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इन्दौर के सात और मरीजों ने कोरोना वायरस को किया परास्त, अस्पताल से निकलते ही करतल ध्वनि से किया खुशियों का इजहार

Seven More Patients Of Indore Defeated The Corona Virus Expressed Happiness With Bitter Sound As Soon As They Came Out Of The Hospital

By टीम पर्दाफाश 
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इन्दौर। इन्दौर में कोरोना वायरस से पीड़ित मरीजों के स्वस्थ होने का सिलसिला जारी है। इन्दौर में आज सात और मरीज कोरोना वायरस को परास्त कर घर को लौट गये हैं। स्वस्थ होने के पश्चात अस्पताल से निकलते से ही इन सभी मरीजों ने करतल ध्वनि से खुशी का इजहार किया। इन सभी मरीजों ने शासन-प्रशासन, डॉक्टर्स, नर्सों आदि का आभार व्यक्त किया। इन सभी का कहना था कि इनके द्वारा सेवा की अनुकरणीय मिसाल प्रस्तुत की गई है। नया जीवन पाने वाले उक्त सभी मरीज खुश हैं और उनका कहना है कि अगर समय पर बीमारी की जानकारी दे दी जाये, जाँच करवा ली जाये, इलाज शुरू हो जाये तो इस महामारी से आसानी से निपटा जा सकता है।

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संभागायुक्त आकाश त्रिपाठी ने बताया कि आज इन्दौर में इलाजरत कोरोना वायरस से प्रभावित सात मरीजों का सफलतापूर्वक इलाज कर उन्हें एमआरटीबी अस्पताल से डिस्चार्ज किया गया। बताया गया कि डिस्चार्ज किये गये मरीजों में इन्दौर शहर के पाँच और खरगोन जिले के दो मरीज हैं। इनमें एक विदेश से आया हुआ मरीज भी शामिल है। बताया गया कि जिन मरीजों को आज डिस्चार्ज किया गया, उनमें टाटपट्टी बाखल निवासी अनीशा बी, नजमा बी, कहकशा, फरहान और इमरान तथा खरगोन जिले के रहने वाले नूर मोहम्मद और ललित नागर शामिल है।

आज अपने घर रवाना हुए टाटपट्टी बाखल के इमरान खान ने बताया कि उन्हें अस्पताल में कोई तकलीफ नहीं थी। सभी व्यवस्थाएं अच्छी थी। स्वस्थ होकर घर लौटने पर बहुत अच्छा महसूस हो रहा है। उन्होंने कहा कि कोरोना से घबरायें नहीं, समय पर बतायें, जॉच करायें, इलाज लें तो इस बीमारी से ठीक हुआ जा सकता है। उसने कहा कि डॉक्टरों और नर्सों ने बहुत अच्छी सेवा की है।
इसी तरह टाटपट्टी बाखल में ही रहने वाली कहकशा भी बेहद खुश है। उसका कहना है कि हमें बहुत अच्छा लग रहा है कि हम स्वस्थ होकर घर की ओर लौट रहे हैं। उसने कहा कि भविष्य में भी हम एहतियात बरतेंगे। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करेंगे। गर्म पानी पियेंगे और अन्य सावधानियां बरतेंगे।

इसी तरह आज डिस्चार्ज हुए खरगोन जिले के आसन गाँव में रहने वाले ललित नागर ने बताया कि वह पिछले महीने ही पेरिस से यहां वापस आया। यहां पता चला कि उसे कोरोना वायरस हो गया है। मुझे बेहद चिंता हुई। परिवारजन भी चिन्तित हो गये। यहां जिस प्रकार से बेहतर सुविधाओं के साथ उसका इलाज किया गया है वह सराहनीय है। उसने कहा कि आवश्यक सावधानियां बरती जाये तो यह बीमारी होगी ही नहीं। खरगोन जिले के ही नूर मोहम्मद भी डिस्चार्ज होने के बाद बेहद खुश है। उसका कहना है कि उच्च स्तरीय इलाज कर उसे स्वस्थ किया गया। मैं पूरी तरह से संतुष्ट होकर घर जा रहा हूं। हौसला और जज्बा रखिये। हौसला और जज्बा होगा तो इस बीमारी की जंग आसानी से जीती जा सकेगी।

टाटपट्टी बाखल के ही रहने वाली नजमा बी, अनीशा बी और मोहम्मद फरहान भी बहुत खुश दिखायी दिये। इन सभी ने शासन-प्रशासन, डॉक्टर्स, नर्स आदि का शुक्रिया अदा किया। धन्यवाद देते हुए कहा कि बहुत अच्छा इलाज हुआ है। इनके फलस्वरूप हमने इस महामारी को परास्त किया है। हमने कोरोना वायरस की लड़ाई को जीत लिया है। सभी ने अन्य लोगों से भी अपील की कि बीमारी को छिपाये नहीं। समय रहते बतायें, इलाज करायें और स्वस्थ रहें।

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