शताब्दी और राजधानी का होगा कायाकल्प, जानिए क्या होगा खास

शताब्दी और राजधानी का होगा कायाकल्प, जानिए क्या होगा खास

नई दिल्ली। सफाई भारतीय रेलों की सबसे बड़ी समस्या है। प्रीमियम या सामान्य सभी ट्रेनों के शौचालयों की हालत एक जैसी ही होती है। लेकिन रेल मंत्रालय ने ट्रेनों की दशा को सुधारने की शुरूआत इन्हीं शौचालयों के सुधार से करने की ठानी है। शौचालयों के सुधार के साथ ही ट्रेन के कंपार्टमेंट्स की दीवारों पर भी विशेष कोटिंग मटीरियल लगाया जाएगा, जिसे साफ करना बेहद आसान होगा।

मिली जानकारी के मुताबिक रेल मंत्रालय ने ट्रेनों के कायाकल्प के लिए ‘स्वर्ण प्रोजेक्ट’ लांच किया है। इस प्रोजेक्ट के तहत शुरुआती तौर पर 13 शताब्दी और 11 राजधानी ट्रेनों का मेकओवर किया जाएगा। जिसके लिए प्रति ट्रेन 50 लाख रुपए का ​बजट निर्धारित किया गया है।

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स्वर्ण प्रोजेक्ट के तहत ट्रेनों में मनोरंजन के संसाधन, शौचालयों का उच्चीकरण, स्वचालित दरवाजे और कंपार्टमेंट के बेहतर इंटीरियर किया जाएगा। यात्रियों तक खाने पीने का सामान पहुंचाने के लिए हवाई जहाज की तर्ज पर ट्रॉली सिस्टम लाया जाएगा। स्टॉफ को नई ड्रेस दी जाएगी। यात्रियों को यात्रा के दौरान हाई स्पीड वाईफाई की सुविधा मुहैया करवाई जाएगी।

ट्रेनों के शौचालयों के फर्श से लेकर दीवारें तक नए रंग में नजर आएंगी। फर्श पर पानी को सोखने की क्षमता वाले मटीरियल से तैयार मैट लगाया जाएगा तो शौचालय की दीवारों को अश्लीलता से मुक्त करने के लिए विशेष रूप से डिजायन किया गऐ मटीरियल से तैयार शीट्स लगाई जाएंगी। जिसकी खासियत यह होगी कि उस पर कुछ लिखा नहीं जा सकेगा और इस पर बने ग्राफिक्स टॉयलेट के टाइल्स की तरह सुन्दर नजर आएंगे।

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