सिंधिया ने कमलनाथ पर साधा निशाना, कहा-सीएम रहते वक्त उनके पास कोरोना वायरस पर बैठक करने का समय नहीं था

jyotiraditya sindhiya
कांग्रेस ने सिंधिया पर कसा तंज, ट्विटर पर ज्योतिरादित्य की फोटो शेयर करके नागपंचमी की दी बधाई

इंदौर। भारतीय जनता पार्टी के नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने एक बार फिर कांग्रेस के पूर्व सीएम कमलनाथ पर हमला बोला है। आरोप लगाते हुए सिंधिया ने कहा कि सीएम रहते वक्त उनके पास कोरोना वायरस पर बैठक करने का समय नहीं था लेकिन आईफा अवार्ड में जाने का समय था। यह कोई पहला मौका नहीं है जब सिंधिया कमलनाथ पर हमला किए हों। कांग्रेस छोड़ने के बाद वह अक्सर कमलनाथ पर हमलावर दिखते हैं।

Scindia Targeted Kamal Nath Saying While Cm He Did Not Have Time To Meet On Corona Virus :

ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा, ‘जब कमलनाथ मुख्यमंत्री थे तब उनके पास राज्य में कोविड-19 की स्थिति को लेकर बैठक करने का समय नहीं था लेकिन उनके पास आईफा अवार्ड में शामिल होने के लिए इंदौर जाने का समय था। ऐसी स्थिति में एक फाइटर (शिवराज सिंह चौहान) सामने आया और 23 मार्च को उन्होंने राज्य की कमान अपने हाथों में संभाली और राज्य का अकेले दम पर नेतृत्व करते हुए इस वैश्विक महामारी का सामना किया।’

बता दें कि, मध्यप्रदेश में बीजेपी सिंधिया खेमे पर बहुत ज्यादा मेहरबान है। राज्य कैबिनेट के बंटवारे में भी कई अहम विभाग सिंधिया खेमे के नेताओं को दिए गए हैं। कहा तो यह भी जा रहा है कि सिंधिया के समर्थकों को विभागों का बंटवारा उनकी पसंद के आधार पर किया गया है। राजस्थान में राजनीतिक संकट के दौरान सचिन पायलट को लेकर उन्होंने कहा था कि सचिन पायलट की स्थिति देखकर दुखी हूं। इससे साफ होता है कि कांग्रेस में योग्यता और काबिलियत के लिए कोई जगह नहीं है।

 

इंदौर। भारतीय जनता पार्टी के नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने एक बार फिर कांग्रेस के पूर्व सीएम कमलनाथ पर हमला बोला है। आरोप लगाते हुए सिंधिया ने कहा कि सीएम रहते वक्त उनके पास कोरोना वायरस पर बैठक करने का समय नहीं था लेकिन आईफा अवार्ड में जाने का समय था। यह कोई पहला मौका नहीं है जब सिंधिया कमलनाथ पर हमला किए हों। कांग्रेस छोड़ने के बाद वह अक्सर कमलनाथ पर हमलावर दिखते हैं। ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा, 'जब कमलनाथ मुख्यमंत्री थे तब उनके पास राज्य में कोविड-19 की स्थिति को लेकर बैठक करने का समय नहीं था लेकिन उनके पास आईफा अवार्ड में शामिल होने के लिए इंदौर जाने का समय था। ऐसी स्थिति में एक फाइटर (शिवराज सिंह चौहान) सामने आया और 23 मार्च को उन्होंने राज्य की कमान अपने हाथों में संभाली और राज्य का अकेले दम पर नेतृत्व करते हुए इस वैश्विक महामारी का सामना किया।' बता दें कि, मध्यप्रदेश में बीजेपी सिंधिया खेमे पर बहुत ज्यादा मेहरबान है। राज्य कैबिनेट के बंटवारे में भी कई अहम विभाग सिंधिया खेमे के नेताओं को दिए गए हैं। कहा तो यह भी जा रहा है कि सिंधिया के समर्थकों को विभागों का बंटवारा उनकी पसंद के आधार पर किया गया है। राजस्थान में राजनीतिक संकट के दौरान सचिन पायलट को लेकर उन्होंने कहा था कि सचिन पायलट की स्थिति देखकर दुखी हूं। इससे साफ होता है कि कांग्रेस में योग्यता और काबिलियत के लिए कोई जगह नहीं है।