शाहिद अफरीदी ने कहा- इमरान खान चीन में उईगर मुस्लिमों पर हो रहे अत्याचारों पर चुप्पी तोड़ें

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शाहिद अफरीदी ने कहा- इमरान खान चीन में उईगर मुस्लिमों पर हो रहे अत्याचारों पर चुप्पी तोड़ें

नई दिल्ली। पाकिस्तान के पूर्व कप्तान और क्रिकेटर शाहिद अफरीदी (Former Pakistan captain Shahid Afridi) ने चीन के उइगर मुस्लिम समुदाय (Uighur Muslims) को लेकर चिंता जताई है। अफरीदी ने एक ट्वीट में यह मांग की। उनका यह बयान बेहद अहम है।

Shahid Afridi Said Imran Khan Break The Silence On The Atrocities On Uygar Muslims In China :

दरअसल, पाकिस्तान सरकार वैसे तो दुनियाभर के मुस्लिमों के हित की बात करती है लेकिन चीन के उईगर मुस्लिमों के बारे में एक शब्द भी नहीं बोलती। अफरीदी ने कश्मीर मुद्दे पर प्रधानमंत्री के साथ पीओके समेत कई रैलियों में हिस्सा लिया। उनका यह बयान इमरान के लिए धर्मसंकट खड़ा कर सकता है।

अफरीदी का दर्द

रविवार को ट्विट करते हुए अफरीदी ने लिखा, ‘उइगर मुसलमानों के खिलाफ अत्याचारों को सुनकर दिल दहल जाता है। मैं चाहता हूं कि इमरान खान इसके खिलाफ आवाज़ उठाए। वो मुस्लिम उम्मत को एक साथ लाने पर बात करें। चीन के भाई-बहन भी इसका हिस्सा हैं।’

उईगर समुदाय के लिए अलग जेल

उईगर मुस्लिमों के मुद्दे पर चीन की अंतरराष्ट्रीय आलोचना होती रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस समुदाय के लोगों के लिए अलग जेल बनाए गए हैं। ब्रेनवॉश की कोशिश की जा रही है। चीन और अमेरिका के बीच कुछ दिनों पहले इसी मुद्दे पर काफी आरोप-प्रत्यारोप हुए।

हाल ही में एक संस्था ने गूगल अर्थ के जरिए ऐसे 209 जेलों की पहचान की थी, जहां उईगर मुस्लिमों को रखा गया है। इनके लिए अलग से 74 लेबर कैम्प भी बनाए गए हैं। पेंटागन के एक अफसर रेंडल श्राईवर ने भी हाल ही में कहा था कि 30 लाख उईगरों को जेलों में रखा गया है। हालांकि, चीन ने इन खबरों को आधारहीन बताया था।

पाकिस्तान क्यों चुप?

इमरान ही नहीं, पाकिस्तान की पूर्व सरकारें भी उईगर मुस्लिमों के मुद्दे पर चुप रहीं। इसकी वजह ये है कि चीन इस वक्त पाकिस्तान का सबसे बड़ा साझेदार है। सीपेक और रक्षा समेत कई करोड़ डॉलर के प्रोजेक्ट पाकिस्तान में चीन के कर्ज से ही चल रहे हैं। कुछ महीने पहले इमरान अमेरिका दौरे पर थे। एक टॉक शो में उनसे उईगर मुस्लिमों से जुड़ा सवाल किया गया। जवाब में इमरान ने सिर्फ इतना कहा कि उन्हें इस मुद्दे पर कोई जानकारी नहीं है।

नई दिल्ली। पाकिस्तान के पूर्व कप्तान और क्रिकेटर शाहिद अफरीदी (Former Pakistan captain Shahid Afridi) ने चीन के उइगर मुस्लिम समुदाय (Uighur Muslims) को लेकर चिंता जताई है। अफरीदी ने एक ट्वीट में यह मांग की। उनका यह बयान बेहद अहम है। दरअसल, पाकिस्तान सरकार वैसे तो दुनियाभर के मुस्लिमों के हित की बात करती है लेकिन चीन के उईगर मुस्लिमों के बारे में एक शब्द भी नहीं बोलती। अफरीदी ने कश्मीर मुद्दे पर प्रधानमंत्री के साथ पीओके समेत कई रैलियों में हिस्सा लिया। उनका यह बयान इमरान के लिए धर्मसंकट खड़ा कर सकता है। अफरीदी का दर्द रविवार को ट्विट करते हुए अफरीदी ने लिखा, 'उइगर मुसलमानों के खिलाफ अत्याचारों को सुनकर दिल दहल जाता है। मैं चाहता हूं कि इमरान खान इसके खिलाफ आवाज़ उठाए। वो मुस्लिम उम्मत को एक साथ लाने पर बात करें। चीन के भाई-बहन भी इसका हिस्सा हैं।' उईगर समुदाय के लिए अलग जेल उईगर मुस्लिमों के मुद्दे पर चीन की अंतरराष्ट्रीय आलोचना होती रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस समुदाय के लोगों के लिए अलग जेल बनाए गए हैं। ब्रेनवॉश की कोशिश की जा रही है। चीन और अमेरिका के बीच कुछ दिनों पहले इसी मुद्दे पर काफी आरोप-प्रत्यारोप हुए। हाल ही में एक संस्था ने गूगल अर्थ के जरिए ऐसे 209 जेलों की पहचान की थी, जहां उईगर मुस्लिमों को रखा गया है। इनके लिए अलग से 74 लेबर कैम्प भी बनाए गए हैं। पेंटागन के एक अफसर रेंडल श्राईवर ने भी हाल ही में कहा था कि 30 लाख उईगरों को जेलों में रखा गया है। हालांकि, चीन ने इन खबरों को आधारहीन बताया था। पाकिस्तान क्यों चुप? इमरान ही नहीं, पाकिस्तान की पूर्व सरकारें भी उईगर मुस्लिमों के मुद्दे पर चुप रहीं। इसकी वजह ये है कि चीन इस वक्त पाकिस्तान का सबसे बड़ा साझेदार है। सीपेक और रक्षा समेत कई करोड़ डॉलर के प्रोजेक्ट पाकिस्तान में चीन के कर्ज से ही चल रहे हैं। कुछ महीने पहले इमरान अमेरिका दौरे पर थे। एक टॉक शो में उनसे उईगर मुस्लिमों से जुड़ा सवाल किया गया। जवाब में इमरान ने सिर्फ इतना कहा कि उन्हें इस मुद्दे पर कोई जानकारी नहीं है।