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डिजिटल युग में पीआर और विज्ञापन के बदलते आयामों पर हुआ सेमिनार

Seminar Held On Changing Dimensions Of Pr Ad Advertising

By आस्था सिंह 
Updated Date

लखनऊ। ब्रांड मैनेजमेंट के क्षेत्र में अपना खास मुकाम बना चुकी कैवल्य कम्युनिकेशन और एमिटी युनिवर्सिटी के संयुक्त तत्वावधान में एमिटी यूनिवर्सिटी के लखनऊ कैंपस में पब्लिक रिलेशंस और एडवरटाइजिंग के बदलते आयामों पर एक दिवसीय सेमिनार का आयोजन हुआ। उक्त संगोष्ठी में सम्मानित पैनलिस्ट में यू श्रीनिवासन (भारती एयरटेल), अमित सिंह (नेटवर्क 18) और वेदाक्षरी (एबीसी) डिजिटल युग में विज्ञापन और पब्लिक रिलेशंस के बदलते आयाम पर अपने विचार रखे।

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सेमिनार में छात्रों को सम्बोधित करते हुये यू श्रीनिवासन, कॉर्पोरेट कम्युनिकेशन हेड-यूपी, उत्तराखंड, बिहार और झारखंड (भारती एयरटेल) ने कहा कि आज विज्ञापन और जनसंपर्क दोनों ही क्षेत्र में काफी प्रतिस्पर्धा मिल रही है। संचार सेवा का ये पेशा वास्तव में बड़ा ही चुनौतीपूर्ण होता जा रहा है जिसमें बुद्धीमत्ता के साथ-साथ रचनात्मक होना बड़ा जरूरी है। डिजीटल युग में बदलते स्वरूप के कारण आज प्रकाशन, विज्ञापन,जनसंपर्क में तेजी से बदलाव आया है। प्रचार, प्रसार, जनसंचार के विभिन्न स्रोतों के जरिये आज हम अपने को व्यवसाय कहां से कहां तक पहुंचा सकते है जिसमें सोशल साइट्स,जनसंचार सेवा के विभिन्न माध्यम काफी कारगर सिद्ध हो रहे है।

कैवल्य कम्युनिकेशन के सीईओ विशाल मिश्र ने कहा कि आज के युग में पब्लिक रिलेशंस और विज्ञापन ने अपना एक खास मुकाम बना लिया है। आज व्यवसायिक, राजनीतिक हर क्षेत्रों में पब्लिक रिलेशंस अपनी खास भूमिका दर्ज करवा रही है। एडवरटाइजिंग और पब्लिक रिलेशंस के माध्यम से लोगों में जागरूकता बढ़ रही है। यदि हम आज के युग की बात करें तो डिजिटल मीडिया हम ये पाएंगे कि विज्ञापनों और पीआर का स्वरुप काफी बदल सा गया है। मिश्र ने कहा कि यह संगोष्ठी नए विचारों की खोज और डिजिटल युग में पीआर और विज्ञापन के क्षेत्र में नए रुझानों को समझने के लिए छात्रों के लिए सहायक सिद्ध होगा।

वहीं सेमिनार में शामिल अमित सिंह, बिजनेस स्ट्रैटेजिस्ट- नेटवर्क 18 ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि डिजिटल युग में आज विज्ञापन और पीआर अधिक रणनीतिक रूप से विकसित हुए हैं। प्रचार-प्रसार के बदलते स्वरूप का असर पारंपरिक प्रकाशनों पर भी पड़ा है। ऑनलाइन मार्केटिंग और ब्लॉगिंग के नए पहलुओं का उद्भव इस डिजीटल युग में हो रहे बदलाव का उदाहरण है। सोशल मीडिया ने किसी भी ब्रांड के प्रसार का तरीका बदल दिया है सबकुछ आपको आज बड़ी सुगमता के साथ उपलब्ध है सिर्फ एक मोबइल या लैपटाँप का बटन दबाने भर की देरी है और आपके पास अपने मनपसंद चीजों की बड़े पैमाने पर लिस्ट मौजूद होगी जोकि दिन-रात कभी भी आपकी सेवा में उपलब्ध होगी।

वेदाक्षरी जोशी, संस्थापक और पीआर सलाहकार ने अपने विचार साझा करते हुये कहा कि इस डीजिटल युग में विज्ञापन और जनसंचार में जो बदलाव हो रहा है उसका सीधा- सीधा प्रभाव वैश्विक स्तर पर उपभोक्ताओं पर भी पड़ रहा है। आज लोग अपनी छोटी-मोटी खरीदारी भी डिजिटल प्लेटफॉर्मों का उपयोग करते हुए करने लगे है। विज्ञापन, प्रकाशन और जनसंपर्क पेशेवर लोग भी धीरे-धीरे इस बदलाव को समझते हुए अपनी रणनीति में अहम परिवर्तन कर रहे है। क्योंकि कंपनियों को लगता है कि वे अपने ग्राहकों को इसके द्वारा प्रभावशाली तरीके से अपने उत्पादों को कम खर्च में प्रस्तुत कर सकते है।

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इस मौके पर एमिटी स्कूल ऑफ कम्युनिकेशन एमिटी यूनिवर्सिटी के निदेशक प्रो. संजय मोहन जौहरी ने कहा कि आज के डिजीटल युग में विज्ञापन और जनसम्पर्क के तरीको में तेजी से बदलाव हो रहा है। नामचीन ब्रांड ग्राहकों को लुभाने के लिये पीआर,संचार, विज्ञापन और जनसंपर्क का सहारा लेते है ताकि वो अपनी पहचान हर ग्राहको के दिल में बना सके। वहीं डिजिटल मीडिया के माध्यम से आज लोगों में काफी जागरूकता आई है। आज लोगों में पारंपरिक मीडिया के बजाय सोशल मीडिया, फेसबुक ट्वीटर पर दिलचस्पी बढ़ी है।

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