सुप्रीम कोर्ट के बाहर महिलाओं का प्रदर्शन, धारा 144 लागू

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सुप्रीम कोर्ट के बाहर महिलाओं का प्रदर्शन, धारा 144 लागू

नई दिल्ली। मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई को यौन उत्पीड़न मामले में क्लीन चिट मिलने के बाद सुप्रीम कोर्ट के बाहर ​महिलाओं ने प्रदर्शन शुरू कर दिया है। इस दौरान वहां प्रदर्शन कर रहे कुछ महिलओं को हिरासत में ले लिया गया है। वहीं इस कारण न्यायालय परिसर के बाहर धारा 144 लागू कर दी गई है।

Section 144 Imposed Outside Supreme Court Following Protest B Lawyers And Women Activists :

बता दें कि यौन उत्पीड़न के आरोप से घिरे मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई को सुप्रीम कोर्ट के इन हाउस पैनल ने सोमवार को क्लीन चिट दी है। इसको लेकर आज सुप्रीम कोर्ट के बाहर महिलाएं प्रदर्शन कर रही हैं। करीब 30 महिलाओं को हिरासत में लिया गया है। वहीं प्रदर्शनकारियों ने सुप्रीम कोर्ट के एक पूर्व कर्मचारी द्वारा लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच की मांग की।

इससे पहले जस्टिस एसए बोबडे की अगुआई में हुई पूछताछ में रंजन गोगोई ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को खारिज कर दिया था। सोमवार को न्यायमूर्ति एसए बोबडे के नेतृत्व वाले पैनल ने कहा कि जांच की रिपोर्ट मुख्य न्यायाधीश और शीर्ष अदालत के वरिष्ठ न्यायाधीश को सौंपी गई है। उन्होंने यह भी कहा कि जैसा कि यह एक अनौपचारिक जांच थी इसलिए यह सार्वजनिक किए जाने योग्य नहीं है।

सुप्रीम कोर्ट ने एक बयान में कहा, इन-हाउस जांच कमेटी ने 19 अप्रैल को की गई सुप्रीम कोर्ट की एक पूर्व कर्मचारी की शिकायत में लगाए गए आरोपों में कोई सार नहीं पाया है। इस पैनल में जस्टिस बोबडे के अलावा जस्टिस इंदिरा बनर्जी और इंदु मल्होत्रा भी शामिल थी। वहीं इससे पहले बार काउंसिल ऑफ़ इंडिया (BCI) ने चीफ जस्टिस ऑफ़ इंडिया (CJI) रंजन गोगोई को यौन उत्पीड़न के आरोपों से मिली क्लीन चिट का समर्थन किया है।

नई दिल्ली। मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई को यौन उत्पीड़न मामले में क्लीन चिट मिलने के बाद सुप्रीम कोर्ट के बाहर ​महिलाओं ने प्रदर्शन शुरू कर दिया है। इस दौरान वहां प्रदर्शन कर रहे कुछ महिलओं को हिरासत में ले लिया गया है। वहीं इस कारण न्यायालय परिसर के बाहर धारा 144 लागू कर दी गई है। बता दें कि यौन उत्पीड़न के आरोप से घिरे मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई को सुप्रीम कोर्ट के इन हाउस पैनल ने सोमवार को क्लीन चिट दी है। इसको लेकर आज सुप्रीम कोर्ट के बाहर महिलाएं प्रदर्शन कर रही हैं। करीब 30 महिलाओं को हिरासत में लिया गया है। वहीं प्रदर्शनकारियों ने सुप्रीम कोर्ट के एक पूर्व कर्मचारी द्वारा लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच की मांग की। इससे पहले जस्टिस एसए बोबडे की अगुआई में हुई पूछताछ में रंजन गोगोई ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को खारिज कर दिया था। सोमवार को न्यायमूर्ति एसए बोबडे के नेतृत्व वाले पैनल ने कहा कि जांच की रिपोर्ट मुख्य न्यायाधीश और शीर्ष अदालत के वरिष्ठ न्यायाधीश को सौंपी गई है। उन्होंने यह भी कहा कि जैसा कि यह एक अनौपचारिक जांच थी इसलिए यह सार्वजनिक किए जाने योग्य नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने एक बयान में कहा, इन-हाउस जांच कमेटी ने 19 अप्रैल को की गई सुप्रीम कोर्ट की एक पूर्व कर्मचारी की शिकायत में लगाए गए आरोपों में कोई सार नहीं पाया है। इस पैनल में जस्टिस बोबडे के अलावा जस्टिस इंदिरा बनर्जी और इंदु मल्होत्रा भी शामिल थी। वहीं इससे पहले बार काउंसिल ऑफ़ इंडिया (BCI) ने चीफ जस्टिस ऑफ़ इंडिया (CJI) रंजन गोगोई को यौन उत्पीड़न के आरोपों से मिली क्लीन चिट का समर्थन किया है।