अहसान फरामोशी पर उतरा पाकिस्तान कहा अमेरिका से नहीं मिले 33 अरब डॉलर

donald
अहसान फरामोशी पर उतरा पाकिस्तान कहा अमेरिका से नहीं मिले 33 अरब डॉलर

नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप द्वारा पाकिस्तान को लेकर अपनाए गए सख्त रवैये के बाद पाकिस्तान तिलमिला उठा है। आतंकवाद के मुद्दे पर घिरने के बाद अपने पुराने हितैसी अमेरिका की ओर से मिलने वाली सालाना अार्थिक मदद को हाथ से जाता देख पाकिस्तानी विदेश मंत्री ख्वाजा आसिफ ने एक अहसान फरोमोशी भरा बयान दिया है। ख्वाजा आसिफ ने ट्रंप की ओर से 15 सालों में पाकिस्तान को 33 अरब डॉलर की आर्थिक मदद के दावे को गलत बताते हुए कहा है​ कि अमेरिकी मदद को किसी आॅडिट कंपनी से सत्यापित करवाया जाना चाहिए, उन्हें भरोसा है कि अमेरिकी राष्ट्रपति का दावा गलत साबित होगा।

Self Centric Pakistan Denied 33 Billion Dollars Amrican Help :

आपको बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने 1 जनवरी को ट्वीट कर पाकिस्तान को आतंकवादियों की सुरक्षित पनाहगाह बताते हुए, पिछले पंद्रह सालों में पाकिस्तान को दी गई 33 अरब डॉलर की आर्थिक मदद को अमेरिका की मूर्खता करार दिया था।

जिसके बाद मंगलवार को संयुक्त राष्ट्र के मंच से अमेरिकी राजदूत निक्की हेली ने कहा कि पाकिस्तान एक दोहरा खिलाड़ी है। एक ओर वह लंबे समय से वह अमेरिका से आर्थिक मदद लेता आ रहा है और दूसरी ओर आतंकवादियों को अपना समर्थन और पनाह देने का काम कर रहा है। जो अफ्गानिस्तान में अमेरिकी जवानों पर हमले कर रहे हैं। अब ट्रंप प्रशासन पाकिस्तान के इस खेल को बर्दाश्त नहीं करेगा।

बताया जा रहा है कि अमेरिका की ट्रंप सरकार ने पाकिस्तान के खिलाफ कड़ा और सख्त कदम उठाते हुए पाकिस्तान को दी जाने वाली 25 करोड़ 50 लाख डॉलर की सहायता राशि को रोकने की घोषणा भी कर दी है।

नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप द्वारा पाकिस्तान को लेकर अपनाए गए सख्त रवैये के बाद पाकिस्तान तिलमिला उठा है। आतंकवाद के मुद्दे पर घिरने के बाद अपने पुराने हितैसी अमेरिका की ओर से मिलने वाली सालाना अार्थिक मदद को हाथ से जाता देख पाकिस्तानी विदेश मंत्री ख्वाजा आसिफ ने एक अहसान फरोमोशी भरा बयान दिया है। ख्वाजा आसिफ ने ट्रंप की ओर से 15 सालों में पाकिस्तान को 33 अरब डॉलर की आर्थिक मदद के दावे को गलत बताते हुए कहा है​ कि अमेरिकी मदद को किसी आॅडिट कंपनी से सत्यापित करवाया जाना चाहिए, उन्हें भरोसा है कि अमेरिकी राष्ट्रपति का दावा गलत साबित होगा।आपको बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने 1 जनवरी को ट्वीट कर पाकिस्तान को आतंकवादियों की सुरक्षित पनाहगाह बताते हुए, पिछले पंद्रह सालों में पाकिस्तान को दी गई 33 अरब डॉलर की आर्थिक मदद को अमेरिका की मूर्खता करार दिया था।जिसके बाद मंगलवार को संयुक्त राष्ट्र के मंच से अमेरिकी राजदूत निक्की हेली ने कहा कि पाकिस्तान एक दोहरा खिलाड़ी है। एक ओर वह लंबे समय से वह अमेरिका से आर्थिक मदद लेता आ रहा है और दूसरी ओर आतंकवादियों को अपना समर्थन और पनाह देने का काम कर रहा है। जो अफ्गानिस्तान में अमेरिकी जवानों पर हमले कर रहे हैं। अब ट्रंप प्रशासन पाकिस्तान के इस खेल को बर्दाश्त नहीं करेगा।बताया जा रहा है कि अमेरिका की ट्रंप सरकार ने पाकिस्तान के खिलाफ कड़ा और सख्त कदम उठाते हुए पाकिस्तान को दी जाने वाली 25 करोड़ 50 लाख डॉलर की सहायता राशि को रोकने की घोषणा भी कर दी है।