जदयू कार्यकारि​णी बैठक के विरोध में पटना पहुंचे शरद यादव, बागियों के लिए रखा कार्यक्रम

जदयू कार्यकारि​णी बैठक के विरोध में पटना पहुंचे शरद यादव, बागियों के लिए रखा कार्यक्रम

पटना। जदयू नेता शरद यादव अपने बागी मनूसबे पहले ही जाहिर कर चुके हैं। दिल्ली में ‘सांझी विरासत बचाओ सम्मेलन’ में जिस तरह से कांग्रेस और बाम दलों समेंत अन्य विपक्षी दलों नेताओं ने उनके मंच पर उपस्थिति दर्ज करवाई। जिसके बाद से शरद यादव गदगद है। नीतीश कुमार और एनडीए सरकार के विरोध में किसी भी हद तक जाने को तैयार है। इस क्रम में वह शनिवार को होने वाली जदयू राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक शुरू होने से पहले पटना पहुंच गए हैं। बताया जा रहा है यहां शरद यादव और उनके सहयोगी अली अनवर ने कार्यकारिणी बैठक से अलग ‘जन अदालत’ के नाम से एक कार्यक्रम रखा है। इस कार्यक्रम में वह नीतीश् कुमार के विरुद्ध अपने समर्थक जदयू नेताओं को इकट्ठा कर शक्ति प्रदर्शन करेंगे।

शरद कुमार के पटना पहुंचने पर प्रतिक्रिया दे रहे जदयू के राष्ट्रीय महासचिव केसी त्यागी ने कहा कि जदयू पूरी तरह से नीतीश कुमार और उनके फैसले के साथ खड़ी है। राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में उन्हें पार्टी की सभी 15 राज्यों की कमेटी का समर्थन मिलेगा। शरद यादव जो कर रहे हैं वह पूरी तरह से कांग्रेस और आरजेडी से प्रभावित है। उन्हें सेकुलरिज्म के नाम पर भ्रष्टाचारी ताकतों द्वारा गुमराह किया जा रहा है। उनके हर कार्यक्रम के लिए कांग्रेस और आरजेडी जैसे दल ही समर्थन और पैसा जुटा रहे हैं।

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वहीं शरद यादव गुट के नेता अली अनवर ने जन अदालत कार्यक्रम पर प्रतिक्रिया जाहिर करते हुए कहा कि नीतीश कुमार और बीजेपी के बीच हुए गठबंधन से नाराज जदयू नेताओं को एक मंच देने के लिए इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। उन्हें उम्मीद है कि इस कार्यक्रम में नीतीश के फैसले से नाराज पार्टी के नेता शामिल होंगे। शरद यादव अब इस बात का इंतजार कर रहे हैं कि कब नीतीश कुमार उन्हें पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाते हैं।

सूत्रों की माने तो शरद यादव की पूरी कोशिश है कि उन्हें जदयू से बाहर का रास्ता दिखाया जाए। जिसके बाद वह नीतीश कुमार के विरुद्ध निर्वाचन आयोग जाकर पार्टी और सिंबल को लेकर अपील कर सकें। ​इस काम में उन्हें कांग्रेस के दिग्गज नेताओं और कानून के जानकारों का साथ मिलने की पूरी उम्मीद है।

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वहीं ​नीतीश कुमार की रणनीति की बात की जाए तो वह जदयू राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक के बाद एनडीए में शामिल होने की घोषणा कर सकते हैं। जिसके बाद जदयू केन्द्र में बीजेपी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार में शामिल हो जाएगी। उम्मीद है कि केन्द्र सरकार में जदयू के किसी एक चेहरे को मोदी मंत्रिमंडल में शामिल कर बीजेपी भी नीतीश कुमार के साथ बनते अपने नए रिश्तों को मजबूती देने का काम करेगी।

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