प्याज की कीमतों और अर्थव्यवस्था को लेकर शिवसेना का केन्द्र सरकार पर तीखा हमला

udhav
प्याज की कीमतों और अर्थव्यवस्था को लेकर शिवसेना का केन्द्र सरकार पर तीखा हमला

नई दिल्ली। शिवसेना ने मंगलवार को भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर प्याज की बढ़ती कीमतों और अर्थव्यवस्था की स्थिति को लेकर जमकर निशाना साधा है। अपने मुखपत्र सामना में शिवसेना ने कहा है कि वर्तमान में अर्थव्यवस्था की गति धीमी हो रही है, लेकिन केन्द्र सरकार मानने को तैयार नहीं है। प्याज की कीमतें 200 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई हैं। वित्त मंत्री ने इस मामले में बहुत ही बचकाना जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि मैं प्याज-लहसुन नहीं खाती हूं, इसलिए मुझसे प्याज के बारे में मत पूछो। ऐसा लगता है कि प्रधानमंत्री इस मुद्दे को हल करना नहीं चाहते हैं।

Shiv Senas Scathing Attack On Central Government Over Onion Prices And Economy :

शिवसेना ने कहा कि जब नरेन्द्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे तब उन्होंने कहा था कि प्याज एक महत्वपूर्ण सब्जी है और सब्जी को लॉकर में रखना चाहिए। आज वह प्रधानमंत्री हैं तो उनकी नीति बदल गई है। शिवसेना ने सामना में लिखा है कि पंडित जवाहरलाल नेहरू और इंदिरा गांधी को देश की अर्थव्यवस्था के सर्वनाश के लिए जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता है। वर्तमान सरकार विशेषज्ञों को सुनने के मूड में नहीं है। उनके लिए अर्थव्यवस्था एक शेयर बाजार की तरह है।

शिवसेना ने सामना के जरिए ने नोटबंदी के मुद्दे को उठाते हुए कहा कि बहुत कम लोग प्रधानमंत्री कार्यालय में निर्णय लेते हैं। ये निर्णय सत्तारूढ़ पार्टी के अपने राजनीतिक और सामाजिक कार्यक्रमों के लिए मान्य हैं। लेकिन उनके फैसलों ने आर्थिक सुधारों को हाशिए पर डाल दिया है। नोटबंदी जैसे फैसले लेते हुए, देश के वित्त मंत्री को अंधेरे में रखा गया और भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर ने भी विरोध किया तो उन्हें हटा दिया गया।

शिवसेना ने गरीबी को कम करने के लिए पर्याप्त कदम न उठाने पर मोदी सरकार पर जमकर निशाना साधा। ग्लोबल हंगर इंडेक्स में इस बार 107 देशों की लिस्ट में भारत 102वे पायदान पर है। 2014 में भारत 55 वें स्थान पर था और पिछले पांच वर्षों में देश में गरीबी बढ़ी है, जबकि पड़ोसी देशों जैसे नेपाल, बांग्लादेश, पाकिस्तान यह कम हुई है। लोगों के हाथ में कोई काम नहीं है और न ही उनके पेट में खाना। यह हमारे देश के आम लोगों की स्थिति है लेकिन शासक इसे विकास कह रहे हैं। हमारी अर्थव्यवस्था बीमार है, लेकिन सरकार यह मानने को तैयार नहीं है।

नई दिल्ली। शिवसेना ने मंगलवार को भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर प्याज की बढ़ती कीमतों और अर्थव्यवस्था की स्थिति को लेकर जमकर निशाना साधा है। अपने मुखपत्र सामना में शिवसेना ने कहा है कि वर्तमान में अर्थव्यवस्था की गति धीमी हो रही है, लेकिन केन्द्र सरकार मानने को तैयार नहीं है। प्याज की कीमतें 200 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई हैं। वित्त मंत्री ने इस मामले में बहुत ही बचकाना जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि मैं प्याज-लहसुन नहीं खाती हूं, इसलिए मुझसे प्याज के बारे में मत पूछो। ऐसा लगता है कि प्रधानमंत्री इस मुद्दे को हल करना नहीं चाहते हैं। शिवसेना ने कहा कि जब नरेन्द्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे तब उन्होंने कहा था कि प्याज एक महत्वपूर्ण सब्जी है और सब्जी को लॉकर में रखना चाहिए। आज वह प्रधानमंत्री हैं तो उनकी नीति बदल गई है। शिवसेना ने सामना में लिखा है कि पंडित जवाहरलाल नेहरू और इंदिरा गांधी को देश की अर्थव्यवस्था के सर्वनाश के लिए जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता है। वर्तमान सरकार विशेषज्ञों को सुनने के मूड में नहीं है। उनके लिए अर्थव्यवस्था एक शेयर बाजार की तरह है। शिवसेना ने सामना के जरिए ने नोटबंदी के मुद्दे को उठाते हुए कहा कि बहुत कम लोग प्रधानमंत्री कार्यालय में निर्णय लेते हैं। ये निर्णय सत्तारूढ़ पार्टी के अपने राजनीतिक और सामाजिक कार्यक्रमों के लिए मान्य हैं। लेकिन उनके फैसलों ने आर्थिक सुधारों को हाशिए पर डाल दिया है। नोटबंदी जैसे फैसले लेते हुए, देश के वित्त मंत्री को अंधेरे में रखा गया और भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर ने भी विरोध किया तो उन्हें हटा दिया गया। शिवसेना ने गरीबी को कम करने के लिए पर्याप्त कदम न उठाने पर मोदी सरकार पर जमकर निशाना साधा। ग्लोबल हंगर इंडेक्स में इस बार 107 देशों की लिस्ट में भारत 102वे पायदान पर है। 2014 में भारत 55 वें स्थान पर था और पिछले पांच वर्षों में देश में गरीबी बढ़ी है, जबकि पड़ोसी देशों जैसे नेपाल, बांग्लादेश, पाकिस्तान यह कम हुई है। लोगों के हाथ में कोई काम नहीं है और न ही उनके पेट में खाना। यह हमारे देश के आम लोगों की स्थिति है लेकिन शासक इसे विकास कह रहे हैं। हमारी अर्थव्यवस्था बीमार है, लेकिन सरकार यह मानने को तैयार नहीं है।