देवरिया: मुज्जफरपुर जैसा मामला आया सामने, बालिका गृह में चलाया जा रहा था सेक्स रैकेट

देवरिया, मुज्जफरपुर,सेक्स रैकेट
देवरिया: मुज्जफरपुर जैसा मामला आया सामने, बालिका गृह में चलाया जा रहा था सेक्स रैकेट

देवरिया। बिहार के मुजफ्फरपुर के बाद अब यूपी के देवरिया जिले में बालिका गृह में सेक्स रैकेट चलाने जैसी शर्मसार घटना सामने आई है। जहां मां विन्ध्यवासिनी महिला प्रशिक्षण एवं सामाजिक सेवा संस्थान में लड़कियों के साथ यौन शोषण का मामला सामने आया है। मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है जबकि 1 आरोपी फरार बताया जा रहा है वहीं पुलिस का कहना है कि अभी संस्था के 18 लोग गायब हैं, जिनमें बालिका गृह की महिलाएं, लड़कियां और बच्चे शामिल हैं।

Sex Racket Busted In Deoria :

लड़की ने सुनाई आपबीती

रविवार सुबह बालिका गृह से बिहार की रहने वाली एक बालिका प्रताडऩा के चलते वहां भाग निकली और किसी तरह वह महिला थाने पहुंचकर थानाध्यक्ष को पूरी आपबीती सुनाई। बालिका ने बताया, ‘मेरी मां की तीन साल पहले मौत हो गई थी, जिसके बाद उसके पिता ने दूसरी शादी कर ली और उसको घर से बाहर निकाल दिया। इसके बाद जब वह अपने ननिहाल पहुंची तो उसकी नानी ने भी मारपीट कर उसे घर से निकाल दिया। लोगों ने उसे बचा कर पुलिस को दे दिया। पुलिस ने पूरी बात जानने के बाद उसे बालिका गृह में पहुंचा दिया। तीन साल से इस बालिका गृह में रह रही हूं और यह प्रताडऩा सह रही हूं।’

पूरा मामला जाने के तुरंत बाद महिला थाना के एसओ ने तत्काल एसपी को मामले की सूचना दी। एसपी रोहन पी कनय हरकत में आए और पुलिस फोर्स भेजकर मां विन्ध्यवासिनी महिला प्रशिक्षण एवं सामाजिक सेवा संस्थान पर छापेमारी करवाई। जहां 42 लड़कियों में से 24 लडकियों को वहां से छुड़ा लिया गया और संस्था की संचालिका, उसके पति और बेटे को गिरफ्तार कर लिया गया है।

आरोपी गिरफ्तार

संस्था को सील कराने के बाद वहां की अधीक्षका कंचनलता, संचालिका गिरिजा त्रिपाठी, मोहन त्रिपाठी को गिरफ्तार कर लिया गया है। अभी 18 बच्चे व लड़कियां गायब हैं। इसकी जांच के लिए सीओ सिटी व जिला प्रोवेशन अधिकारी को जिम्मेदारी सौंपी गई है।

संचालिका गिरिजा त्रिपाठी ने आरोपों को बताया बेबुनियाद

संस्था की संचालिका गिरिजा त्रिपाठी ने कहा कि उनका तीन साल से भुगतान नहीं किया गया है। भुगतान न मिलने के चलते वह संस्था को खाली नहीं कर रही थी। उनके ऊपर जो भी आरोप लग रहे हैं वह बेबुनियाद है। पुलिस कुछ भी कहलवा सकती है।

देवरिया। बिहार के मुजफ्फरपुर के बाद अब यूपी के देवरिया जिले में बालिका गृह में सेक्स रैकेट चलाने जैसी शर्मसार घटना सामने आई है। जहां मां विन्ध्यवासिनी महिला प्रशिक्षण एवं सामाजिक सेवा संस्थान में लड़कियों के साथ यौन शोषण का मामला सामने आया है। मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है जबकि 1 आरोपी फरार बताया जा रहा है वहीं पुलिस का कहना है कि अभी संस्था के 18 लोग गायब हैं, जिनमें बालिका गृह की महिलाएं, लड़कियां और बच्चे शामिल हैं।लड़की ने सुनाई आपबीतीरविवार सुबह बालिका गृह से बिहार की रहने वाली एक बालिका प्रताडऩा के चलते वहां भाग निकली और किसी तरह वह महिला थाने पहुंचकर थानाध्यक्ष को पूरी आपबीती सुनाई। बालिका ने बताया, 'मेरी मां की तीन साल पहले मौत हो गई थी, जिसके बाद उसके पिता ने दूसरी शादी कर ली और उसको घर से बाहर निकाल दिया। इसके बाद जब वह अपने ननिहाल पहुंची तो उसकी नानी ने भी मारपीट कर उसे घर से निकाल दिया। लोगों ने उसे बचा कर पुलिस को दे दिया। पुलिस ने पूरी बात जानने के बाद उसे बालिका गृह में पहुंचा दिया। तीन साल से इस बालिका गृह में रह रही हूं और यह प्रताडऩा सह रही हूं।'पूरा मामला जाने के तुरंत बाद महिला थाना के एसओ ने तत्काल एसपी को मामले की सूचना दी। एसपी रोहन पी कनय हरकत में आए और पुलिस फोर्स भेजकर मां विन्ध्यवासिनी महिला प्रशिक्षण एवं सामाजिक सेवा संस्थान पर छापेमारी करवाई। जहां 42 लड़कियों में से 24 लडकियों को वहां से छुड़ा लिया गया और संस्था की संचालिका, उसके पति और बेटे को गिरफ्तार कर लिया गया है।आरोपी गिरफ्तारसंस्था को सील कराने के बाद वहां की अधीक्षका कंचनलता, संचालिका गिरिजा त्रिपाठी, मोहन त्रिपाठी को गिरफ्तार कर लिया गया है। अभी 18 बच्चे व लड़कियां गायब हैं। इसकी जांच के लिए सीओ सिटी व जिला प्रोवेशन अधिकारी को जिम्मेदारी सौंपी गई है।संचालिका गिरिजा त्रिपाठी ने आरोपों को बताया बेबुनियाद संस्था की संचालिका गिरिजा त्रिपाठी ने कहा कि उनका तीन साल से भुगतान नहीं किया गया है। भुगतान न मिलने के चलते वह संस्था को खाली नहीं कर रही थी। उनके ऊपर जो भी आरोप लग रहे हैं वह बेबुनियाद है। पुलिस कुछ भी कहलवा सकती है।