शहीद के पिता का दर्द- सरकार बेटा तो नहीं लौटा सकती, सांत्वना तो दे सकती थी

बलिया। पाकिस्तानी गोलाबारी में शहीद हुए बलिया के वीर सपूत बृजेंद्र बहादुर सिंह का पैतृक गांव विद्या भवन नारायनपुर गमगीन है, ऐसा लग रहा है जैसे यहां दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। यहां दुखी सब है लेकिन सब एक दूसरे का साहस बढ़ा रहे हैं। देश के लिए प्राण न्योछावर करने वाले वीर जवान के लिए हर आंखें नम हैं। इसी बीच लोगों का सरकार के प्रति जमकर गुस्सा भी फूट रहा है। शहीद के पिता अशोक सिंह का कहना है कि मेरे बेटे की शहादत का गम मुझे नहीं बल्कि पूरे देश को है लेकिन सरकार को शायद इसका गम नहीं है। उन्होने कहा, “मेरे बेटे की शहादत पर न ही सीएम योगी को न ही पीएम मोदी को दुख है क्योकि उन्हें इसका दुख होता तो उन्होने व्यक्त जरूर किया होता”।

आगे अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए शहीद बिजेन्द्र के पिता ने कहा कि ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा शहीद की अंत्येष्टि के दिन आए थे। वे गांव के बाहर स्कूल के पास अंत्येष्टि स्थल पर काफी देर रहे, लेकिन उन्होंने शहीद के घर जाने की जहमत नहीं उठाई। इसको लेकर भी गांव वालों में गुस्सा है। उन्होने कह कि उम्मीद थी कि मंत्री जी घर पर पहुंचकर बेटे की विधवा पत्नी को सांत्वना देंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। मंत्री के साथ आए कई नेता वहीं से लौट गए।

हालांकि शहीद के पिता अशोक सिंह दुख के बीच परिवार को बखूबी संभाले हुए हैं। पल-पल पर अपने शहीद बेटे की दो मासूम संतानों का ख्याल रख रहे हैं। वे कहते हैं कि देश के लिए, सरकार के लिए बेटा दे दिया। सरकार को भी उसकी शहादत का मान रखना चाहिए। मान रखा भी गया है, लेकिन सीएम को बुलाने के मसले पर अभी तक किसी ने कोई पहल नहीं की। कोई भी हमारा बेटा नहीं लौटा सकता, लेकिन सांत्वना के तौर पर सीएम के आने से लोगों को और फक्र होगा।

गुरुवार की रात बीएसएफ के जवान बृजेंद्र सिंह की शहादत की खबर आने के बाद शुक्रवार की सुबह बांसडीह तहसील के नारायनपुर गांव में प्रशासनिक हलचल तेज हो गई। सुबह से देर रात तक अफसर दौड़ते रहे। जिलाधिकारी देर रात गांव में पहुंचे। शनिवार को अंत्येष्टि के दौरान नेताओं सहित प्रशासनिक अधिकारियों की फौज डटी रही। उसके बाद गांव की ओर किसी बड़े अधिकारी, नेता ने रुख नहीं किया। गांव में लोग कहते हुए सुने गए कि शासन-प्रशासन शहीद के अंतिम संस्कार के बाद शहादत को भूल गया।

{ यह भी पढ़ें:- बलिया: बाइक-साइकिल की टक्कर के बाद इलाके में आगजनी, धारा 144 लागू }