बारामूला हमले के शहीद नितिन कुमार का शव मंगलवार को पहुंचेगा इटावा

लखनऊ। 2 अक्टूबर की रात जम्मू के बारामूला सेक्टर में 46 राष्ट्रीय राइफल बटालियन के कैंप पर हुए हमले में शहीद हुए 24 वर्षीय बीएसएफ जवान नितिन कुमार यादव के घर मातम पसरा हुआ है। यूपी के इटावा में चौबिया ब्लॉक के नगला बरी के इस सपूत की शहादत से पूरा गांव गमजदा है। इलाके में नितिन कुमार की शहादत की खबर फैलने के बाद उनके घर संवेदनाएं प्रकट करने वालों की भीड़ जमा है। परिवार को मिली जानकारी के मुताबिक शहीद का शव मंगलवार को गांव लाया जाएगा, जहां पूरे राजकीय सम्मान के साथ शहीद को अंतिम विदाई दी जाएगी।




मिली जानकारी के मुताबिक शहीद के चाचा मुकट सिंह यादव क्षेत्र के जाने माने कम्युनिस्ट नेता है। नितिन वर्ष 2012 में भारतीय सीमा सुरक्षा बल में भर्ती हुए थे, और तीन साल पहले ही उसे भारतीय सेना के साथ तैनाती मिली थी। अंतिम बार वह होली पर अपने घर छुट्टी मनाने आए थे। उसके बाद से वह लगातार ड्यूटी पर तैनात थे। उनके परिवार में बूढ़े मां—बाप के अलावा एक बड़ा भाई सचिन और एक बहन है। परिजनों का कहना है कि 1 अक्टूबर की शाम नितिन से आखरी बार फोन पर बात हुई थी।

आपको बता दें कि 2 अक्टूबर की रात बारामूला सेक्टर के 46 राष्ट्रीय राइफल आर्मी बटालियन के कैम्प पर हुए हमले में, सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात नितिन कुमार आतंकियों के लांचर ग्रेनेड का शिकार हो गए थे। ग्रेनेड की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हुए नितिन कुमार की इलाज के दौरान मौत हो गई थी।