शाहीन बाग: प्रदर्शनकारियों से बातचीत करने चौथे दिन पहुंचीं वार्ताकार साधना रामचंद्रन

Shaheen Bagh
शाहीन बाग: प्रदर्शनकारियों से बातचीत करने चौथे दिन पहुंचीं वार्ताकार साधना रामचंद्रन

नई दिल्ली। नागरिकता संशोधन कानून को लेकर​ दिल्ली के शाहीन बाग में प्रदर्शन जारी है। सुप्रीम कोर्ट ने प्रदर्शनकारियों से बाचतीत करने के लिए एक मध्यस्थता कमेटी नियु​क्त की है, जो लगातार प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर रहे हैं। चौथे दिन प्रदर्शनकारियों से बातचीत के लिए वार्ताकार रामचंद्रन शनिवार सुबह शाहीन बाग पहुंची हैं।

Shaheen Bagh Interlocutor Sadhana Ramachandran Arrives On Fourth Day To Talk To Protesters :

इस दौरान वह प्रदर्शनकारियों से रास्ता खोलने को लेकर बातचीत कर रहीं हैं। सीएए व एनआरसी के विरोध में शाहीन बाग में धरने पर बैठे लोगों ने कल शाम उन्हें बताया था कि पुलिस सुरक्षा दे तो वह रास्ता खोलने को तैयार हैं।बता दें कि, शुक्रवार को बातचीत के दौरान प्रदर्शनकारियों ने वार्ताकारों से सुप्रीम कोर्ट से सुरक्षा का आश्वासन मांग लिया।

वार्ताकारों ने मौके पर मौजूद शाहीन बाग एसएचओ विजय पाल से पूछा कि यदि एक ओर का रास्ता चालू हो जाए तो कोई दिक्कत तो नहीं? पुलिस ने सुरक्षा का भरोसा दिया तो प्रदर्शनकारियों ने लिखित आश्वासन मांगा। वार्ताकारों ने नोएडा की ओर के रास्ते बंद करने पर पुलिस से नाराजगी भी जताई।

उनका कहना था कि शुक्रवार को रास्ता चालू करने के बाद दोबारा क्यों बंद किया गया? गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने वार्ताकारों को 24 फरवरी को रिपोर्ट देने को कहा है। इसलिए वार्ताकारों के पास केवल अब दो दिन का समय शेष बचा हुआ है। शनिवार व रविवार को यदि रास्ता खाली करने पर सहमति नहीं बनी तो अगली सुनवाई में इस पर कोई फैसला होगा। वार्ताकार दिल्ली पुलिस के अधिकारियों से भी बातचीत कर सकते हैं।

नई दिल्ली। नागरिकता संशोधन कानून को लेकर​ दिल्ली के शाहीन बाग में प्रदर्शन जारी है। सुप्रीम कोर्ट ने प्रदर्शनकारियों से बाचतीत करने के लिए एक मध्यस्थता कमेटी नियु​क्त की है, जो लगातार प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर रहे हैं। चौथे दिन प्रदर्शनकारियों से बातचीत के लिए वार्ताकार रामचंद्रन शनिवार सुबह शाहीन बाग पहुंची हैं। इस दौरान वह प्रदर्शनकारियों से रास्ता खोलने को लेकर बातचीत कर रहीं हैं। सीएए व एनआरसी के विरोध में शाहीन बाग में धरने पर बैठे लोगों ने कल शाम उन्हें बताया था कि पुलिस सुरक्षा दे तो वह रास्ता खोलने को तैयार हैं।बता दें कि, शुक्रवार को बातचीत के दौरान प्रदर्शनकारियों ने वार्ताकारों से सुप्रीम कोर्ट से सुरक्षा का आश्वासन मांग लिया। वार्ताकारों ने मौके पर मौजूद शाहीन बाग एसएचओ विजय पाल से पूछा कि यदि एक ओर का रास्ता चालू हो जाए तो कोई दिक्कत तो नहीं? पुलिस ने सुरक्षा का भरोसा दिया तो प्रदर्शनकारियों ने लिखित आश्वासन मांगा। वार्ताकारों ने नोएडा की ओर के रास्ते बंद करने पर पुलिस से नाराजगी भी जताई। उनका कहना था कि शुक्रवार को रास्ता चालू करने के बाद दोबारा क्यों बंद किया गया? गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने वार्ताकारों को 24 फरवरी को रिपोर्ट देने को कहा है। इसलिए वार्ताकारों के पास केवल अब दो दिन का समय शेष बचा हुआ है। शनिवार व रविवार को यदि रास्ता खाली करने पर सहमति नहीं बनी तो अगली सुनवाई में इस पर कोई फैसला होगा। वार्ताकार दिल्ली पुलिस के अधिकारियों से भी बातचीत कर सकते हैं।