लखनऊ होटल में चल रहे सेक्स रैकेट का भंडाफोड़, तीन गिरफ्तार

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के पॉश इलाके में चल रहे एक और सेक्स रैकेट का भंडफोड़ करते हुए पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। गोमतीनगर पुलिस ने ओयो एप पर बुकिंग करा के एक होटल में चल रहे रैकेट का खुलासा किया है। आरोपियों ने पश्चिम बंगाल से कांट्रेक्टर पर बुलाई गयी दो लड़कियों और एक ब्रोकर शामिल हैं। पुलिस की रेड पर होटल में हड़कम्प मच गया और होटल के कमरा छोड़ कई लोग मौके से भाग खड़े हुए।

Sex Racket Busted In Lucknow :

इंस्पेक्टर गोमती नगर राम सूरत सोनकर ने बताया कि पश्चिम बंगाल में रहने वाली दो लड़कियों ने गोमती नगर स्थित होटल ग्रीन टाउन में दो दिन पहले आनलाइन बुकिंग कराई थीं। होटल में दोनों लड़कियां रह रही थीं। दोनों लड़कियों को कुछ दिन पहले सेक्स रैकेट संचालक दीपेन्द्र ने उन्हें कांट्रेक्ट पर बुलाया था।

हर दिन के एक लड़की को 15 हजार रुपये दिये जाते थे। रैकेट संचालक बुकिंग करता था और कस्टमर को होटल के कमरे का नम्बर देकर उन्हें भेजता था। होटल के बाहर रैकेट संचालक का एक गुर्गा मौजूद रहता था वहीं कस्टमर को लड़कियों के पास लेकर जाता था।

एक हजार रुपये मिलता था कमीशन
रैकेट संचालक व्हाट्सअप पर फोटो दिखाकर कस्टमर से सौदा तय करता था। दस हजार से पन्द्रह हजार में सौदा तय होने के बाद कस्टमर को होटल का नाम और कमरा नंबर समेत होटल के बाहर मौजूद ब्रोकर का नंबर दिया जाता था। दीपेन्द्र के लिए काम करने वाले बाराबंकी निवासी विक्रांत ब्रोकर का काम करता था। होटल के बाहर वह कस्टमर से मिलता था और मोबाइल नम्बर डायल करके इस बात को क्लियर करता था कि रैकेट संचालक द्वारा भेजा गया व्यक्ति सही है कि नहीं। इसके बाद वह कमीशन के एक हजार रुपये कैश लेकर होटल के कमरे तक कस्टमर को पहुंचाता था। पकड़े गये ब्रोकर विक्रांत के अनुसार कस्टमर से पैमेंट कमरे में मौजूद लड़कियां लेती थीं।

लीज पर लिया गया था होटल
गोमती नगर स्थित दो मंजिल बिल्डिंग में चल रहे ग्रीन टाउन होटल का मालिक इलाहाबाद निवासी आलोक तिवारी बताया जा रहा है। होटल मैनेजर अफनाम ने पुलिस को बताया कि बिल्डिंग रेंट पर है और दो महीने पहले से ही होटल चलाया जा रहा है। होटल के कमरे ओयो के जरिए बुक किये जाते थे। होटल मैनेजर की भी भूमिका जांच के दायरे में है। होटल के कमरे में लड़कियों के रुकने की जानकारी होने के बाद भी बाहर से आने वाले लोग आखिर कैसे बिना आईडी प्रूफ के उनके कमरे में पहुंचते थे। पुलिस होटल से संबंधित दस्तावेजों की भी जांच कर रही हैं।

ऑनलाइन चल रहा धंधा
रैकेट से जुड़े गैंग ऑनलाइन और वाट्सअप पर धंधा करते हैं। कस्टमर फिक्स नंबरों पर कॉल करते हैं जिसके बाद ब्रोकर उन्हें डिमांड के अनुसार वाट्सअप पर कुछ फोटो भेजते हैं। फोटो के सलेक्शन के बाद रेट तय होता है। ब्रोकर कस्टमर के नजदीकी लोकेशन पर स्थित होटल का नाम और कमरा नंबर उन्हें दे देता है। इस खेल में ब्रोकर कस्टमर पर तभी विश्वास करता है जब कस्टमर उसे पुराने कस्टमर का रिफरेंस देता है।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के पॉश इलाके में चल रहे एक और सेक्स रैकेट का भंडफोड़ करते हुए पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। गोमतीनगर पुलिस ने ओयो एप पर बुकिंग करा के एक होटल में चल रहे रैकेट का खुलासा किया है। आरोपियों ने पश्चिम बंगाल से कांट्रेक्टर पर बुलाई गयी दो लड़कियों और एक ब्रोकर शामिल हैं। पुलिस की रेड पर होटल में हड़कम्प मच गया और होटल के कमरा छोड़ कई लोग मौके से भाग खड़े हुए। इंस्पेक्टर गोमती नगर राम सूरत सोनकर ने बताया कि पश्चिम बंगाल में रहने वाली दो लड़कियों ने गोमती नगर स्थित होटल ग्रीन टाउन में दो दिन पहले आनलाइन बुकिंग कराई थीं। होटल में दोनों लड़कियां रह रही थीं। दोनों लड़कियों को कुछ दिन पहले सेक्स रैकेट संचालक दीपेन्द्र ने उन्हें कांट्रेक्ट पर बुलाया था। हर दिन के एक लड़की को 15 हजार रुपये दिये जाते थे। रैकेट संचालक बुकिंग करता था और कस्टमर को होटल के कमरे का नम्बर देकर उन्हें भेजता था। होटल के बाहर रैकेट संचालक का एक गुर्गा मौजूद रहता था वहीं कस्टमर को लड़कियों के पास लेकर जाता था। एक हजार रुपये मिलता था कमीशन रैकेट संचालक व्हाट्सअप पर फोटो दिखाकर कस्टमर से सौदा तय करता था। दस हजार से पन्द्रह हजार में सौदा तय होने के बाद कस्टमर को होटल का नाम और कमरा नंबर समेत होटल के बाहर मौजूद ब्रोकर का नंबर दिया जाता था। दीपेन्द्र के लिए काम करने वाले बाराबंकी निवासी विक्रांत ब्रोकर का काम करता था। होटल के बाहर वह कस्टमर से मिलता था और मोबाइल नम्बर डायल करके इस बात को क्लियर करता था कि रैकेट संचालक द्वारा भेजा गया व्यक्ति सही है कि नहीं। इसके बाद वह कमीशन के एक हजार रुपये कैश लेकर होटल के कमरे तक कस्टमर को पहुंचाता था। पकड़े गये ब्रोकर विक्रांत के अनुसार कस्टमर से पैमेंट कमरे में मौजूद लड़कियां लेती थीं। लीज पर लिया गया था होटल गोमती नगर स्थित दो मंजिल बिल्डिंग में चल रहे ग्रीन टाउन होटल का मालिक इलाहाबाद निवासी आलोक तिवारी बताया जा रहा है। होटल मैनेजर अफनाम ने पुलिस को बताया कि बिल्डिंग रेंट पर है और दो महीने पहले से ही होटल चलाया जा रहा है। होटल के कमरे ओयो के जरिए बुक किये जाते थे। होटल मैनेजर की भी भूमिका जांच के दायरे में है। होटल के कमरे में लड़कियों के रुकने की जानकारी होने के बाद भी बाहर से आने वाले लोग आखिर कैसे बिना आईडी प्रूफ के उनके कमरे में पहुंचते थे। पुलिस होटल से संबंधित दस्तावेजों की भी जांच कर रही हैं। ऑनलाइन चल रहा धंधा रैकेट से जुड़े गैंग ऑनलाइन और वाट्सअप पर धंधा करते हैं। कस्टमर फिक्स नंबरों पर कॉल करते हैं जिसके बाद ब्रोकर उन्हें डिमांड के अनुसार वाट्सअप पर कुछ फोटो भेजते हैं। फोटो के सलेक्शन के बाद रेट तय होता है। ब्रोकर कस्टमर के नजदीकी लोकेशन पर स्थित होटल का नाम और कमरा नंबर उन्हें दे देता है। इस खेल में ब्रोकर कस्टमर पर तभी विश्वास करता है जब कस्टमर उसे पुराने कस्टमर का रिफरेंस देता है।