पुणे : मुस्लिम अनाथालय में हो रहा था यौन शोषण, फरार हुए बच्चों ने खोला राज

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पुणे : मुस्लिम अनाथालय में हो रहा था यौन शोषण, फरार हुए बच्चों ने खोला राज

पुणे। पुणे में स्थित एक मुस्लिम अनाथालय में पर बहुत ही संगीन आरोप लगा है। यहां से किसी तरह फरार हुए दो बच्चों ने एक एनजीओ संचालक को बताया कि वहां के केयरटेकर और मौलवी पर बच्चों का यौन शोषण करता है। जिसके बाद मामला पुलिस के पास पहुंचा तो वो तुरन्त हरकत में आ गई। वो वहां पहुंचे 36 बच्चों को मुक्त कराया।

Sexual Harasment With Minors In At Orphanage :

पुलिस के मुताबिक आरोपी मौलवी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। अब पुलिस उससे पूछताछ करने के साथ ही बच्चों से भी उसकी करतूतों के बारे में पूछ रही है। बताया जा रहा है कि 21 वर्षीय मौलवी बिहार का रहने वाला है, जो यहां रहकर अनाथालय की देखरेख कर रहा ​था।

बता दें कि इस अनाथालय में रहने वाले अधिकतर बच्चे बिहार से हैं। इसमें रहने वाले 10 साल के दो बच्चे मौलवी की हरकतों से आजिज होकर कुछ दिन पहले भाग गए थे, जिनकी मुलाकात एक एनजीओ संचालक से हुई। इसके बाद बच्चों को बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किया गया। चाइल्ड एक्टिविस्ट डॉ. यामिनी अदबे ने बताया, “सभी बच्चों को अनाथाश्रम से निकालकर दूसरी जगह शिफ्ट कर दिया गया है। जल्द ही, उनके बयान बाल कल्याण समिति के कार्यालय में दर्ज कराए जाएंगे। इससे पता चलेगा, अन्य बच्चों का यौन शोषण तो नहीं किया गया।” उधर पुलिस टीम दबोचे गए मौलवी से पूछताछ कर रही है।

पुणे। पुणे में स्थित एक मुस्लिम अनाथालय में पर बहुत ही संगीन आरोप लगा है। यहां से किसी तरह फरार हुए दो बच्चों ने एक एनजीओ संचालक को बताया कि वहां के केयरटेकर और मौलवी पर बच्चों का यौन शोषण करता है। जिसके बाद मामला पुलिस के पास पहुंचा तो वो तुरन्त हरकत में आ गई। वो वहां पहुंचे 36 बच्चों को मुक्त कराया।पुलिस के मुताबिक आरोपी मौलवी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। अब पुलिस उससे पूछताछ करने के साथ ही बच्चों से भी उसकी करतूतों के बारे में पूछ रही है। बताया जा रहा है कि 21 वर्षीय मौलवी बिहार का रहने वाला है, जो यहां रहकर अनाथालय की देखरेख कर रहा ​था।बता दें कि इस अनाथालय में रहने वाले अधिकतर बच्चे बिहार से हैं। इसमें रहने वाले 10 साल के दो बच्चे मौलवी की हरकतों से आजिज होकर कुछ दिन पहले भाग गए थे, जिनकी मुलाकात एक एनजीओ संचालक से हुई। इसके बाद बच्चों को बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किया गया। चाइल्ड एक्टिविस्ट डॉ. यामिनी अदबे ने बताया, "सभी बच्चों को अनाथाश्रम से निकालकर दूसरी जगह शिफ्ट कर दिया गया है। जल्द ही, उनके बयान बाल कल्याण समिति के कार्यालय में दर्ज कराए जाएंगे। इससे पता चलेगा, अन्य बच्चों का यौन शोषण तो नहीं किया गया।" उधर पुलिस टीम दबोचे गए मौलवी से पूछताछ कर रही है।