सेक्स रैकेट कांड: RJD अरुण यादव के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी

rjd
सेक्स रैकेट कांड: RJD अरुण यादव के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी

पटना। चर्चित सेक्स रैकेट में राष्‍ट्रीय जनता दल (राजद) विधायक अरुण यादव की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रहीं हैं। एक नाबालिग के साथ गलत काम करने वाले विधायक के खिलाफ कोर्ट ने गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया है। विशेष पॉक्सो अदालत का प्रभार देख रहे जिला एवं सत्र न्यायाधीश आरके सिंह ने जिला पुलिस के अनुरोध पर विधायक के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया।  

Sex Racket Scandal Arrest Warrant Issued Against Rjd Arun Yadav :

बता दें कि पीडि़त नाबालिग लड़की द्वारा कोर्ट में दिए बयान में विधायक आवास पर दुष्‍कर्म का आरोप लगाने के बाद पुलिस ने उनके खिलाफ 11 सितंबर को गिरफ्तारी वारंट के लिए कोर्ट में अर्जी दाखिल की थी। इसी पर शुक्रवार को कोर्ट ने सुनवाई करते हुए गिरफ्तारी वारंट जारी करने का आदेश दिया। उधर, पुलिस पटना से लेकर भोजपुर तक विधायक की गिरफ्तारी को लेकर छापेमारी कर रही है। लेकिन पुलिस को सफलता हाथ नहीं लगी है। वहीं, गिरफ्तारी के डर से विधायक भूमिगत हो गए बताए जा रहे हैं।  

उधर आरोपी राजद विधायक को मिले चार अंगरक्षकों को भोजपुर एसपी सुशील कुमार के आदेश पर लाइन वापस कर दिया गया है। इस प्रकरण में कानूनी शिकंजा कसने के बाद विधायक अरुण यादव की मुश्किलें बढ़ गई हैं। इस कांड की जांच में एसआइटी ने एक मोबाइल फोन भी जब्त किया है। मामले की मॉनीटरिंग पटना पुलिस मुख्यालय में वरीय अधिकारी भी कर रहे हैं। इस प्रकरण में अब तक संचालिका अनीता, उसके दलाल संजीत और अभियंता अमरेश के अलावा सेक्स रैकेट के संचालक संजय यादव उर्फ जीजा को पुलिस जेल भेज चुकी है।  

जानिए क्‍या है पूरा मामला

विदित हो कि बीते 18 जुलाई को पटना में संचालित देह व्‍यापार गिरोह के चंगुल से भागकर भोजपुर पुलिस के पास पहुंची लड़की ने एक इंजीनियर और विधायक के आवास पर भेजे जाने का खुलासा किया था। इस मामले में पकड़ी गई संचालिका अनीता देवी ने स्वीकार भी इसे किया था। पीडि़ता का आरा कोर्ट में पहली बार बयान 20 जुलाई को दर्ज हुआ था। बीते छह सितंबर को पीड़ित लड़की द्वारा आरा कोर्ट में दोबारा बयान दर्ज कराया गया था। इसमें पीड़िता ने कहा कि पटना स्थित विधायक अरुण यादव के आवास पर उसके साथ गंदा काम किया गया। इसके बाद से विधायक की मुश्किलें बढ़ गईं हैं।

पटना। चर्चित सेक्स रैकेट में राष्‍ट्रीय जनता दल (राजद) विधायक अरुण यादव की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रहीं हैं। एक नाबालिग के साथ गलत काम करने वाले विधायक के खिलाफ कोर्ट ने गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया है। विशेष पॉक्सो अदालत का प्रभार देख रहे जिला एवं सत्र न्यायाधीश आरके सिंह ने जिला पुलिस के अनुरोध पर विधायक के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया।   बता दें कि पीडि़त नाबालिग लड़की द्वारा कोर्ट में दिए बयान में विधायक आवास पर दुष्‍कर्म का आरोप लगाने के बाद पुलिस ने उनके खिलाफ 11 सितंबर को गिरफ्तारी वारंट के लिए कोर्ट में अर्जी दाखिल की थी। इसी पर शुक्रवार को कोर्ट ने सुनवाई करते हुए गिरफ्तारी वारंट जारी करने का आदेश दिया। उधर, पुलिस पटना से लेकर भोजपुर तक विधायक की गिरफ्तारी को लेकर छापेमारी कर रही है। लेकिन पुलिस को सफलता हाथ नहीं लगी है। वहीं, गिरफ्तारी के डर से विधायक भूमिगत हो गए बताए जा रहे हैं।   उधर आरोपी राजद विधायक को मिले चार अंगरक्षकों को भोजपुर एसपी सुशील कुमार के आदेश पर लाइन वापस कर दिया गया है। इस प्रकरण में कानूनी शिकंजा कसने के बाद विधायक अरुण यादव की मुश्किलें बढ़ गई हैं। इस कांड की जांच में एसआइटी ने एक मोबाइल फोन भी जब्त किया है। मामले की मॉनीटरिंग पटना पुलिस मुख्यालय में वरीय अधिकारी भी कर रहे हैं। इस प्रकरण में अब तक संचालिका अनीता, उसके दलाल संजीत और अभियंता अमरेश के अलावा सेक्स रैकेट के संचालक संजय यादव उर्फ जीजा को पुलिस जेल भेज चुकी है।   जानिए क्‍या है पूरा मामला विदित हो कि बीते 18 जुलाई को पटना में संचालित देह व्‍यापार गिरोह के चंगुल से भागकर भोजपुर पुलिस के पास पहुंची लड़की ने एक इंजीनियर और विधायक के आवास पर भेजे जाने का खुलासा किया था। इस मामले में पकड़ी गई संचालिका अनीता देवी ने स्वीकार भी इसे किया था। पीडि़ता का आरा कोर्ट में पहली बार बयान 20 जुलाई को दर्ज हुआ था। बीते छह सितंबर को पीड़ित लड़की द्वारा आरा कोर्ट में दोबारा बयान दर्ज कराया गया था। इसमें पीड़िता ने कहा कि पटना स्थित विधायक अरुण यादव के आवास पर उसके साथ गंदा काम किया गया। इसके बाद से विधायक की मुश्किलें बढ़ गईं हैं।