देश की सुरक्षा करने के साथ मानवता की मिसाल भी है हमारी सेना: PM मोदी

भोपाल। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को भोपाल के लाल परेड ग्राउंड में जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि हमारी सेना सिर्फ देश की सुरक्षा नहीं करती, बल्कि मानवता की मिसाल भी है, वह दूसरों की जान बचाने के लिए अपनी जान खपा देती है। कश्मीर आई बाढ़ में सेना ने उन लोगों की जान बचाई थी, जिन्होंने पत्थरों से हमला कर सैनिकों की जान तक को संकट में डाल दिया था।

मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के लाल परेड मैदान में पूर्व सैनिक सम्मेलन व शौर्य सम्मान सभा को भी संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हमारी सेना के कई रूप हैं, मगर उसकी चर्चा सिर्फ एक रूप की होती है। वह है यूनीफार्म, हाथ में शस्त्र और आंखों में युद्ध की ज्वाला। उसके कई और भी रूप हैं। सेना प्राकृतिक आपदा के समय लोगों का जीवन बचाने के लिए अपने जीवन को संकट में डाल देती है। बद्रीनाथ, केदारनाथ में आई प्राकृतिक आपदा में सेना के काम को देश व दुनिया ने देखा है।




कश्मीर में आई बाढ़ में सेना द्वारा किए गए राहत व बचाव कार्य का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा कि बाढ़ की समस्या से जूझना सरकार के भी बस का नहीं था, तब सेना के जवानों ने बाढ़ पीड़ितों की जान को बचाने के लिए अपनी जान खपा दी। उन्होंने यह कभी नहीं सोचा कि ये वे लोग हैं, जो उन्हें पत्थर मारते हैं, आंख फोड़ देते हैं, सिर फोड़ देते हैं, कई बार तो हमला इतना बड़ा होता है कि मौत तक हो जाती है।”




इससे पहले रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर ने कहा कि देश में शौर्य कम नहीं है, 29 सितंबर को हमारी सेनाओं ने एक बार फिर अपना शौर्य दिखाया। उन्होंने कहा कि शिवाजी, महाराणा प्रताप और वर्ष 1965 तथा 1971 के युद्ध में हमारे सैनिकों का शौर्य पूरी दुनिया ने देखा है। ऐसा पराक्रम करने वाले सैनिकों में मध्य प्रदेश के सैनिक भी है।

राजधानी में बने शौर्य स्मारक को पर्रिकर में अहम बताया और इसके लिए मध्य प्रदेश सरकार को बधाई दी। उन्होंने आगे कहा कि यह स्मारक ऐसे मुहूर्त में बना है, जब हमारे सैनिकों ने 29 सितंबर को देश की रक्षा के लिए अपना शौर्य दिखाया है।