जल्द ही Sea Plane चलाने जा रही है मोदी सरकार, जानिए कितना होगा किराया

जल्द ही Sea Plane चलाने जा रही है मोदी सरकार, जानिए कितना होगा किराया
जल्द ही Sea Plane चलाने जा रही है मोदी सरकार, जानिए कितना होगा किराया

Seaplanes Will Be Realty Soon Centre Gave Nod To Water Aerodrome Proposal

नई दिल्ली। देश में अब सी प्‍लेन भी उडेंगे। इससे देश में एम्‍फीबियन विमानों का बाजार तेजी से बढ़ेगा. नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने देश में सी प्लेन के लिए वॉटर एयरोड्रम बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। पहले फेज में 3 जगहों को चयनित किया गया। इनमें ओडिशा की चिल्का झील और गुजरात में सरदार सरोवर बांध और साबरमती नदी शामिल हैं। सी प्‍लेन पहली बार दिसंबर 2017 में चर्चा में आए थे जब पीएम मोदी ने अहमदाबाद में साबरममी नदी पर इससे उड़ान भरी थी।

उड्डयन मंत्री सुरेश प्रभु ने ट्वीट कर दी जानकारी

उड्डयन मंत्री सुरेश प्रभु ने इस शुक्रवार को इस प्रस्ताव पर मुहर लगाई। उन्होंने ट्वीट किया, ” देश के विभिन्न हिस्सों में वॉटर एयरोड्रम बनाने की मंजूरी दे दी गई। इससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। लोगों की कनेक्टिविटी भी अच्छी होगी।” उन्होंने बताया कि डीजीसीए जून में वॉटर एयरोड्रम बनाने और इससे संबधित लाइसेंस की प्रक्रिया को लेकर नियम जारी कर चुका है। अधिकारी ने कहा कि चूंकि किसी भी विमानन कंपनी से इस क्षेत्र में बाजार और मांग संबंधी ऐतिहासिक आंकड़े नहीं मिले हैं, इसलिए इस परियोजना पर प्रायोगिक तौर पर काम किया जायेगा।

क्‍या होता है सीप्‍लेन

सी प्लेन जमीन-पानी दोनों से उड़ान भर सकता है. सी प्लेन को पानी और जमीन पर लैंड कराया जा सकता है। यह महज 300 मीटर के रनवे से उड़ान भर सकता है। 300 मीटर की लंबाई वाले जलाशय का इस्तेमाल हवाई-पट्टी के रूप में संभव है। स्पाइसजेट देश में एंफीबियन विमानों को उड़ाएगी। जापान की सेटॉची होल्डिंग्स से कोडियेक क्वेस्ट विमानों का सौदा हो चुका है। यह एक घंटे में 250 किमी की दूरी तय कर सकता है।

कितना होगा किराया

भारत में स्पाइसजेट जल्द ही DGCA से सी प्लेन उड़ाने के लिए मंज़ूरी लेगी। माना जा रहा है कि मंजूरी के बाद सी प्लेन सेवा शुरू हो जाएगी। कंपनी ने 100 सी प्‍लेन का ऑर्डर भी दिया है। अभी पोर्ट ब्‍लेयर में सी प्‍लेन सेवाएं दे रहे हैं। andamanbeacon.com साइट के मुताबिक पोर्ट ब्‍लेयर से हैव लॉक पहुंचने में 20 मिनट लगते हैं। उसका किराया स्‍थानीय लोगों (निकोबार) के लिए 600 रुपए है जबकि पर्यटक के लिए 4100 रुपए है। वहीं पोर्ट ब्‍लेयर से हट बे पहुंचने में 35 मिनट लगते हैं। इसका किराया निकोबारी के लिए 1050 रुपए तो पर्यटक के लिए 7171 रुपए है। अंडमान-निकोबार में 2011 से सीप्‍लेन परिचालन में हैं।

5 राज्‍यों में बनेंगे ऐसे एयरोड्रम

भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) ने इसके लिए ओडिशा, गुजरात, असम, महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश में जगहों की पहचान पहले ही कर ली है। अधिकारी ने कहा कि पहले चरण में जलाशयों में एयरोड्रम बनाने के लिए ओडिशा में चिल्का झील तथा गुजरात में सरदार सरोवर बांध और साबरमती रिवर फ्रंट की पहचान की गई है।

नई दिल्ली। देश में अब सी प्‍लेन भी उडेंगे। इससे देश में एम्‍फीबियन विमानों का बाजार तेजी से बढ़ेगा. नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने देश में सी प्लेन के लिए वॉटर एयरोड्रम बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। पहले फेज में 3 जगहों को चयनित किया गया। इनमें ओडिशा की चिल्का झील और गुजरात में सरदार सरोवर बांध और साबरमती नदी शामिल हैं। सी प्‍लेन पहली बार दिसंबर 2017 में चर्चा में आए थे जब पीएम मोदी ने अहमदाबाद में…