पूर्व प्रधानमंत्री इन्दिरा गांधी के करीबी कांग्रेसी नेता आरके धवन का निधन

congress leader rk dhawan
पूर्व प्रधानमंत्री इन्दिरा गांधी के करीबी कांग्रेसी नेता आरके धवन का निधन

नई दिल्ली। पूर्व प्रधानमंत्री इन्दिरा गांधी के बेहद करीबी और कांग्रेसी नेता आरके धवन का लम्बी बीमारी के बाद निधन हो गया। एक टाइपिस्ट से करियर की शुरुआत करने वाले धवन 81 वर्ष के थे। वो दशकों से भी अधिक समय तक पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के सबसे विश्वस्त सहयोगी रहे। धवन 1962 में निजी सहायक के रूप में इंदिरा गांधी के संपर्क में आए है। इसके बाद उनका साथ इंदिरा की हत्या के बाद ही छूटा।

Senior Congress Leader Rk Dhawan Deis In Hospital At Delhi :

बता दें कि उन्होने 1984 तक इंदिरा के निजी सचिव के तौर पर काम किया। बताया जाता है कि आंतरिक अशांति को देखकर इन्दिरा गांधी ने उन्ही की सलाह पर देश में आपातकाल लगाया था। जिस समय इंदिरा गांधी की हत्या हुई, उस समय भी धवन घटनास्थल पर ही मौजूद थे। इस घटना के बाद से ही धवन लगभग सार्वजनिक जीवन से अलग हो गए।

बताया जाता है कि वर्ष 1989 में तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी धवन को दोबारा सार्वजनिक जीवन में लेकर आए। उन्होने सन् 1990 में धवन को राज्यसभा सदस्य बनाया गया। पार्टी में उनकी अहमियत का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि राजीव गांधी की हत्या के कई वर्षों बाद जब सोनिया गांधी ने कमान संभाली, तो उन्होंने भी धवन को पार्टी में अहम स्थान दिया।

बता दें कि धवन ने 2011 में 74 साल की उम्र में अचला से विवाह किया। अचला ने बताया कि वो लंबे समय से धवन से जुड़ी थी और उनके काम में सहयोग करती थीं। यही नही इंटरव्यू में धवन ने खुद कहा ​था कि वो अचला को खुश रखना चाहते थे, इसलिए उन्होने अचला से विवाह किया है। बताया जा रहा है कि धवन काफी दिनों से बिमार चल रहे थे। हालत बिगड़ने पर बीते मंगलवार को उन्हें दिल्ली स्थित बीएल कपूर अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उन्होंने सोमवार शाम सात बजे आखिरी सांस ली।

नई दिल्ली। पूर्व प्रधानमंत्री इन्दिरा गांधी के बेहद करीबी और कांग्रेसी नेता आरके धवन का लम्बी बीमारी के बाद निधन हो गया। एक टाइपिस्ट से करियर की शुरुआत करने वाले धवन 81 वर्ष के थे। वो दशकों से भी अधिक समय तक पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के सबसे विश्वस्त सहयोगी रहे। धवन 1962 में निजी सहायक के रूप में इंदिरा गांधी के संपर्क में आए है। इसके बाद उनका साथ इंदिरा की हत्या के बाद ही छूटा।बता दें कि उन्होने 1984 तक इंदिरा के निजी सचिव के तौर पर काम किया। बताया जाता है कि आंतरिक अशांति को देखकर इन्दिरा गांधी ने उन्ही की सलाह पर देश में आपातकाल लगाया था। जिस समय इंदिरा गांधी की हत्या हुई, उस समय भी धवन घटनास्थल पर ही मौजूद थे। इस घटना के बाद से ही धवन लगभग सार्वजनिक जीवन से अलग हो गए।बताया जाता है कि वर्ष 1989 में तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी धवन को दोबारा सार्वजनिक जीवन में लेकर आए। उन्होने सन् 1990 में धवन को राज्यसभा सदस्य बनाया गया। पार्टी में उनकी अहमियत का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि राजीव गांधी की हत्या के कई वर्षों बाद जब सोनिया गांधी ने कमान संभाली, तो उन्होंने भी धवन को पार्टी में अहम स्थान दिया।बता दें कि धवन ने 2011 में 74 साल की उम्र में अचला से विवाह किया। अचला ने बताया कि वो लंबे समय से धवन से जुड़ी थी और उनके काम में सहयोग करती थीं। यही नही इंटरव्यू में धवन ने खुद कहा ​था कि वो अचला को खुश रखना चाहते थे, इसलिए उन्होने अचला से विवाह किया है। बताया जा रहा है कि धवन काफी दिनों से बिमार चल रहे थे। हालत बिगड़ने पर बीते मंगलवार को उन्हें दिल्ली स्थित बीएल कपूर अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उन्होंने सोमवार शाम सात बजे आखिरी सांस ली।