‘आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश रोजगार अभियान’, पीएम मोदी ने वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए अभियान की शुरूआत की

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आत्मनिर्भर UP रोजगार योजना: PM मोदी ने की योगी सरकार की तारीफ, कहा-आपदा को अवसर में बदला

लखनऊ। ‘आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश रोजगार अभियान’ की शुरूआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में पीएम मोदी ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए इस अभियान की शुरूआत की। इस वर्चुअल लॉन्चिंग के मौके पर राज्य सरकार के संबंधित विभागों के मंत्री भी मौजूद रहे।

Self Reliant Uttar Pradesh Rojgar Abhiyan Pm Modi Launches Campaign Through Video Conferencing :

इस अभियान की शुरूआत के दौरान सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि करीब सवा करोड़ लोगों को रोजगार मिलेगा। 2 लाख 68 हजार एमएसएमई इकाइयों को 6556 करोड़ रुपये का ऋण प्रदान किया गया है। पीएम मोदी ने वैश्विक महामारी के दौरान समयबद्घ ढंग से फैसला लिया गया।

सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश में 30 लाख श्रमिकों की स्किल मैपिंग की गई। 18 साल से कम आयु के लोगों को छोड़कर। बता दें कि पीएम मोदी ने 20 जून के बिहार से गरीब कल्याण रोजगार योजना की शुरुआत की थी। इसके तहत 6 राज्यों के 116 जिलों के प्रवासी श्रमिकों को काम दिया जाएगा।

श्रमिकों को 125 दिनों के लिए रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा, जिसे मिशन मोड में चलाया जाएगा। इसके लिए सरकार ने 50 हजार करोड़ रुपये का इंतजाम किया है।

लखनऊ। ‘आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश रोजगार अभियान’ की शुरूआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में पीएम मोदी ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए इस अभियान की शुरूआत की। इस वर्चुअल लॉन्चिंग के मौके पर राज्य सरकार के संबंधित विभागों के मंत्री भी मौजूद रहे। इस अभियान की शुरूआत के दौरान सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि करीब सवा करोड़ लोगों को रोजगार मिलेगा। 2 लाख 68 हजार एमएसएमई इकाइयों को 6556 करोड़ रुपये का ऋण प्रदान किया गया है। पीएम मोदी ने वैश्विक महामारी के दौरान समयबद्घ ढंग से फैसला लिया गया। सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश में 30 लाख श्रमिकों की स्किल मैपिंग की गई। 18 साल से कम आयु के लोगों को छोड़कर। बता दें कि पीएम मोदी ने 20 जून के बिहार से गरीब कल्याण रोजगार योजना की शुरुआत की थी। इसके तहत 6 राज्यों के 116 जिलों के प्रवासी श्रमिकों को काम दिया जाएगा। श्रमिकों को 125 दिनों के लिए रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा, जिसे मिशन मोड में चलाया जाएगा। इसके लिए सरकार ने 50 हजार करोड़ रुपये का इंतजाम किया है।