अमित जानी को शिवपाल ने बनाया युवजन सभा का राष्ट्रीय अध्यक्ष, तोड़ी थी मायावती की मूर्ति

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अमित जानी को शिवपाल ने बनाया युवजन सभा का राष्ट्रीय अध्यक्ष, तोड़ी थी मायावती की मूर्ति

लखनऊ। बसपा सुप्रीमो मायावती की मूर्ति तोड़ने के बाद चर्चा में आए अमित जानी पर शिवपाल सिंह यादव ने भरोसा जताया है। शिवपाल यादव ने अमित जानी को प्रगतिशील समाजवादी पार्टी युवजन सभा का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया है। बताया जा रहा है कि अमित जानी शिवपाल यादव के बेहद करीबी हैं। अब अमित जानी के जरिए वह पार्टी में युवाओं को जोड़ने की काोशिश करेंगे।

Shiv Janpal Made Amit Jani The National President Of Yuvjan Sabha Broke The Statue Of Mayawati :

अमित जानी हमेशा अपने विवादित बयानों, पोस्टरों और हरकतों को लेकर सुर्ख़ियों में रहे हैं। इतना ही नहीं अमित जानी पर कई आपराधिक मामले भी दर्ज हैं। चर्चा है कि शिवपाल के बेटे आदित्य यादव की इच्छा के बाद अमित जानी को पार्टी में शामिल किया गया है। बता दें कि, अमित जानी कभी सपा से जुड़े थे लेकिन अब वह शिवपाल यादव की पार्टी प्रसपा के लिए काम करेंगे। इतना ही नहीं लोकसभा चुनाव के दौरान उन्होंने अखिलेश यादव के खिलाफ चुनाव लड़ने का ऐलान भी किया था।

हालांकि उन्होंने ऐन वक्त पर नामांकन ही नहीं किया। इसके साथ ही 2009 में महाराष्ट्र में उत्तर भारतियों पर हो रहे हमले के विरोध में उन्होंने नव निर्माण सेना का गठन भी किया था। गौरतलब है कि अमित जानी कभी पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के करीबी माने जाते थे। हालांकि लोकसभा चुनाव में उन्होंने खुद को सपा कार्यकर्ताओं से जान का खतरा बताया था।

लखनऊ। बसपा सुप्रीमो मायावती की मूर्ति तोड़ने के बाद चर्चा में आए अमित जानी पर शिवपाल सिंह यादव ने भरोसा जताया है। शिवपाल यादव ने अमित जानी को प्रगतिशील समाजवादी पार्टी युवजन सभा का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया है। बताया जा रहा है कि अमित जानी शिवपाल यादव के बेहद करीबी हैं। अब अमित जानी के जरिए वह पार्टी में युवाओं को जोड़ने की काोशिश करेंगे। अमित जानी हमेशा अपने विवादित बयानों, पोस्टरों और हरकतों को लेकर सुर्ख़ियों में रहे हैं। इतना ही नहीं अमित जानी पर कई आपराधिक मामले भी दर्ज हैं। चर्चा है कि शिवपाल के बेटे आदित्य यादव की इच्छा के बाद अमित जानी को पार्टी में शामिल किया गया है। बता दें कि, अमित जानी कभी सपा से जुड़े थे लेकिन अब वह शिवपाल यादव की पार्टी प्रसपा के लिए काम करेंगे। इतना ही नहीं लोकसभा चुनाव के दौरान उन्होंने अखिलेश यादव के खिलाफ चुनाव लड़ने का ऐलान भी किया था। हालांकि उन्होंने ऐन वक्त पर नामांकन ही नहीं किया। इसके साथ ही 2009 में महाराष्ट्र में उत्तर भारतियों पर हो रहे हमले के विरोध में उन्होंने नव निर्माण सेना का गठन भी किया था। गौरतलब है कि अमित जानी कभी पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के करीबी माने जाते थे। हालांकि लोकसभा चुनाव में उन्होंने खुद को सपा कार्यकर्ताओं से जान का खतरा बताया था।