एंबी वैली बचाने के लिए सहारा श्री को जमा करवाने होंगे 1500 करोड़

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को सेबी बनाम सहारा मामले की सुनवाई करते हुए सहारा समूह को 7 सितंबर तक 1500 करोड़ रुपए जमा करवाने का निर्देश देते हुए सहारा श्री की पैरोल को 10 अक्टूबर तक के लिए बढ़ा दिया है। इसके साथ ही अदालत ने सहारा समूह के स्वामित्व वाली एंबी वैली की नीलामी के लिए अफिशियल लिक्वीडेटर की क्रियान्वयन योजना को पास कर दिया है।

मिली जानकारी के मुताबिक अदालत ने सहारा समूह को निवेशकों के मूलधन का शेष 9000 रुपया जमा करवाने से पहले उसकी कोई दलील सुनने से इंकार कर दिया। अदालत ने कहा जब तक निवेशकों के मूलधन की पूरी रकम सेबी के खातों में जमा नहीं हो जाती तब तक वह सहारा समूह द्वारा निवेशकों को भुगतान की जा चुकी करीब 900 करोड़ की रकम के दावे को ना तो स्वीकार करेगी और ना ही इसकी प्रामाणिकता का परीक्षण करवाएगी।

अदालत ने कहा कि सहारा समूह द्वारा 15000 करोड़ की रकम सेबी के खातों में पहुंचने के बाद ही इस बात की पड़ताल की जाएगी कि सहारा समूह के निवेशक वास्तविक थे या काल्पनिक या फिर चंद से आए थे। उसने कितने निवेशकों को कितना पैसा वापस किया और कितना बाकी है।

मंगलवार को जस्टिस दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली तीन न्यायाधीशों की खंडपीठ ने जिस तरह के कटाक्षों के साथ सहारा की अपीलों को खारिज किया उससे लगता है कि आने वाले समय में भी सहारा समूह और उसके प्रवर्तकों की मुश्किलें कम होने वाली नहीं हैं। जिस तरह से अदालत ने एंबी वैली की नीलामी की प्रक्रिया को आगे बढ़ाते रहने को मंजूरी दी है उससे प्रतीत होता है कि निवेशकों से धोखाधड़ी के मामले में अदालत सहारा समूह के साथ किसी भी प्रकार की सख्ती कर सकती है।