आवासीय योजनाएं लांच कर शाइन सिटी ने ठगे अरबों रुपये, 18 परियोजनाओं में सिर्फ दो का रेरा में पंजीकरण

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शाइन सिटी ने प्रदेश भर में फैलाया जाल, 58 प्लाटों का पंजीकरण कराकर 3000 की कर दी बुकिंग

लखनऊ। रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथारिटी (रेरा) की सख्ती के बाद भी कंपनियां आवासीय योजनाएं लांच कर लोगों से अरबों रूपये हड़प रहे हैं। शाइन सिटी बिल्डर ने प्रदेश के कई शहरों में आवासीय योजनाएं लांच करके अरूबों रूपयों की लूट की। आवंटियों को प्लाटर और मकान नहीं मिलने पर उन्होंने कंपनी से रूपये मांगे। इस पर कंपनी ने उन्हें चेक थमा दिया, जो बाउंस हो गये। बताया जा रहा है कि शाइन सिटी अपनी 18 परियोजनाओं में से सिर्फ दो का हीरेरा में पंजीकरण कराया है।

Shine City Infra Froud :

शाइन सिटी बिल्डर के लखनऊ, मिर्जापुर,कौशाम्बी, आगरा, वाराणसी, प्रयागराज, गोरखपुर तथा फतेहपुर सहित शहरों मेंलोगों का पैसा बटोरने की बात सामने आयी है। रेरा को शाइन सिटी बिल्डर कीकुल 25 परियोजओं के बारे में जानकारी मिली थी। इसमें से उसने रेरा में केवल लखनऊ की शाइन वैली तथा पैराडाइज गार्डेन का ही पंजीकरण कराया है। वहीं रेरा की तकनीकी समिति को जांच में केवल एक परियोजना में ही 3000 सेज्यादा प्लाटों के बेचे जाने की जानकारी हुई। जबकि इस परियोजना मेंबिल्डर ने केवल 58 प्लाट होने की जानकारी दी थी।

18 परियोजनाओं मेंहजारों लोगों का करोड़ों रूपये फंसा हुआ है। पीड़ित इसकी शिकायत रेरा में की थी, जिसके बाद वहां की तकनीकी समिति ने इसकी जांच कराई। बताया जा रहा है कि शाइन ग्रुप की कई कम्पनियां रेरा की जांच के दायरे में आयी हैं।   इनमें साइन सिटी प्रापर्टीज, शाइन सिटी रियल्टर्स प्राइवेट लिमिटेड, शाइनसी लाइट बिल्डर्स, शाइन प्रोक्समा डेवलपर्स, शाइन डेवलपर्स तथा शाइन सिटीइन्फ्राप्रोजेक्टस कम्पनी मुख्य हैं।

वहीं आवंटियों का रेरा ने सालिटेयरसिटी, जेवियर सिटी लखनऊ, पोल स्टार सिटी कानपुर, चन्द्र लोक कसिया बाराबंकी, कोहिनूर आगरा, नेचर वैली, समृद्धि, गुल्लक लखनऊ, ग्लैक्सी कानपुर,सुभालया गोरखपुर, अर्बन एस्टेट फतेहपुर, माउन्ट हवैन एक्स मिर्जापुर, जेयर स्पार्कल वैली प्रयागराज सहित कई परियोजनाओं में लोगों का पैसा फंसा है। 35 लाख की ठगी पर दर्ज हुआ मुकदमा जमीन दिलाने के नाम पर आर संस इन्फ्रालैण्ड ने छह लोगों से करीब 35 लाखरूपये ठग लिए।

पीड़ितों को ठगी का एहसास हुआ तो उन्होंने गोमतीनगर पुलिस को तहरीर देकर कंपनी के एमडी समेत सात पर मुकदमा दर्ज कराया। गोमतीनगर के अलकनंदा अपार्टमेंट में रहने वाले महेश प्रसाद सिंह ने बताया कि उन्होंने आर संस इन्फ्रालैण्ड कंपनी ने राम स्वरूप इंजीनियरिंग कॉलेज के सामने जमीन देने की बात कही थी। कंपनी ने कब्जा नहीं दिया। उधर, महेश प्रसाद की ही तरह कंपनी ने मधुलिका, रागिनी प्रियंका, बिंदु कुमारी, रविन्द्र प्रसाद शर्मा और रोशन राजन से प्लाट के नाम पर करीब 35 लाख रुपये हड़प लिए।

लखनऊ। रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथारिटी (रेरा) की सख्ती के बाद भी कंपनियां आवासीय योजनाएं लांच कर लोगों से अरबों रूपये हड़प रहे हैं। शाइन सिटी बिल्डर ने प्रदेश के कई शहरों में आवासीय योजनाएं लांच करके अरूबों रूपयों की लूट की। आवंटियों को प्लाटर और मकान नहीं मिलने पर उन्होंने कंपनी से रूपये मांगे। इस पर कंपनी ने उन्हें चेक थमा दिया, जो बाउंस हो गये। बताया जा रहा है कि शाइन सिटी अपनी 18 परियोजनाओं में से सिर्फ दो का हीरेरा में पंजीकरण कराया है। शाइन सिटी बिल्डर के लखनऊ, मिर्जापुर,कौशाम्बी, आगरा, वाराणसी, प्रयागराज, गोरखपुर तथा फतेहपुर सहित शहरों मेंलोगों का पैसा बटोरने की बात सामने आयी है। रेरा को शाइन सिटी बिल्डर कीकुल 25 परियोजओं के बारे में जानकारी मिली थी। इसमें से उसने रेरा में केवल लखनऊ की शाइन वैली तथा पैराडाइज गार्डेन का ही पंजीकरण कराया है। वहीं रेरा की तकनीकी समिति को जांच में केवल एक परियोजना में ही 3000 सेज्यादा प्लाटों के बेचे जाने की जानकारी हुई। जबकि इस परियोजना मेंबिल्डर ने केवल 58 प्लाट होने की जानकारी दी थी। 18 परियोजनाओं मेंहजारों लोगों का करोड़ों रूपये फंसा हुआ है। पीड़ित इसकी शिकायत रेरा में की थी, जिसके बाद वहां की तकनीकी समिति ने इसकी जांच कराई। बताया जा रहा है कि शाइन ग्रुप की कई कम्पनियां रेरा की जांच के दायरे में आयी हैं।   इनमें साइन सिटी प्रापर्टीज, शाइन सिटी रियल्टर्स प्राइवेट लिमिटेड, शाइनसी लाइट बिल्डर्स, शाइन प्रोक्समा डेवलपर्स, शाइन डेवलपर्स तथा शाइन सिटीइन्फ्राप्रोजेक्टस कम्पनी मुख्य हैं। वहीं आवंटियों का रेरा ने सालिटेयरसिटी, जेवियर सिटी लखनऊ, पोल स्टार सिटी कानपुर, चन्द्र लोक कसिया बाराबंकी, कोहिनूर आगरा, नेचर वैली, समृद्धि, गुल्लक लखनऊ, ग्लैक्सी कानपुर,सुभालया गोरखपुर, अर्बन एस्टेट फतेहपुर, माउन्ट हवैन एक्स मिर्जापुर, जेयर स्पार्कल वैली प्रयागराज सहित कई परियोजनाओं में लोगों का पैसा फंसा है। 35 लाख की ठगी पर दर्ज हुआ मुकदमा जमीन दिलाने के नाम पर आर संस इन्फ्रालैण्ड ने छह लोगों से करीब 35 लाखरूपये ठग लिए। पीड़ितों को ठगी का एहसास हुआ तो उन्होंने गोमतीनगर पुलिस को तहरीर देकर कंपनी के एमडी समेत सात पर मुकदमा दर्ज कराया। गोमतीनगर के अलकनंदा अपार्टमेंट में रहने वाले महेश प्रसाद सिंह ने बताया कि उन्होंने आर संस इन्फ्रालैण्ड कंपनी ने राम स्वरूप इंजीनियरिंग कॉलेज के सामने जमीन देने की बात कही थी। कंपनी ने कब्जा नहीं दिया। उधर, महेश प्रसाद की ही तरह कंपनी ने मधुलिका, रागिनी प्रियंका, बिंदु कुमारी, रविन्द्र प्रसाद शर्मा और रोशन राजन से प्लाट के नाम पर करीब 35 लाख रुपये हड़प लिए।