वीके सिंह के विवादित बयान को लेकर पुलिस महानिदेशक को भेजा गया नोटिस

लखनऊ। बीते दिनों हरियाणा के फरीदाबाद जिले में दो दलित बच्चों को जिंदा जलाए जाने की घटना पर विवादित बयान देने के बाद वीके सिंह एक के बाद एक मुश्किलों में घिरते जा रहे हैं। इस विवादास्पद बयान को लेकर अभी तक जहां वीके सिंह को विपक्षी दलों के आरोपों का ही सामना करना पड़ रहा था वहीं अब वे कानून शिकंजे में कसते नजर आ रहे हैं। दरअसल, राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग ने इस बयान को लेकर वीके सिंह के खिलाफ पुलिस और उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक को एक नोटिस भेजा है।

आयोग अध्यक्ष पीएल पुनिया ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग की ओर से वीके सिंह के विवादित बयान को लेकर गाजियाबाद पुलिस और उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक को नोटिस भेजा गया है। उन्होने बताया कि इस नोटिस के माध्यम से प्रश्न किया गया है कि आखिर उन्होंने इस मामले में स्वत: संज्ञान लेते हुए केस दर्ज क्यों नहीं किया। पीएल पुनिया ने इस बात की जानकारी शुक्रवार को एक संवादाता सम्मेलन का आयोजन कर दिया।

आयोग के अध्यक्ष पीएल पूनिया ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि पुलिस प्रशासन को दो नवंबर तक अपना जवाब देने को कहा गया है। इस घटना को बेहद शर्मनाक बताते हुए पूनिया ने कहा कि उन्होंने इस घटना की जानकारी प्राप्त करने और अब तक हुई कार्रवाई के बारे में जानने के लिए फरीदाबाद के जिलाधिकारी, पुलिस उपाधीक्षक और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को 26 नवंबर को बुलाया है। उन्होंने कहा कि यह कोई मामूली घटना नहीं बल्कि साजिश है। उन्होने कहा कि केंद्रीय मंत्री के बयान न केवल दलितों का अपमान हुआ है बल्कि पूरे समुदाय का अपमान हुआ है।

मालूम हो कि वीके सिंह ने हरियाणा में घटित इस मामले को लेकर कहा था कि इस मामले को लेकर हरियाणा सरकार व केंद्र सरकार को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता है। उन्होने कहा था कि अगर कोई किसी कुत्ते पर पत्थर फेंकता है तो इसके लिए सरकार जिम्मेदार नहीं है।