शाहनजफ इमामबाड़ा हुआ बदहाल, शादी समारोह की बुकिंग कर ट्रस्ट कमा रही मोटी कमाई

shahnajaf imambara
शाहनजफ इमामबाड़ा हुआ बदहाल, शादी समारोह की बुकिंग कर ट्रस्ट कमा रही मोटी कमाई

लखनऊ। हजरतगंज स्थित हुसैनाबाद ट्रस्ट ऐतिहासिक शाहनजफ इमामबाड़ा इस वक्त देखने लायक हो चुका है। शाहनजफ इमामबाड़े में वैसे तो कई प्रोग्राम होते रहते है। लेकिन आजकल वहां शादी समारोह की बुकिंग कर रहा ट्रस्ट मोटी कमाई कर रहा है, लेकिन इमामबाड़े की इमारतों पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। यहां लंबे समय से कोई मरम्मत और रंगाई-पुताई ना होने के कारण इमारतों की हालत जगह-जगह से टूटने-फूटने लगी हैं। प्लास्टर जगह-जगह से टूट चुका है और कई जगह दरारें भी आ गई हैं।

Shahnajaf Imambara Had In Bad Condition Making A Trust By Booking Wedding Ceremonies Earns Big Money :

आपको बता दें कि शाहनजफ इमामबाड़ा ऐतिहासिक स्मारक होने के साथ-साथ धार्मिक आस्था का केंद्र भी है। यहां न केवल मुस्लिम बल्कि अन्य धर्म के मानने वाले भी माथा टेकने आते हैं। लेकिन पुरातत्व महत्व के इस ऐतिहासिक स्मारक का कोई पूछने वाला नहीं है। पुरातत्व विभाग ने लंबे समय से इमामबाड़े की मरम्मत के लिए कोई कार्य नहीं किया है।

बेगमात रायल फैमिली ऑफ अवध की फराहना मालिकी ने ये आरोप लगाते हुए कहा है कि “हुसैनाबाद ट्रस्ट शाहनजफ इमामबाड़ा परिसर में शादी की बुकिंग कर मोटी कमाई कर रहा है। हर आयोजन के 50 हजार रुपये ले रहा है, लेकिन ऐतिहासिक इमारत की मरम्मत तो दूर रंगाई-पुताई व साफ-सफाई तक नहीं हो रही है।

हुसैनाबाद ट्रस्ट के जिम्मेदार हबीबुल जो शाहनजफ के अंदर ही रहते हैं उनका मानना है कि वे भी इमारत की जर्जर स्थिति से परेशान हैं। उन्होंने कहा कि जल्द ही इमारत की मरम्मत के लिए पुरातत्व विभाग को लिखा जाएगा। बताया जा रहा है कि हेरिटेज डे पर बेगमात रायल फैमिली ऑफ अवध हुसैनाबाद ट्रस्ट और पुरातत्व विभाग की लापरवाही के खिलाफ 18 अप्रैल को प्रदर्शन करेंगी।

लखनऊ। हजरतगंज स्थित हुसैनाबाद ट्रस्ट ऐतिहासिक शाहनजफ इमामबाड़ा इस वक्त देखने लायक हो चुका है। शाहनजफ इमामबाड़े में वैसे तो कई प्रोग्राम होते रहते है। लेकिन आजकल वहां शादी समारोह की बुकिंग कर रहा ट्रस्ट मोटी कमाई कर रहा है, लेकिन इमामबाड़े की इमारतों पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। यहां लंबे समय से कोई मरम्मत और रंगाई-पुताई ना होने के कारण इमारतों की हालत जगह-जगह से टूटने-फूटने लगी हैं। प्लास्टर जगह-जगह से टूट चुका है और कई जगह दरारें भी आ गई हैं। आपको बता दें कि शाहनजफ इमामबाड़ा ऐतिहासिक स्मारक होने के साथ-साथ धार्मिक आस्था का केंद्र भी है। यहां न केवल मुस्लिम बल्कि अन्य धर्म के मानने वाले भी माथा टेकने आते हैं। लेकिन पुरातत्व महत्व के इस ऐतिहासिक स्मारक का कोई पूछने वाला नहीं है। पुरातत्व विभाग ने लंबे समय से इमामबाड़े की मरम्मत के लिए कोई कार्य नहीं किया है। बेगमात रायल फैमिली ऑफ अवध की फराहना मालिकी ने ये आरोप लगाते हुए कहा है कि "हुसैनाबाद ट्रस्ट शाहनजफ इमामबाड़ा परिसर में शादी की बुकिंग कर मोटी कमाई कर रहा है। हर आयोजन के 50 हजार रुपये ले रहा है, लेकिन ऐतिहासिक इमारत की मरम्मत तो दूर रंगाई-पुताई व साफ-सफाई तक नहीं हो रही है। हुसैनाबाद ट्रस्ट के जिम्मेदार हबीबुल जो शाहनजफ के अंदर ही रहते हैं उनका मानना है कि वे भी इमारत की जर्जर स्थिति से परेशान हैं। उन्होंने कहा कि जल्द ही इमारत की मरम्मत के लिए पुरातत्व विभाग को लिखा जाएगा। बताया जा रहा है कि हेरिटेज डे पर बेगमात रायल फैमिली ऑफ अवध हुसैनाबाद ट्रस्ट और पुरातत्व विभाग की लापरवाही के खिलाफ 18 अप्रैल को प्रदर्शन करेंगी।