पर्यावरण और हेरिटेज पर मोटिवेजर्स क्लब ने बुजुर्गों संग की चर्चा

motivagers club
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लखनऊ। मोटिवेजर्स क्लब की ओर से रविवार को एफिल कैफे में क्लब के पांचवे मासिक आयोजन में वयोवृद्ध समूह के बीच पर्यावरण और विरासत को लेकर चर्चा हुई। जिसमें लोगों ने अपने विचार प्रस्तुत किये।

इतिहासकार हफीज किदवई ने बताया कि लखनऊ की संस्कृति और वास्तुकला अपने आप में पर्यावरण को ध्यान में रखकर ही है। खानपान और वास्तुकला पर गौर करें तो वह पर्यावरण की जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाया गया है। इसका यहां के नवाबों ने बखूबी ख्याल भी रखा। पर्यावरणविद और पर्यावरण निदेशालय में सहायक निदेशक एसके श्रीवास्तव ने कहा कि प्रदूषण के चलते ऐतिहासिक धरोहरों के साथ ही आम लोगों के स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है।

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क्लब की थीम को ध्यान में रखते हुए क्विज कॉम्पटीशन भी कराया गया जिसमे पर्यावरण और लखनवी विरासत से जुड़ें सवाल पूछे गए। सुनील श्रीवास्तव, जी सी त्रिपाठी, आर के श्रीवास्तव, किशोर शाह और ऐन डी द्विवेदी को क्विज में शानदार जवाब देने के लिए पुरस्कृत किया गया।

समूह चर्चा के बाद मनोरंजक गतिविधियां भी हुई। ‘गेस द इंग्रीडिएंट’ और ‘गेस द टेस्ट’ खेल में लोगों ने उम्र बंधन को छोड़कर बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया। जहां शमिता सिन्हा दो खेलों की विजेता हुई वहीँ नीलम श्रीवास्तव ज्यादा इंग्रीडेन्ट बता कर विजेता बनी। वहीँ क्लब के वॉलेंटियर शिखर ने लोगों पर्यावरण में हो रही आज की समस्या के बारे में लोगों से बात की।

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क्लब में शुरुआत से आने वाले और क्लब मेंम्बर को हमेशा प्रोत्साहित करते हुए डी क़े पांडेय ने क्लब की सराहना करते हुए क्लब को और आगे तक ले जाने की बात कही। अंत में क्लब के फाउंडर मेंबर ने गौरव छाबड़ा ने सभी लोगो को धन्यवाद देते हुए क्लब के मोटिव के बारे में बताया। आस्था सिंह और प्रिशिता राठी ने लखनऊ पर बनी कविताएँ और शायरी से वहां मौजूद सभी लोगों का मन मोह लिया

बताते चलें कि बुजुर्गों को सकारात्मक और तरोताजा महसूस करवाने के उद्देश्य को लेकर कुछ युवाओं ने मिलकर एक सराहनीय प्रयास किया, जिसमें उनके लिए अलग-अलग तरह के गेम, म्यूजिक और कई अन्य तरह की एक्टिविटीज़ कराई जाती है। मोटिवेजर्स क्लब के नाम से एक पहल शुरू की गयी जिसमें प्रति माह के दूसरे रविवार को एक कार्यशाला का आयोजन किया जाता है। आयोजित कार्यशाला में सभी सीनियर सिटिजन को एक ही छत के नीचे इकट्ठा कर कई मनोरंजक गतिविधियां भी आयोजित की जाती हैं जिससे उनका एकाकीपन दूर हो सके।

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लखनऊ। मोटिवेजर्स क्लब की ओर से रविवार को एफिल कैफे में क्लब के पांचवे मासिक आयोजन में वयोवृद्ध समूह के बीच पर्यावरण और विरासत को लेकर चर्चा हुई। जिसमें लोगों ने अपने विचार प्रस्तुत किये। इतिहासकार हफीज किदवई ने बताया कि लखनऊ की संस्कृति और वास्तुकला अपने आप में पर्यावरण को ध्यान में रखकर ही है। खानपान और वास्तुकला पर गौर करें तो वह पर्यावरण की जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाया गया है। इसका यहां के नवाबों ने बखूबी…
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