SDP देविंदर सिंह मामला: NIA की गिरफ्त में आतंकियों को हथियार मुहैया कराने का आरोपी

dsp
SDP देविंदर सिंह मामला: NIA की गिरफ्त में आतंकियों को हथियार मुहैया कराने का आरोपी

नई दिल्ली। राष्ट्रीय जांच एजेंसी को जम्मू-कश्मीर पुलिस के निलंबित डीएसपी देविंदर सिंह मामले में बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। एनआईए ने आतंकियों को हथियार और अन्य सामान मुहैया कराने के आरोपी तारिक अहमद मीर को गिरफ्तार किया है। सूत्रों के मुताबिक मीर आतंकियों और पुलिस के रिश्ते का सबसे बड़ा राज़दार है और इस बाबत कई बड़े खुलासे कर सकता है। NIA की जम्मू ब्रांच ने इस शख्स को गिरफ्तार किया है। DSP दविन्दर सिंह मामले में तारिक़ मीर को मिलाकर अब तक सात गिरफ्तारियां हो चुकी है।  

Sdp Devinder Singh Case Accused Of Providing Arms To Terrorists Under Nia Hold :

कौन है तारिक़ अहमद?

तारिक़ अहमद मीर हिजबुल का ओवरग्राउंड वर्कर है। वो शोपियां का रहने वाला है और आतंकियों को लॉजिस्टिक्स, सुरक्षा बलों की मौजूदगी की सूचना देने और दूसरी के तरह की मदद मुहैया करवाने की वजह से आतंकियों का लाइफलाइन माना जाता था। वो सरपंच भी रह चुका है।

न्यायिक हिरासत में दविंदर

बता दें कि 11 अप्रैल को पटियाला हाउस कोर्ट ने जम्मू-कश्मीर के निलंबित डीएसपी दविंदर सिंह को 27 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। विशेष न्यायाधीश अजय कुमार जैन ने दविंदर सिंह को छह मई तक के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। इससे पहले दविंदर को पुलिस रिमांड पर भेजा गया था। पुलिस ने अदालत से कहा कि आरोपी से और ज्यादा पूछताछ करने की जरूरत नहीं है।

ऐसे हुआ था गिरफ्तार

दविंदर को जनवरी 2020 में गिरफ्तार किया गया था। कुलगाम ज़िले में सर्च ऑपरेशन के दौरान पुलिस ऑफिसर दविंदर सिंह को दो आतंकी के साथ गिरफ्तार किया था। ऑफिसर और आतंकी को उस वक्त पकड़ा गया, जब ये तीनों एक साथ एक कार में सवार होकर कहीं जा रहे थे। पुलिस के मुताबिक, दविंदर के हिजबुल मुजाहिदीन के दो मोस्टवांटेड आतंकी पीछे की सीट पर बैठे थे।

आतंकियों को देता था पनाह

सूत्रों के मुताबिक, दविंदर ने आतंकियों को पनाह देने के लिए तीन अलग-अलग घर बना रखे थे। दविंदर ने न सिर्फ अपने श्रीनगर के इंदिरानगर के घर पर आतंकियों के रहने का इंतजाम किया, बल्कि चानपोरा और सनत नगर इलाकों में भी उनके रहने की व्यवस्था की। आरोप है कि ये घर निर्दोष लोगों को आतंकवाद के मामले में फंसाकर उनसे लिए गए पैसे से बनाए गए।  

नई दिल्ली। राष्ट्रीय जांच एजेंसी को जम्मू-कश्मीर पुलिस के निलंबित डीएसपी देविंदर सिंह मामले में बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। एनआईए ने आतंकियों को हथियार और अन्य सामान मुहैया कराने के आरोपी तारिक अहमद मीर को गिरफ्तार किया है। सूत्रों के मुताबिक मीर आतंकियों और पुलिस के रिश्ते का सबसे बड़ा राज़दार है और इस बाबत कई बड़े खुलासे कर सकता है। NIA की जम्मू ब्रांच ने इस शख्स को गिरफ्तार किया है। DSP दविन्दर सिंह मामले में तारिक़ मीर को मिलाकर अब तक सात गिरफ्तारियां हो चुकी है।   कौन है तारिक़ अहमद? तारिक़ अहमद मीर हिजबुल का ओवरग्राउंड वर्कर है। वो शोपियां का रहने वाला है और आतंकियों को लॉजिस्टिक्स, सुरक्षा बलों की मौजूदगी की सूचना देने और दूसरी के तरह की मदद मुहैया करवाने की वजह से आतंकियों का लाइफलाइन माना जाता था। वो सरपंच भी रह चुका है। न्यायिक हिरासत में दविंदर बता दें कि 11 अप्रैल को पटियाला हाउस कोर्ट ने जम्मू-कश्मीर के निलंबित डीएसपी दविंदर सिंह को 27 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। विशेष न्यायाधीश अजय कुमार जैन ने दविंदर सिंह को छह मई तक के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। इससे पहले दविंदर को पुलिस रिमांड पर भेजा गया था। पुलिस ने अदालत से कहा कि आरोपी से और ज्यादा पूछताछ करने की जरूरत नहीं है। ऐसे हुआ था गिरफ्तार दविंदर को जनवरी 2020 में गिरफ्तार किया गया था। कुलगाम ज़िले में सर्च ऑपरेशन के दौरान पुलिस ऑफिसर दविंदर सिंह को दो आतंकी के साथ गिरफ्तार किया था। ऑफिसर और आतंकी को उस वक्त पकड़ा गया, जब ये तीनों एक साथ एक कार में सवार होकर कहीं जा रहे थे। पुलिस के मुताबिक, दविंदर के हिजबुल मुजाहिदीन के दो मोस्टवांटेड आतंकी पीछे की सीट पर बैठे थे। आतंकियों को देता था पनाह सूत्रों के मुताबिक, दविंदर ने आतंकियों को पनाह देने के लिए तीन अलग-अलग घर बना रखे थे। दविंदर ने न सिर्फ अपने श्रीनगर के इंदिरानगर के घर पर आतंकियों के रहने का इंतजाम किया, बल्कि चानपोरा और सनत नगर इलाकों में भी उनके रहने की व्यवस्था की। आरोप है कि ये घर निर्दोष लोगों को आतंकवाद के मामले में फंसाकर उनसे लिए गए पैसे से बनाए गए।