सबरीमला कपाट खुलने के बाद केरल में तनाव, धारा 144 लागू

sabramala protest
सबरीमला कपाट खुलने के बाद केरल में तनाव, धारा 144 लागू

तिरुवनंतपुरम। सबरीमला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश को लेकर बीते एक महीने से चल विवाद के बीच बुधवार को मंदिर के कपाट खोल दिए गए। सभी उम्र की महिलाओं को मंदिर में प्रवेश की सुप्रीम कोर्ट से इजाज मिलने के बाद भी वहां महिलाओं को प्रवेश नहीं दिया गया। मंदिर की तरफ जाने वाले रास्तों को प्रदर्शनकारियों ने बंद कर रखा है और महिलाओं को वापस भेजा जा रहा है। जिसको लेकर केरल में तनाव की स्थिती बन गई है। ​किसी अनहोनी से बचने के लिए प्रशासन ने प्रदेश के कई इलाकों में धारा 144 लागू कर दी है।

Section 144 Has Been Imposed In Many Places Of Kerala Sabrimala Protest :

बताया जा रहा है कि सबरीमाला मंदिर में आज 50 वर्ष के कम उम्र की महिलाएं दर्शन नहीं कर सकीं। सुरक्षा को देखते हुए 10-50 वर्ष की महिलाएं मंदिर में भगवान अयप्पा के दर्शन के लिए नहीं पहुंचीं। बता दें कि मंदिर के कपाट 22 अक्टूबर तक खुले रहेंगे। इधर केंद्रीय गृह मंत्रालय में केरल में आज हुए हिंसा का संज्ञान लिया है। बड़ी संख्या में पुलिस की तैनाती के बावजूद दर्शन के लिए जा रहीं महिलाओं को लौटा दिया गया है।

बता दें कि महिलाओं के महिलाओं के मंदिर में प्रवेश का विरोध करने वाले प्रदर्शनकारियों ने मीडिया पर भी हमला बोल दिया। निलक्कल के रास्ते में प्रदर्शनकारियों ने कुछ चैनलों के पत्रकारों और उनकी टीम को निशाना बनाया है। बाद में पुलिस ने अपनी गाड़ी में उन्हें सुरक्षित वहां से बाहर निकाला। फिलहाल पुलिस ने त्रावणकोर देवासम बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष सहित 50 लोगों को हिरासत में लिया है।

तिरुवनंतपुरम। सबरीमला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश को लेकर बीते एक महीने से चल विवाद के बीच बुधवार को मंदिर के कपाट खोल दिए गए। सभी उम्र की महिलाओं को मंदिर में प्रवेश की सुप्रीम कोर्ट से इजाज मिलने के बाद भी वहां महिलाओं को प्रवेश नहीं दिया गया। मंदिर की तरफ जाने वाले रास्तों को प्रदर्शनकारियों ने बंद कर रखा है और महिलाओं को वापस भेजा जा रहा है। जिसको लेकर केरल में तनाव की स्थिती बन गई है। ​किसी अनहोनी से बचने के लिए प्रशासन ने प्रदेश के कई इलाकों में धारा 144 लागू कर दी है। बताया जा रहा है कि सबरीमाला मंदिर में आज 50 वर्ष के कम उम्र की महिलाएं दर्शन नहीं कर सकीं। सुरक्षा को देखते हुए 10-50 वर्ष की महिलाएं मंदिर में भगवान अयप्पा के दर्शन के लिए नहीं पहुंचीं। बता दें कि मंदिर के कपाट 22 अक्टूबर तक खुले रहेंगे। इधर केंद्रीय गृह मंत्रालय में केरल में आज हुए हिंसा का संज्ञान लिया है। बड़ी संख्या में पुलिस की तैनाती के बावजूद दर्शन के लिए जा रहीं महिलाओं को लौटा दिया गया है। बता दें कि महिलाओं के महिलाओं के मंदिर में प्रवेश का विरोध करने वाले प्रदर्शनकारियों ने मीडिया पर भी हमला बोल दिया। निलक्कल के रास्ते में प्रदर्शनकारियों ने कुछ चैनलों के पत्रकारों और उनकी टीम को निशाना बनाया है। बाद में पुलिस ने अपनी गाड़ी में उन्हें सुरक्षित वहां से बाहर निकाला। फिलहाल पुलिस ने त्रावणकोर देवासम बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष सहित 50 लोगों को हिरासत में लिया है।