वरिष्ठ वकील राम जेठमलानी का आज सुबह हुआ निधन, लंबे अरसे थे बीमार

Ram Jethmalani
वरिष्ठ वकील राम जेठमलानी का आज सुबह हुआ निधन, लंबे अरसे थे बीमार

नई दिल्ली। वरिष्ठ वकील राम जेठमलानी का आज उनके दिल्ली वाले निवास में निधन हो गया है। उनके परिजनों ने बताया की वे 95 साल के थे साथ ही इस बात की भी जानकारी दी वे पिछले कई महीनों से बीमार थे। इतना ही नहीं जेठमलानी का 14 सितंबर को 96वां जन्मदिन था। उनका अंतिम संस्कार आज शाम को यहां लोधी रोड श्मशान घाट पर किया जाएगा। जेठमलानी के बेटे महेश जेठमलानी ने बताया कि उन्होंने अंतिम सांस आज सुबह 7.45 बजे ली।

Senior Lawyer Ram Jethmalani Died This Morning He Was Ill For A Long Time :

वहीं, राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने पूर्व केंद्रीय मंत्री और एक अनुभवी वकील रामजठमलानी के निधन पर दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि वे वाक्पटुता के साथ सार्वजनिक मुद्दों पर अपना विचार व्यक्त करने के लिए जाने जाते थे। राष्ट्र ने एक प्रतिष्ठित न्यायविद् को खो दिया है।

पीएम मोदी ने राम जेठमलानी के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि “देश ने एक असाधारण वकील और एक प्रतिष्ठित व्यक्ति को खो दिया है, जिन्होंने अदालतों और संसद में समृद्ध योगदान दिया है।” भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी और गृहमंत्री अमित शाह समेत कई बड़े हस्तियों ने जेठमलानी के श्रद्धांजलि दी।

दरअसल, जेठमलानी देश के सबसे बेहतरीन वकीलों में शुमार थे। उन्होंने इस दौरान कई बड़े केस लड़े और जीते। वे दिग्गज वकील होने के साथ-साथ केंद्रीय कानून मंत्री भी रह चुके थे। राम जेठमलानी पिछले कुछ महीने से गंभीर रूप से बीमार थे। उन्होंने सात दशक तक वकालत की और साल 2017 में इससे संन्यास ले लिया था।

बता दें, जेठमलानी ने 17 साल की उम्र में वकालत शुरू की थी। इतना ही नहीं उन्होंने राजीव गांधी और इंदिरा गांधी की हत्या के आरोपियों से लेकर चारा घोटाला मामले में लालू यादव तक का केस लड़ा था। यही नहीं जेठमलानी ने संसद हमले के मामले में अफजल गुरु और सोहराबुद्दीन एनकाउंटर में अमित शाह का केस भी लड़ा था।

जेठमलानी ने अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में केंद्रीय कानून मंत्री और शहरी विकास मंत्री का कार्यभार संभाला था। यही नहीं वे साल 2004 में अटल बिहारी बाजपेयी के खिलाफ लखनऊ से चुनाव लड़े। साल 2010 में उन्हें सुप्रीम कोर्ट बार असोसिएशन का अध्यक्ष चुना गया था। फिलहाल वो आरजेडी से राज्यसभा सांसद थे। जेठमलानी का जन्म सिंध प्रांत के सिखारपुर में 14 सितंबर 1923 को हुआ था। उन्होंने साल 1959 में केएम नानावती बनाम महाराष्ट्र सरकार का केस लड़ने के बाद प्रसिद्धि हासिल की थी।

नई दिल्ली। वरिष्ठ वकील राम जेठमलानी का आज उनके दिल्ली वाले निवास में निधन हो गया है। उनके परिजनों ने बताया की वे 95 साल के थे साथ ही इस बात की भी जानकारी दी वे पिछले कई महीनों से बीमार थे। इतना ही नहीं जेठमलानी का 14 सितंबर को 96वां जन्मदिन था। उनका अंतिम संस्कार आज शाम को यहां लोधी रोड श्मशान घाट पर किया जाएगा। जेठमलानी के बेटे महेश जेठमलानी ने बताया कि उन्होंने अंतिम सांस आज सुबह 7.45 बजे ली। वहीं, राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने पूर्व केंद्रीय मंत्री और एक अनुभवी वकील रामजठमलानी के निधन पर दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि वे वाक्पटुता के साथ सार्वजनिक मुद्दों पर अपना विचार व्यक्त करने के लिए जाने जाते थे। राष्ट्र ने एक प्रतिष्ठित न्यायविद् को खो दिया है। पीएम मोदी ने राम जेठमलानी के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि "देश ने एक असाधारण वकील और एक प्रतिष्ठित व्यक्ति को खो दिया है, जिन्होंने अदालतों और संसद में समृद्ध योगदान दिया है।" भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी और गृहमंत्री अमित शाह समेत कई बड़े हस्तियों ने जेठमलानी के श्रद्धांजलि दी। दरअसल, जेठमलानी देश के सबसे बेहतरीन वकीलों में शुमार थे। उन्होंने इस दौरान कई बड़े केस लड़े और जीते। वे दिग्गज वकील होने के साथ-साथ केंद्रीय कानून मंत्री भी रह चुके थे। राम जेठमलानी पिछले कुछ महीने से गंभीर रूप से बीमार थे। उन्होंने सात दशक तक वकालत की और साल 2017 में इससे संन्यास ले लिया था। बता दें, जेठमलानी ने 17 साल की उम्र में वकालत शुरू की थी। इतना ही नहीं उन्होंने राजीव गांधी और इंदिरा गांधी की हत्या के आरोपियों से लेकर चारा घोटाला मामले में लालू यादव तक का केस लड़ा था। यही नहीं जेठमलानी ने संसद हमले के मामले में अफजल गुरु और सोहराबुद्दीन एनकाउंटर में अमित शाह का केस भी लड़ा था। जेठमलानी ने अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में केंद्रीय कानून मंत्री और शहरी विकास मंत्री का कार्यभार संभाला था। यही नहीं वे साल 2004 में अटल बिहारी बाजपेयी के खिलाफ लखनऊ से चुनाव लड़े। साल 2010 में उन्हें सुप्रीम कोर्ट बार असोसिएशन का अध्यक्ष चुना गया था। फिलहाल वो आरजेडी से राज्यसभा सांसद थे। जेठमलानी का जन्म सिंध प्रांत के सिखारपुर में 14 सितंबर 1923 को हुआ था। उन्होंने साल 1959 में केएम नानावती बनाम महाराष्ट्र सरकार का केस लड़ने के बाद प्रसिद्धि हासिल की थी।