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नागरिकता कानून के समर्थन में उतरा शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड, वसीम रिजवी ने मुसलमानों से की ये अपील

Shia Central Waqf Board Wasim Rizvi Made This Appeal To Muslims In Support Of Citizenship Law

By बलराम सिंह 
Updated Date

लखनऊ। नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) और राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर (एनआरसी) के समर्थन में उत्तर प्रदेश शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड ने लोगों से गुमराह न होने की अपील की है। बोर्ड के चेयरमैन वसीम रिजवी ने कहा है कि नागरिकता संशोधन कानून और एनआरसी की व्यवस्था देश की सुरक्षा के हित में हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री से अपील की, कि नागरिकता संशोधन कानून में पड़ोसी देशों में रहने वाले शिया मुसलमानों को भी शामिल किया जाए। वसीम रिजवी ने नागरिकता संशोधन कानून की पैरवी करते हुए भारतीय मुसलमानों को अफवाहों और फैलाए जा रहे भ्रम से दूर रहने की सलाह दी है।

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शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड के चेयरमैन वसीम रिजवी ने कहा कि हिंदुस्तानी मुसलमानों को एनआरसी से कोई खतरा नहीं है। इसके साथ ही उन्होंने कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और तृणमूल कांग्रेस पर बड़ा हमला बोलते हुए कहा है कि एनआरसी हिंदुस्तान में लागू होना चाहिए। उन्होंने कहा कि वास्तव में घुसपैठिए तो कांग्रेस समाजवादी पार्टी और ममता बनर्जी के लिए वोट बैंक हैं। इसी कारण इतना बवाल किया जा रहा है।

पहले भी वसीम रिजवी ने नागरिकता संशोधन कानून का समर्थन किया था। बोर्ड के चेयरमैन वसीम रिजवी ने केंद्र सरकार को इस बाबत एक पत्र लिखकर मांग की थी कि इस कानून के दायरे में अफगानिस्तान और पाकिस्तान के शिया मुसलमानों को भी शामिल किया जाए। उनका कहना है कि नागरिकता संशोधन कानून और एनआरसी की व्यवस्था राष्ट्र की सुरक्षा के हित में हैं और नागरिकता संशोधन कानून में शिया मुसलमानों को भी शामिल किया जाना चाहिए, जो वहां धार्मिक उत्पीडऩ का शिकार हो रहे हैं।

वसीम रिजवी ने कहा कि राष्ट्र की सुरक्षा सबसे ऊपर है, जिससे कोई समझौता नहीं हो सकता। एनआरसी और सीएए राष्ट्र की सुरक्षा से संबंधित हैं। उप्र शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड इसका समर्थन करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि सुन्नी कट्टरपंथी मुसलमान सरकार विरोधी पार्टियों की साजिश का शिकार हो गए हैं, जो सड़क पर उतर कर उग्र प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुस्लिम मदरसों और मुस्लिम शैक्षणिक संस्थानों में पहले से ही विदेशी घुसपैठिए छुपे हुए हैं। यह देश के लिए बड़ा खतरा भी हैं। देश भर में जो विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं उनमें इन्हीं विदेशी ताकतों का हाथ है। देश के युवाओं को बहकाया जा रहा है। शियाओं को इस विरोध प्रदर्शन में शामिल नहीं होना चाहिए।

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