रहे यूपी के छात्र-छात्राओं की छात्रवृत्ति के नाम पर आठ करोड़ रुपये से ज्यादा का घोटाला सामने आया है। छात्रवृत्ति घोटाला उजागर होने के बाद एसआईटी ने कार्रवाई शुरू कर दी। घोटाले को लेकर समाज कल्याण विभाग के तत्कालीन निदेशक मिश्री लाल पासवान समेत छह लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। वहीं, इस घोटाले में शामिल अधिकारियों समेत अन्य लोगों का ब्योरा खंगाला जा रहा है। सूत्रों की माने तो छात्रवृत्ति घोटाले में समाज कल्याण विभाग के कई अधिकारियों पर भी शिकंजा कसा जा सकता है।

Scholarship Scam Case On Former Director Of Social Welfare Sp Government Handed Over Investigation To Sit :

एसआईटी के इंस्पेक्टर सुशील कुमार उपाध्याय की तहरीर पर समाज कल्याण विभाग के तत्कालीन निदेशक मिश्री लाल पासवान, तत्कालीन अधीक्षक शिक्षा अनुभाग अनिल उपाध्याय व डीके गुप्ता, पटल सहायक शिक्षा अनुभाग धर्मेंद्र सिंह, योजना अधिकारी डॉ. मंजूश्री श्रीवास्तव व गुरुनानक एजुकेशन ट्रस्ट के ट्रस्टी सरदार गुरुसिमरन सिंह चड्ढा के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।

इन सबके खिलाफ धोखाधड़ी, फर्जीवाड़ा, अपराधिक साजिश, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम व साक्ष्य मिटाने के आरोप हैं। एसआईटी सूत्रों ने बताया कि इस मामले में जल्द ही कई गिरफ्तारी भी हो सकती है। गौरतलब है कि, छात्रवृत्ति का यह घोटाला सपा शासन काल में उजागर हुआ था। इसके बाद सपा सरकार ने 27 दिसंबर 2016 को जांच एसआईटी को सौंपी थी।

एसआईटी ने 12 जून 2019 को जांच पूरी कर शासन को भेज दी थी। 26 अगस्त 2019 को अपर मुख्य सचिव गृह की अध्यक्षता में हुई बैठक के बाद एफआईआर दर्ज करने का आदेश हुआ था। आरोप है कि गुरुनानक एजुकेशन ट्रस्ट में वर्ष 2011-12 व 2012-13 में तय दर से अधिक शुल्क का भुगतान किया गया था।

लखनऊ। उत्तराखंड में रह रहे यूपी के छात्र-छात्राओं की छात्रवृत्ति के नाम पर आठ करोड़ रुपये से ज्यादा का घोटाला सामने आया है। छात्रवृत्ति घोटाला उजागर होने के बाद एसआईटी ने कार्रवाई शुरू कर दी। घोटाले को लेकर समाज कल्याण विभाग के तत्कालीन निदेशक मिश्री लाल पासवान समेत छह लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। वहीं, इस घोटाले में शामिल अधिकारियों समेत अन्य लोगों का ब्योरा खंगाला जा रहा है। सूत्रों की माने तो छात्रवृत्ति घोटाले में समाज कल्याण विभाग के कई अधिकारियों पर भी शिकंजा कसा जा सकता है। एसआईटी के इंस्पेक्टर सुशील कुमार उपाध्याय की तहरीर पर समाज कल्याण विभाग के तत्कालीन निदेशक मिश्री लाल पासवान, तत्कालीन अधीक्षक शिक्षा अनुभाग अनिल उपाध्याय व डीके गुप्ता, पटल सहायक शिक्षा अनुभाग धर्मेंद्र सिंह, योजना अधिकारी डॉ. मंजूश्री श्रीवास्तव व गुरुनानक एजुकेशन ट्रस्ट के ट्रस्टी सरदार गुरुसिमरन सिंह चड्ढा के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। इन सबके खिलाफ धोखाधड़ी, फर्जीवाड़ा, अपराधिक साजिश, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम व साक्ष्य मिटाने के आरोप हैं। एसआईटी सूत्रों ने बताया कि इस मामले में जल्द ही कई गिरफ्तारी भी हो सकती है। गौरतलब है कि, छात्रवृत्ति का यह घोटाला सपा शासन काल में उजागर हुआ था। इसके बाद सपा सरकार ने 27 दिसंबर 2016 को जांच एसआईटी को सौंपी थी। एसआईटी ने 12 जून 2019 को जांच पूरी कर शासन को भेज दी थी। 26 अगस्त 2019 को अपर मुख्य सचिव गृह की अध्यक्षता में हुई बैठक के बाद एफआईआर दर्ज करने का आदेश हुआ था। आरोप है कि गुरुनानक एजुकेशन ट्रस्ट में वर्ष 2011-12 व 2012-13 में तय दर से अधिक शुल्क का भुगतान किया गया था।