खुद विज्ञान ने माना बच्चो के 95 % बेहतर विकास के लिए जरुरी है दादा दादी की बाते

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बच्चो को माँ बाप का प्यार भले ही बचपन में मिले न मिले लेकिन दादा दादी का प्यार उनके लिए बहुत ज्यादा मायने रखता है. हर बच्चा अपने दादा दादी के साथ जो भी पल बिताता है वो उसकी सबसे अच्छी यादो में से एक होते है जिन्हें वह जिन्दगी भर याद रखता है. दादा दादी नाना नानी हमारे जीवन में एक अहम भूमिका निभाते है. उनके द्वारा दी गयी सीख से कोई भी बच्चा गलत रास्ते पर नही जा सकता है. वे हमेशा बच्चो को अच्छी और समझदारी वाली बाते ही सिखाते है. दादा दादी की सीख से ही बच्चे दुसरो से साथ मिलनसार और अपनी चीजे दुसरो के साथ मिल बांटकर खाने वाले होते है. पुराने समय में दादा दादी चाचा चाची समेत पूरा परिवार एक ही छत के नीचे रहता था लेकिन आज ऐसा बिलकुल नही है.

Science Itself Believes That 95 Of Grandparents Things Are Necessary For Better Development Of Children :

आज की भागदौड भरी दुनिया में लोग अकेले रहना ज्यादा पसंद करते है. बहुत कम परिवार ऐसे देखने को मिलेंगे जिसमे दादा दादी उनके साथ रहते है. गाँव छोडकर लोग शहरों में आकर रहने लगे है. 2 कमरों का फ्लैट लेकर रहते है और नौकरी करते है. ऐसे में बच्चो के दादा दादी उनके पास केवल मेहमान बनकर ही आते है. लेकिन हम आपको बता दें कि साइंस का मानना है कि बच्चो को अपने दादा दादी के साथ ही रहना चाहिए. जो बच्चे अपने दादा दादी के साथ रहते है वो अकेले रहने वाले बच्चो से काफी अलग होते है. आइये जानते है कैसे ?

खुश और सुरक्षित रहते है बच्चे
अब ये बात तो आप जानते ही है कि बढती महंगाई में पति घर का अकेले खर्च नही चला पाता है. इसलिए पत्नी भी अपने पति के साथ काम करना पसंद करती है. दोनों सुबह जॉब पर जाते है. शाम को आकर खाना बनाना और खाकर सो जाना. इस बीच वे अपने बच्चो पर उतना ज्यादा ध्यान नही दे पाते है. ऐसे में अगर बच्चे अपने दादा दादी के साथ रहते है तो न सिर्फ उन्हें सिखने के लिए अच्छी बाते मिलती है बल्कि वे सुरक्षित भी रहते है.

नैतिक गुण सीखते है
बच्चो में संस्कार और गुण उनके बडो बुजुर्गो से ही सीखने को मिलते है. दादा दादी बचपन में बच्चो को जो कहानियां सुनाते है उनसे बच्चो को सीख मिलती है. बच्चो को कहानियां द्वारा वे ऐसी ऐसी बाते बता देते है जिससे बच्चो के दिमाग में इस तरह की बाते आने लगती है कि उन्हें जीवन में कुछ करना चाहिए. बचपन में सुनी गयी कहानियां बच्चो के दिमाग पर बहुत ज्यादा असर डालती है.

माँ बाप भी रहेंगे खुश और सेहतमंद
दादा दादी के साथ बच्चो का रहना केवल बच्चो के लिए ही फायदेमंद नही होता है बल्कि आपके माँ बाप के लिए भी जरुरी होता है. अक्सर दादा दादी अपने बच्चो के बाद पोतो पोतियों से बहुत ज्यादा प्यार करते है. जब वे उनके साथ होते है तो सबसे ज्यादा खुश रहते है. बच्चो का दादा दादी के साथ एक अलग ही कनेक्शन बन जाता है. जिसमे दोनों एक दुसरे के बिना नही रह पाते है.

बच्चो को माँ बाप का प्यार भले ही बचपन में मिले न मिले लेकिन दादा दादी का प्यार उनके लिए बहुत ज्यादा मायने रखता है. हर बच्चा अपने दादा दादी के साथ जो भी पल बिताता है वो उसकी सबसे अच्छी यादो में से एक होते है जिन्हें वह जिन्दगी भर याद रखता है. दादा दादी नाना नानी हमारे जीवन में एक अहम भूमिका निभाते है. उनके द्वारा दी गयी सीख से कोई भी बच्चा गलत रास्ते पर नही जा सकता है. वे हमेशा बच्चो को अच्छी और समझदारी वाली बाते ही सिखाते है. दादा दादी की सीख से ही बच्चे दुसरो से साथ मिलनसार और अपनी चीजे दुसरो के साथ मिल बांटकर खाने वाले होते है. पुराने समय में दादा दादी चाचा चाची समेत पूरा परिवार एक ही छत के नीचे रहता था लेकिन आज ऐसा बिलकुल नही है. आज की भागदौड भरी दुनिया में लोग अकेले रहना ज्यादा पसंद करते है. बहुत कम परिवार ऐसे देखने को मिलेंगे जिसमे दादा दादी उनके साथ रहते है. गाँव छोडकर लोग शहरों में आकर रहने लगे है. 2 कमरों का फ्लैट लेकर रहते है और नौकरी करते है. ऐसे में बच्चो के दादा दादी उनके पास केवल मेहमान बनकर ही आते है. लेकिन हम आपको बता दें कि साइंस का मानना है कि बच्चो को अपने दादा दादी के साथ ही रहना चाहिए. जो बच्चे अपने दादा दादी के साथ रहते है वो अकेले रहने वाले बच्चो से काफी अलग होते है. आइये जानते है कैसे ? खुश और सुरक्षित रहते है बच्चे अब ये बात तो आप जानते ही है कि बढती महंगाई में पति घर का अकेले खर्च नही चला पाता है. इसलिए पत्नी भी अपने पति के साथ काम करना पसंद करती है. दोनों सुबह जॉब पर जाते है. शाम को आकर खाना बनाना और खाकर सो जाना. इस बीच वे अपने बच्चो पर उतना ज्यादा ध्यान नही दे पाते है. ऐसे में अगर बच्चे अपने दादा दादी के साथ रहते है तो न सिर्फ उन्हें सिखने के लिए अच्छी बाते मिलती है बल्कि वे सुरक्षित भी रहते है. नैतिक गुण सीखते है बच्चो में संस्कार और गुण उनके बडो बुजुर्गो से ही सीखने को मिलते है. दादा दादी बचपन में बच्चो को जो कहानियां सुनाते है उनसे बच्चो को सीख मिलती है. बच्चो को कहानियां द्वारा वे ऐसी ऐसी बाते बता देते है जिससे बच्चो के दिमाग में इस तरह की बाते आने लगती है कि उन्हें जीवन में कुछ करना चाहिए. बचपन में सुनी गयी कहानियां बच्चो के दिमाग पर बहुत ज्यादा असर डालती है. माँ बाप भी रहेंगे खुश और सेहतमंद दादा दादी के साथ बच्चो का रहना केवल बच्चो के लिए ही फायदेमंद नही होता है बल्कि आपके माँ बाप के लिए भी जरुरी होता है. अक्सर दादा दादी अपने बच्चो के बाद पोतो पोतियों से बहुत ज्यादा प्यार करते है. जब वे उनके साथ होते है तो सबसे ज्यादा खुश रहते है. बच्चो का दादा दादी के साथ एक अलग ही कनेक्शन बन जाता है. जिसमे दोनों एक दुसरे के बिना नही रह पाते है.